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फीस बढ़ोतरी के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने केएम कॉलेज गेट पर जड़ा ताला
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कॉलेज में फीस बढ़ोतरी को लेकर शुक्रवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने केएम कॉलेज के गेट पर ताला जड़ कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इसके बाद एबीवीपी सदस्यों ने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोनू फरैण व छात्र संघ के प्रधान सुनील उझाना के नेतृत्व में कालेज प्रिंसिपल को हरियाणा सरकार ने नाम एक ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर सोनू फरैण ने कहा कि सरकार ने फीस में कई गुणा वृद्धि कर दी । जिसको विद्यार्थी परिषद स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ज्ञापन के माध्यम से सरकार को चेताया था, लेकिन सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद् पूरे प्रांत मेे सरकार के इस फैसले का विरोध करेगा। छात्र संघ के प्रधान सुनील उझाना ने कहा कि सरकारी कॉलेजों में फीस बढ़ोतरी एक छात्र विरोधी कदम है। उन्होंने कहा कि इस कदम से ज्यादातर गरीब छात्र प्रभावित होंगे। फीस बढ़ोतरी के लिए सरकार की तरफ से कोई उचित कारण नहीं दिया। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए यह फैसला बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की पोल खोलता है। सरकार छात्र विरोधी नीतियां लाकर उन्हें शिक्षा से वंचित कर रही है। सदस्यों ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द इस फैसले को वापस ले अन्यथा पूरे प्रांत में विद्यार्थी परिषद् सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे।
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इस मौके पर सोनू फरैण ने कहा कि सरकार ने फीस में कई गुणा वृद्धि कर दी । जिसको विद्यार्थी परिषद स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ज्ञापन के माध्यम से सरकार को चेताया था, लेकिन सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद् पूरे प्रांत मेे सरकार के इस फैसले का विरोध करेगा। छात्र संघ के प्रधान सुनील उझाना ने कहा कि सरकारी कॉलेजों में फीस बढ़ोतरी एक छात्र विरोधी कदम है। उन्होंने कहा कि इस कदम से ज्यादातर गरीब छात्र प्रभावित होंगे। फीस बढ़ोतरी के लिए सरकार की तरफ से कोई उचित कारण नहीं दिया। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए यह फैसला बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की पोल खोलता है। सरकार छात्र विरोधी नीतियां लाकर उन्हें शिक्षा से वंचित कर रही है। सदस्यों ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द इस फैसले को वापस ले अन्यथा पूरे प्रांत में विद्यार्थी परिषद् सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे।
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