{"_id":"5fc7db098ebc3e5fac5ac41f","slug":"subhash-and-manju-dhigana-have-been-celebrating-their-wedding-anniversary-by-donating-blood-for-15-years-jind-news-rtk5847504142","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 साल से रक्तदान कर शादी की सालगिरह मना रहे सुभाष और मंजू ढिगाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 साल से रक्तदान कर शादी की सालगिरह मना रहे सुभाष और मंजू ढिगाना
विज्ञापन
शिविर में रक्तदान करते सुभाष ढिगाना, साथ में हैं उनकी पत्नी मंजू ढिगाना। अमर उजाला
- फोटो : Jind
अपने जीवन के महत्वपूर्ण मौके को अनोखे तरीके से मनाने वाले तो बहुत हैं, लेकिन सुभाष और मंजू ढिगाना जैसे लोग कम ही होंगे। सुभाष और मंजू ढिगाना अपनी शादी की सालगिरह पर हर साल रक्तदान शिविर लगाते हैं। वे पिछले 15 साल से यह अभियान चला रहे हैं। अब शुक्रवार को 16वीं सालगिरह पर भी रक्तदान शिविर लगाएंगे। समाजसेवा करने वाले सुभाष ढिगाना को 2012 में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
सुभाष ढिगाना ने 1998 में पहली बार 20 साल की उम्र में रक्तदान किया। हुआ यूं कि रिश्तेदार को खून की जरूरत थी, जिसका इंतजाम बड़ी मुश्किल से किया गया। सुभाष ढिगाना ने तभी से तय कर लिया कि अब खून के लिए लोगों को परेशानी नहीं होगी। सुभाष ढिगाना खुद 1998 से अब तक 47 बार और उनकी पत्नी मंजू ढिगाना 18 बार रक्तदान कर चुकी हैं।
आठ महीने हर रोज लगाया रक्तदान शिविर
2011-12 में सुभाष ढिगाना स्वच्छता अभियान के तहत डीआरडीए में नौकरी करते थे। तब उन्होंने योजना बनाकर आठ महीने लगातार हर दिन रक्तदान शिविर लगाया। इन आठ महीने में साढ़े छह हजार से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया गया था।
विज्ञापन
अब हर सप्ताह लगवाते हैं रक्तदान शिविर
2012 के बाद सुभाष ढिगाना हर सप्ताह रक्तदान शिविर लगाते हैं। हर शनिवार को रक्तदान शिविर का आयोजन जिले में किया जाता है। लॉकडाउन के दौरान भी 17 रक्तदान शिविर लगा चुके हैं। हालांकि इस दौरान अधिक लोग एक जगह नहीं जुट पाए थे, लेकिन उनके प्रयासों से जींद के ब्लड बैंक में कभी रक्त की कमी नहीं हुई।
विज्ञापन
सुभाष ढिगाना ने 1998 में पहली बार 20 साल की उम्र में रक्तदान किया। हुआ यूं कि रिश्तेदार को खून की जरूरत थी, जिसका इंतजाम बड़ी मुश्किल से किया गया। सुभाष ढिगाना ने तभी से तय कर लिया कि अब खून के लिए लोगों को परेशानी नहीं होगी। सुभाष ढिगाना खुद 1998 से अब तक 47 बार और उनकी पत्नी मंजू ढिगाना 18 बार रक्तदान कर चुकी हैं।
विज्ञापन
आठ महीने हर रोज लगाया रक्तदान शिविर
2011-12 में सुभाष ढिगाना स्वच्छता अभियान के तहत डीआरडीए में नौकरी करते थे। तब उन्होंने योजना बनाकर आठ महीने लगातार हर दिन रक्तदान शिविर लगाया। इन आठ महीने में साढ़े छह हजार से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया गया था।
विज्ञापन
अब हर सप्ताह लगवाते हैं रक्तदान शिविर
2012 के बाद सुभाष ढिगाना हर सप्ताह रक्तदान शिविर लगाते हैं। हर शनिवार को रक्तदान शिविर का आयोजन जिले में किया जाता है। लॉकडाउन के दौरान भी 17 रक्तदान शिविर लगा चुके हैं। हालांकि इस दौरान अधिक लोग एक जगह नहीं जुट पाए थे, लेकिन उनके प्रयासों से जींद के ब्लड बैंक में कभी रक्त की कमी नहीं हुई।