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Jind News: एचपीएससी और मुख्यमंत्री के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, विवि में फूंका पुतला
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फोटो 02जेएनडी19-सीआरएसयू के बाहर मुख्यमंत्री और एचपीएससी चेयरमैन का पुतला फूंकते युवा संगठन सदस
जींद। किसान छात्र एकता संगठन और इंडिपेंडेंट यूथ फ्रंट के संयुक्त नेतृत्व में वीरवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में एचपीएससी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उन्होंने पुतला फूंककर रोष जताया।
किसान छात्र एकता संगठन के नेता अभिषेक जुलाना ने कहा कि पंचकूला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आमरण अनशन पर बैठे एचपीएससी अभ्यर्थियों को पुलिस द्वारा जबरन हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। युवाओं की आवाज सुनने के बजाय सरकार ने दमनकारी रवैया अपनाते हुए आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त कराने का प्रयास किया।
इंडिपेंडेंट यूथ फ्रंट के नेता अमित आदिवाल ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर कार्रवाई करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही अभ्यर्थियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर के युवा संगठनों को साथ लेकर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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उनकी मांग है कि अभ्यर्थियों की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए, पंचकूला में हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए व भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलनों पर बल प्रयोग की नीति को तुरंत बंद किया जाए। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस मौके पर नवरतन माथुर, राहुल चौहान, वेद पाथरी, गौरव मुवाल, आर्यन, हरदयाल मौजूद रहे।
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किसान छात्र एकता संगठन के नेता अभिषेक जुलाना ने कहा कि पंचकूला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आमरण अनशन पर बैठे एचपीएससी अभ्यर्थियों को पुलिस द्वारा जबरन हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। युवाओं की आवाज सुनने के बजाय सरकार ने दमनकारी रवैया अपनाते हुए आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त कराने का प्रयास किया।
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इंडिपेंडेंट यूथ फ्रंट के नेता अमित आदिवाल ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर कार्रवाई करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही अभ्यर्थियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर के युवा संगठनों को साथ लेकर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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उनकी मांग है कि अभ्यर्थियों की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए, पंचकूला में हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए व भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलनों पर बल प्रयोग की नीति को तुरंत बंद किया जाए। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस मौके पर नवरतन माथुर, राहुल चौहान, वेद पाथरी, गौरव मुवाल, आर्यन, हरदयाल मौजूद रहे।