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कमजोर परीक्षा परिणाम देने वाली राजकीय स्कूलों के शिक्षकों को देना होगा जवाब
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जींद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद शिक्षा विभाग ने परीक्षा परिणाम की समीक्षा शुरू कर दी है। अब कमजोर परीक्षा परिणाम देने वाले राजकीय स्कूलों के शिक्षकों को स्पष्टीकरण देना होगा। विभाग ने सभी राजकीय विद्यालयों से परीक्षा परिणाम की रिपोर्ट तलब की है। मंथन के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा में कई राजकीय स्कूलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है तो कई ऐसे विद्यालय हैं जो फिसड्डी रहे हैं। ऐसे में खराब परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों से जवाब मांगा जाएगा। शिक्षा विभाग ने राजकीय विद्यालयों को पत्र भेजा है, जिसमें 10वीं व 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम मांगे गए हैं। विद्यालय से परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की संख्या उत्तीर्ण, अनुत्तीर्ण, कंपार्टमेंट के साथ-साथ विषयवार परिणाम का ब्योरा मांगा गया है। ऐसे में खंड शिक्षा अधिकारियों से उनके ब्लाक की रिपोर्ट मांगी गई है। ब्लाक स्तर पर कमजोर या अच्छे परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। इस पर मंथन पर अगली बार बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए अनिवार्य कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद कमजोर परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों की व्यवस्थाएं जांची जाएंगी।
बीईओ ने स्कूलों से मांगे रिकार्ड
ब्लाक स्तर पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों का रिकार्ड मांगा है, जो शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी। रिकार्ड में अलग अलग तरह की जानकारी मांगी गई है। इसमें स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कितनी है, कौन से विषय के शिक्षक नहीं हैं, स्कूलों में बिजली व पानी की क्या व्यवस्था है, स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कितनी है, स्कूलों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की संख्या कितनी है, स्कूलों में आने-जाने के लिए वाहनों की सुविधाएं विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति कितनी रहती है आदि के बारे में जानकारी मांगी गई है।
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वर्जन
10वीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद राजकीय स्कूलों के परिणाम की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसे में जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम खराब हैं, उनके कारणों का पता किया जाएगा। इससे अगले साल बेहतर परीक्षा परिणाम लाने में सहायता मिलेगी।-मदन सिंह चोपड़ा जिला शिक्षा अधिकारी जींद।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा में कई राजकीय स्कूलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है तो कई ऐसे विद्यालय हैं जो फिसड्डी रहे हैं। ऐसे में खराब परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों से जवाब मांगा जाएगा। शिक्षा विभाग ने राजकीय विद्यालयों को पत्र भेजा है, जिसमें 10वीं व 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम मांगे गए हैं। विद्यालय से परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की संख्या उत्तीर्ण, अनुत्तीर्ण, कंपार्टमेंट के साथ-साथ विषयवार परिणाम का ब्योरा मांगा गया है। ऐसे में खंड शिक्षा अधिकारियों से उनके ब्लाक की रिपोर्ट मांगी गई है। ब्लाक स्तर पर कमजोर या अच्छे परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। इस पर मंथन पर अगली बार बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए अनिवार्य कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद कमजोर परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों की व्यवस्थाएं जांची जाएंगी।
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बीईओ ने स्कूलों से मांगे रिकार्ड
ब्लाक स्तर पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों का रिकार्ड मांगा है, जो शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी। रिकार्ड में अलग अलग तरह की जानकारी मांगी गई है। इसमें स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कितनी है, कौन से विषय के शिक्षक नहीं हैं, स्कूलों में बिजली व पानी की क्या व्यवस्था है, स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कितनी है, स्कूलों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की संख्या कितनी है, स्कूलों में आने-जाने के लिए वाहनों की सुविधाएं विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति कितनी रहती है आदि के बारे में जानकारी मांगी गई है।
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10वीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद राजकीय स्कूलों के परिणाम की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसे में जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम खराब हैं, उनके कारणों का पता किया जाएगा। इससे अगले साल बेहतर परीक्षा परिणाम लाने में सहायता मिलेगी।-मदन सिंह चोपड़ा जिला शिक्षा अधिकारी जींद।