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आधी रात शिक्षकों को उठाया

Tue, 15 Jul 2014 11:30 PM IST
जींद,अमरउजाला, ब्यूरो
जींद,अमरउजाला, ब्यूरो Updated Tue, 15 Jul 2014 11:30 PM IST
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स्कूलों के समायोजन के विरोध में लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे अध्यापकों को प्रशासन ने सोमवार आधी रात को जबरन उठा दिया।

इस दौरान प्रशासन ने आमरण अनशन पर बैठे प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेश खर्ब को पीजीआई में इलाज के लिए भर्ती कराया है।
संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील आर्य ने बताया कि अनशन के नौवें दिन रात के समय करीब 12 बजे पुलिस बल ने कार्यकारी एसडीएम एसके चहल और डीएसपी धर्मबीर पुनियां की मौजूदगी में आमरण अनशनकारी को एंबुलेंस से सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देख पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा कर प्रशासन ने दमनकारी नीतियों का प्रमाण दिया है।

 आर्य के अनुसार सोमवार को सामान्य अस्पताल के डॉ. पंकज अध्यापक के स्वास्थ्य की जांच के बाद खतरे के संकेत मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया था। डीसी राजीव रतन ने आमरण अनशनकारी के लिए इलाज जरूरी बताया था। रात को हुई कार्रवाई के दौरान अध्यापकों ने पुलिस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन जबरन राजेश खर्ब को एंबुलेंस में डाल दिया।
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पीजीआई में भी अनशन पर अड़े खर्ब
सुनील आर्य के अनुसार राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष राजेश खर्ब पीजीआई में भी अनशन पर अड़े हुए हैं। संघ के जिला प्रधान विजय सहारण ने कहा कि पुलिस ने जबरदस्ती उनके आंदोलन को नहीं कुचल सकती। पीजीआई में भर्ती राजेश खर्ब का अनशन जारी रहेगा। खर्ब तब तक पेट में अन्न और फल का एक भी दाना नहीं डालेंगे, जब तक सरकार स्कूलों के समायोजन की नीति को रद नहीं कर देती।
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