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स्काइलार्क के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग टीम की दबिश
ब्यूरो अमर उजाला जींद
Updated Wed, 26 Apr 2017 12:31 AM IST
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जींद के रोहतक रोड स्थित स्काइलार्क कंपनी के मुख्यालय पर पहुंची आयकर विभाग की टीम।
- फोटो : amarujala beuro
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पोल्ट्री व्यवसाय की कंपनी स्काइलार्क के संचालक और सफीदों से निर्दलीय विधायक जसबीर देशवाल के आवास और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर मंगलवार को आयकर विभाग की टीमों ने दबिश दी। आयकर विभाग की टीम जींद और सफीदों में उनके लगभग दो दर्जन प्रतिष्ठानों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में बने कार्यालयों पर एक साथ दबिश दी। मंगलवार अल सुबह ही आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जाहिद प्रवेश के नेतृत्व में 40 गाड़ियों में सवार दो दर्जन से अधिक आयकर विभाग की टीम एक साथ सभी प्रतिष्ठानों पर पहुंची और वहां पर पहुंचकर रिकार्ड को कब्जे में ले लिया। इस दौरान टीमों ने प्रत्येक प्रतिष्ठान पर पूरे दिन रिकार्ड को खंगाला और देर रात तक वहीं पर डेरा जमाए रखा। आयकर विभाग की टीम ने विधायक के निवास स्थान शंकर भवन सहित कार्यालय, कंप्यूटर रूम, पीए कार्यालय, गांव धर्मगढ़ रोड पर स्थित स्काईलार्क फीड मील, गांव अंटा में स्थित मेटिस कॉलेज, शंकर हैचरी, कंपनी के एमडी जगबीर ढूल के अर्बन एस्टेट आवास, उसके भतीजे संजय देशवाल की दुकान, रोहतक रोड स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय पर पहुंची और सभी जगह रिकार्ड को खंगाला। सूत्रों के अनुसार स्काइलार्क ग्रुप ने अपनी आय काफी कम दिखाई है। पोल्ट्री का कई सौ करोड़ रुपये का सालाना टर्न ओवर है। वास्तविक आय से कहीं ज्यादा कम आमदनी स्काइलार्क ग्रुप ने दिखाई गई है। जांच टीम कार्यालयों में रखे रिकॉर्ड और दर्शाए गए आय के रिकॉर्ड की जांच में जुटी है। वहीं नोटबंदी के दौरान भी लेनदेन में अनियमितता हुई है। बताया जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान बड़े स्तर पर लेनदेन हुआ है। इंवेस्टिगेशन टीम ने स्काईलार्क ग्रुप के कार्यालयों में छापामारी कर रिकॉर्ड खंगाला और कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच देर रात तक जारी रही।
आधा दर्जन गाड़ियों के माध्यम से पैसा पहुंचाया बैंक
आयकर विभाग की टीम ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उच्च अधिकारियों के घरों पर छापामारी की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान आयकर विभाग की टीम ने करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई। इसको आयकर विभाग की टीमों ने मशीनों के माध्यम से गिनती की और उसके बाद कैश वैनों की व्यवस्था की गई। इसके माध्यम से पकड़े गए पैसों को बैंकों तक पहुंचाकर खातों में जमा करवाया गया।
टॉप पांच कंपनियों में शामिल स्काइलार्क
देश की टॉप पांच कंपनियों में शामिल स्काइलार्क कंपनी का सालाना लगभग दो हजार करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर है। कंपनी देश के सभी राज्यों के अलावा विदेश में भी पोल्ट्री का व्यवसाय से जुड़ी है। स्काइलार्क कंपनी पोल्ट्री व्यवसाय में देश ही नहीं बल्कि विश्व में अपना स्थान बनाया है। इस कंपनी का पूरा कारोबार सफीदों से निर्दलीय विधायक जसबीर देशवाल और उसके साले सुरेंद्र ढुल देखते हैं। कंपनी ने जींद के अलावा देश के सभी राज्यों के अंदर अपने कार्यालयों की बनाए हैं, जिसका मुख्य संचालक जींद के अंदर से ही होता है।
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160 के करीब कर्मचारी और आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह ही एक साथ जिले में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापामारी की। जिले में 40 गाड़ियों में पहुंचे दर्जनों अधिकारियों ने एक साथ विधायक और उनके परिवार के लोगों के संस्थानों पर जांच शुरू की। छापेमारी में गुड़गांव के अलावा अंबाला, पंचकूला, जालंधर, अमृतसर, जम्मू, दिल्ली समेत कई स्थानों से आयकर विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया।
कुरुक्षेत्र गुरुकुल पर भी छापामारी
सूत्रों के अनुसार विधायक जसबीर देशवाल के रिश्तेदार हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल देववर्त आर्य के कुरुक्षेत्र गुरुकुल पर भी आयकर विभाग की टीम द्वारा छापामारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा राज्यपाल और विधायक के बीच व्यावसायिक तालमेल की जांच करना भी एक उद्देश्य हो सकता है।
