जींद। उचाना के एसडीएम कार्यालय के सरल केंद्र में कार्यरत महिला कर्मचारी के आत्महत्या प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के लिए बुधवार को परिजन व ग्रामीण डीआईजी से मिले। इस दौरान महिला कर्मी के पति ने कहा कि साहब, बच्चे अब अकेले हैं, वह पूछते हैं मम्मी के हत्यारे कब पकड़े जाएंगे, लेकिन इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता। इस पर डीआईजी ओपी नरवाल ने कहा कि वह पंचायत के सामने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का समय मांगते हैं। अगर वह तीन दिन में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाए तो उनको लाइन हाजिर कर दिया जाएगा।
याद रहे कि एक जनवरी को सरल केंद्र में कार्यरत 34 वर्षीय महिला कर्मचारी ने अपने घर पर जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली थी। खुदकुशी से पहले महिला ने चार पेज के सुसाइड नोट और ऑडियो में प्रताड़ना और भ्रष्टाचार का जिक्र किया था। महिला का आरोप था कि एसडीएम उचाना ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर एसडीएम समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। बुधवार को ग्रामीणों ने डीआईजी से कहा कि उन्होंने पहले भी उनसे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन तीन दिन का समय बीतने के बाद एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। इस पर डीआईजी ने कहा कि सभी आरोपी फरार चल रहे हैं, लेकिन ग्रामीण बोले- सभी ड्यूटी पर हैं, कोई भी फरार नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर तीन दिन के बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो वह जींद-नरवाना हाईवे को जाम कर देंगे।