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Jind News: प्रशासन ने माना व्यवस्थाओं में कमी, भूख-प्यास से मर रहे गोवंश

Sat, 31 Dec 2022 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2022 11:54 PM IST
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The administration accepted the lack of arrangements, cows dying of hunger and thirst
सुनंदी गोशाला का निरीक्षण करते नगराधीश अमित कुमार। विज्ञप्ति - फोटो : Jind
जींद। गोशालाओं में भूख, प्यास और समय से चिकित्सा सेवा नहीं मिलने के कारण गोवंशों की मौत मामले को आखिरकार प्रशासन ने शनिवार को संज्ञान में लिया। नगराधीश अमित कुमार ने नगर परिषद के अधिकारियों के साथ सुनंदी गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंश के रहने, खाने-पीने की व्यवस्था देखी। गोवंशों की दुर्दशा पर गोशाला प्रबंधन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोशाला प्रबंधन की गई व्यवस्थाओं की कमी है। इसी कारण गोवंश भूख-प्यास से मर रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर प्रशासन गोशाला की सफाई करवाएगा।
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दो गोशालाओं का दो दिन तक जायजा लेने के बाद अमर उजाला ने लगातार दो दिनों तक अव्यवस्थाओं पर खबरें प्रकाशित की थीं। शनिवार को अंक में पहले पेज पर ‘तीन-चार दिन बाद पहुंचते हैं डॉक्टर, समय से इलाज नहीं होने पर दम तोड़ रहे गोवंश’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसको संज्ञान में लेते हुए नगराधीश अमित कुमार ने गोशालाओं का निरीक्षण किया। नगराधीश ने कहा कि गोशाला व नंदीशाला समाज के सहयोग से ही चलती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा नंदीशाला व गोशाला में दान करें ताकि गोवंशों की भूख मिट सके। इस तरह का दान कभी व्यर्थ नहीं जाता है। नंदीशाला में गोवंशों को दिक्कत न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। नंदीशाला में कई व्यवस्था की जानी हैं।
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गोशाला में बीमार गोवंशों के उपचार के लिए एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन चिकित्सक गोशाला में कभी-कभार ही आते हैं। यह मुद्दा उठने पर नगराधीश ने कहा कि हर रोज एक चिकित्सक ड्यूटी पर आएगा।
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उल्लेखनीय है कि नगर परिषद की पहली बैठक में सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से गोशाला व नंदीशाला की मदद का प्रस्ताव पास किया था। नंदीशाला को धनराशि मुहैया कराई जानी थी। नगर परिषद ने लगभग 1500 गायों व नंदियों को गोशाला व नंदीशाला में छोड़ा लेकिन आज तक एक भी पैसा नहीं दिया। नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने कहा कि जल्द ही गोशाला की मदद के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।
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चार कर्मचारियों पर 830 गोवंश का जिम्मा
सुनंदी गोशाला में फिलहाल 830 गोवंश हैं। इनका जिम्मा चार कर्मचारियों पर है। ऐसे में गोवंश का रखरखाव सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। इस बात को प्रशासन ने भी माना है। गोवंश के चारे की उचित व्यवस्था नहीं बन पाती है और न ही बीमार गोवंश का अच्छे ढंग से ध्यान रखा जाता। बीमार गोवंश को चारा खिलाने और पानी पिलाने की व्यवस्था नहीं बनाई गई है। ऐसे में बीमार गोवंश भूख और प्यास से ही दम तोड़ देता है।

वर्जन
निरीक्षण के दौरान गोशाला में काफी खामियां मिलीं। गोवंश की दुर्दशा का कारण प्रबंधन की कमी भी है। गोशाला की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था करने की अपील शहरवासियों से की जाएगी। ताकि लोग गोशाला में चारा का दान करें।-अमित कुमार, नगराधीश, जींद।
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