{"_id":"07c5229eff13840998750b758d7f3d5a","slug":"sgpc-controversy-gurudwara-start-kilabandi","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसजीपीसी विवाद: गुरुद्वारे की किलाबंदी शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसजीपीसी विवाद: गुरुद्वारे की किलाबंदी शुरू
जींद, अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jul 2014 12:11 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके तहत जिले के प्रमुख गुरुद्वारों पर शिरोमणि अकाली दल की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
विभिन्न गुरुद्वारों पर एसजीपीसी और शिरोमणि अकाली दल के करीब दो दर्जन लोगों ने मोर्चा संभाल लिया है। वहीं खुफिया विभाग भी खास नजर बनाए है।
जिले में एसजीपीसी के अधीन चार गुरुद्वारे हैं। इनमें जींद स्थित गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर के पास करीब 770 एकड़ जमीन है और गुरुद्वारा को करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की आय सालाना होती है।
गुरुद्वारा के सूत्रों के अनुसार गुरुद्वारा में कुल 27 पक्के कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से दो पंजाब से हैं और 25 हरियाणा के। इसके अलावा खेतों में काम करने के लिए 35 मजदूर रखे हैं।
विज्ञापन
गुरुद्वारा के गुल्लक से प्रति माह करीब एक लाख रुपये की आमदनी होती है और गुरुद्वारा का बिजली का खर्च प्रति माह करीब एक लाख रुपये है। गुरुद्वारा के लंगर पर प्रति वर्ष करीब 40 लाख रुपये खर्च होते हैं।
बॉक्स
विधायकों ने भी डाला डेरा
हालांकि गुरुद्वारा प्रबंधन इसकी पुष्टि नहीं कर रहा, लेकिन खुफिया विभाग के शीर्ष सूत्रों के अनुसार गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर धमतान साहिब, गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर जींद में अकाली दल के विधायक भी पहुंचे हैं। सूत्रों के अनुसार धमतान साहिब गुरुद्वारा में शनिवार को तीन विधायक पहुंचे हैं। वहीं जींद गुरुद्वारा में करीब दो दर्जन लोग बाहर से पहुंच हैं। पिछले चार-पांच दिन में जींद के गुरुद्वारा में चार दर्जन अकाली नेता आ चुके हैं।
हर गतिविधि पर नजर
सीआईडी के एक अधिकारी के अनुसार गुरुद्वारा में गतिविधियां तो पहले भी चलती थी, लेकिन अब कुछ बढ़ गई हैं। इन पर खुफिया विभाग नजर गड़ाए हुए हैं। लोग यहां रुक नहीं रहे हैं, आते हैं और एक दिन या एक रात रुक कर चले जाते हैं।
बाहर से कोई नहीं आया
गुरुद्वारा के हालात सामान्य हैं, यहां बाहर से कोई भी लोग नहीं आए हैं। जो भी कार्रवाई होगी, हाई कमंाड के आदेश पर होगी। फिलहाल कोई ऐसी बात नहीं है।
सरदार जगजीत सिंह, प्रबंधक, गुरुद्वारा जींद
विभिन्न गुरुद्वारों पर एसजीपीसी और शिरोमणि अकाली दल के करीब दो दर्जन लोगों ने मोर्चा संभाल लिया है। वहीं खुफिया विभाग भी खास नजर बनाए है।
जिले में एसजीपीसी के अधीन चार गुरुद्वारे हैं। इनमें जींद स्थित गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर के पास करीब 770 एकड़ जमीन है और गुरुद्वारा को करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की आय सालाना होती है।
विज्ञापन
गुरुद्वारा के सूत्रों के अनुसार गुरुद्वारा में कुल 27 पक्के कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से दो पंजाब से हैं और 25 हरियाणा के। इसके अलावा खेतों में काम करने के लिए 35 मजदूर रखे हैं।
विज्ञापन
गुरुद्वारा के गुल्लक से प्रति माह करीब एक लाख रुपये की आमदनी होती है और गुरुद्वारा का बिजली का खर्च प्रति माह करीब एक लाख रुपये है। गुरुद्वारा के लंगर पर प्रति वर्ष करीब 40 लाख रुपये खर्च होते हैं।
बॉक्स
विधायकों ने भी डाला डेरा
हालांकि गुरुद्वारा प्रबंधन इसकी पुष्टि नहीं कर रहा, लेकिन खुफिया विभाग के शीर्ष सूत्रों के अनुसार गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर धमतान साहिब, गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर जींद में अकाली दल के विधायक भी पहुंचे हैं। सूत्रों के अनुसार धमतान साहिब गुरुद्वारा में शनिवार को तीन विधायक पहुंचे हैं। वहीं जींद गुरुद्वारा में करीब दो दर्जन लोग बाहर से पहुंच हैं। पिछले चार-पांच दिन में जींद के गुरुद्वारा में चार दर्जन अकाली नेता आ चुके हैं।
हर गतिविधि पर नजर
सीआईडी के एक अधिकारी के अनुसार गुरुद्वारा में गतिविधियां तो पहले भी चलती थी, लेकिन अब कुछ बढ़ गई हैं। इन पर खुफिया विभाग नजर गड़ाए हुए हैं। लोग यहां रुक नहीं रहे हैं, आते हैं और एक दिन या एक रात रुक कर चले जाते हैं।
बाहर से कोई नहीं आया
गुरुद्वारा के हालात सामान्य हैं, यहां बाहर से कोई भी लोग नहीं आए हैं। जो भी कार्रवाई होगी, हाई कमंाड के आदेश पर होगी। फिलहाल कोई ऐसी बात नहीं है।
सरदार जगजीत सिंह, प्रबंधक, गुरुद्वारा जींद