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Jind News: 30 मार्च तक लें वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का लाभ
Wed, 31 Jan 2024 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 31 Jan 2024 12:25 AM IST
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30जेएनडी03: जानकारी देते हुए डीसी मोहम्मद इमरान रजा। स्वयं
जींद। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि आबकारी व कराधान विभाग कर वसूली को लेकर वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। पंजीकृत व्यापारी और उद्योगपति 30 मार्च तक योजना का लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कर वसूली के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग ने ओटीएस योजना के तहत छूट दी है। योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। ये नामत: स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं। योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख रुपये तक की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज व दंड राशि शून्य हो जाएगा। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख रुपये से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत व अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। अंतरीय कर के तहत 30 प्रतिशत टैक्स राशि जमा करने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। इस योजना के तहत व्यापारी और उद्योगपति 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर इसका लाभ उठा सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि कर वसूली के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की है। जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग ने ओटीएस योजना के तहत छूट दी है। योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। ये नामत: स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विवादित कर और अंतरीय कर हैं। योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख रुपये तक की कर राशि का 30 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर का भुगतान करने पर ब्याज व दंड राशि शून्य हो जाएगा। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख रुपये से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत व अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। अंतरीय कर के तहत 30 प्रतिशत टैक्स राशि जमा करने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। इस योजना के तहत व्यापारी और उद्योगपति 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर इसका लाभ उठा सकते हैं।

30जेएनडी03: जानकारी देते हुए डीसी मोहम्मद इमरान रजा। स्वयं
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