विधायक के बेटे जितेंद्र देशवाल ने बताया कि स्काइलार्क कंपनी जब से बनी है, हमेशा से ही पक्के में कार्य कर रहे हैं। दो नंबर में कोई काम नहीं किया जाता है। ये कानूनी प्रक्रिया है। वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। विधायक जसबीर देशवाल दो दिन से बाहर है। उन्हें भी फोन से पता चला है कि इस प्रकार की छापामारी की गई है। हमें कोई दिक्कत नहीं है, कोई भी जांच कर सकता है।
राजनीति साजिश करार दिया
विधायक जसबीर देशवाल के पीए ओमप्रकाश भागखेड़ा ने कहा कि यह छापामारी राजनीतिक षड्यंत्र के तहत की गई है।
प्रदेश सरकार में जसबीर देशवाल ने बीजेपी को समर्थन दिया हुआ है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में उनके यहां छापामारी को लेकर चर्चा है। स्काइलार्क ग्रुप का पोल्ट्री फार्म का कारोबार हरियाणा के अलावा हिमाचल, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब में फैला है। जांच टीम ने मीडिया से भी दूरी बनाए रखी और छापामारी के बारे में कुछ बताने से इंकार कर दिया। इससे पहले भी जींद में आयकर विभाग ने छापामारी की थी और जींद व सफीदों में तीन व्यवसायियों का रिकॉर्ड खंगाल कर उनसे सवा करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सेरेंडर करवाई थी, लेकिन इतने बड़े स्तर पर जींद में पहली बार कार्रवाई हुई है।
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आधा दर्जन गाड़ियों के माध्यम से पैसा पहुंचाया बैंक
आयकर विभाग की टीम ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उच्च अधिकारियों के घरों पर छापामारी की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान आयकर विभाग की टीम ने करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई। इसको आयकर विभाग की टीमों ने मशीनों के माध्यम से गिनती की और उसके बाद कैश वैनों की व्यवस्था की गई। इसके माध्यम से पकड़े गए पैसों को बैंकों तक पहुंचाकर खातों में जमा करवाया गया।
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टॉप पांच कंपनियों में शामिल स्काइलार्क
देश की टॉप पांच कंपनियों में शामिल स्काइलार्क कंपनी का सालाना लगभग दो हजार करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर है। कंपनी देश के सभी राज्यों के अलावा विदेश में भी पोल्ट्री का व्यवसाय से जुड़ी है। स्काइलार्क कंपनी पोल्ट्री व्यवसाय में देश ही नहीं बल्कि विश्व में अपना स्थान बनाया है। इस कंपनी का पूरा कारोबार सफीदों से निर्दलीय विधायक जसबीर देशवाल और उसके साले सुरेंद्र ढुल देखते हैं। कंपनी ने जींद के अलावा देश के सभी राज्यों के अंदर अपने कार्यालयों की बनाए हैं, जिसका मुख्य संचालक जींद के अंदर से ही होता है।
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160 के करीब कर्मचारी और आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह ही एक साथ जिले में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापामारी की। जिले में 40 गाड़ियों में पहुंचे दर्जनों अधिकारियों ने एक साथ विधायक और उनके परिवार के लोगों के संस्थानों पर जांच शुरू की। छापेमारी में गुड़गांव के अलावा अंबाला, पंचकूला, जालंधर, अमृतसर, जम्मू, दिल्ली समेत कई स्थानों से आयकर विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया।
कुरुक्षेत्र गुरुकुल पर भी छापामारी
सूत्रों के अनुसार विधायक जसबीर देशवाल के रिश्तेदार हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल देववर्त आर्य के कुरुक्षेत्र गुरुकुल पर भी आयकर विभाग की टीम द्वारा छापामारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा राज्यपाल और विधायक के बीच व्यावसायिक तालमेल की जांच करना भी एक उद्देश्य हो सकता है।
विधायक के बेटे जितेंद्र देशवाल ने बताया कि स्काइलार्क कंपनी जब से बनी है, हमेशा से ही पक्के में कार्य कर रहे हैं। दो नंबर में कोई काम नहीं किया जाता है। ये कानूनी प्रक्रिया है। वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। विधायक जसबीर देशवाल दो दिन से बाहर है। उन्हें भी फोन से पता चला है कि इस प्रकार की छापामारी की गई है। हमें कोई दिक्कत नहीं है, कोई भी जांच कर सकता है।
राजनीति साजिश करार दिया
विधायक जसबीर देशवाल के पीए ओमप्रकाश भागखेड़ा ने कहा कि यह छापामारी राजनीतिक षड्यंत्र के तहत की गई है।
प्रदेश सरकार में जसबीर देशवाल ने बीजेपी को समर्थन दिया हुआ है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में उनके यहां छापामारी को लेकर चर्चा है। स्काइलार्क ग्रुप का पोल्ट्री फार्म का कारोबार हरियाणा के अलावा हिमाचल, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब में फैला है। जांच टीम ने मीडिया से भी दूरी बनाए रखी और छापामारी के बारे में कुछ बताने से इंकार कर दिया। इससे पहले भी जींद में आयकर विभाग ने छापामारी की थी और जींद व सफीदों में तीन व्यवसायियों का रिकॉर्ड खंगाल कर उनसे सवा करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सेरेंडर करवाई थी, लेकिन इतने बड़े स्तर पर जींद में पहली बार कार्रवाई हुई है।