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एससीईआरटी गुरुग्राम ने किया योग का सिलेबस का प्रारूप तैयार

Thu, 19 Aug 2021 10:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 10:44 PM IST
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SCERT Gurugram prepared the syllabus of Yoga
जींद। आगामी सत्र से योग एक विषय के रूप में सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। यह घोषणा योग दिवस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। इस घोषणा के अनुरूप राज्य स्तर पर योग का पाठ्यक्रम बनाने के लिए एक समिति का गठन किया गया। इसमे आठ सदस्य, एससीईआरटी तथा 13 सदस्य योग आयोग की ओर से लिए गए।
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एससीईआरटी गुरुग्राम ने योग का सिलेबस का प्रारूप तैयार किया तथा उस पर चर्चा करने के लिए एक ऑनलाइन बैठक योग आयोग हरियाणा के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य की अध्यक्षता में की। इस समिति के सदस्य के रूप में डीएवी संस्थाओं के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने भी भाग लिया। एससीईआरटी द्वारा तैयार सिलेबस के अनुसार प्रत्येक कक्षा में प्रति सप्ताह दो पीरियड लगाए गए हैं तथा प्राइमरी में 80 प्रतिशत प्रेक्टिकल और 20 अंकों का लिखित परीक्षा रखी गई है। मिडिल क्लास में 70 अंकों का प्रेक्टिकल तथा 30 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। वहीं हाई सेक्शन में 60 अंकों का प्रेक्टिकल और 40 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। पाठ्यक्रम को एनसीईआरटी तथा एसईआरटी गुरुग्राम तथा योग आयोग के सदस्यों ने मंथन किया।
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योग पाठ्यक्रम निर्माण समिति के सदस्य डॉॅ. धर्मदेव विद्यार्थी ने सुझाव दिया कि प्राइमरी स्तर पर योग की लिखित परीक्षा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि बच्चों को परीक्षा का तनाव रहता है। वही उनका बैग का बोझ बढ़ने की संभावना भी रहेगी। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि प्राइमरी स्तर तक 100 अंकों का प्रेक्टिकल ही हो तो ज्यादा अच्छा है। इसके साथ उन्होंने यह भी मांग की कि प्रत्येक स्कूल में योग प्रशिक्षक कोच लगाए जाएं तभी योग का विकास होगा।
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डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि भारत सरकार ने योग को खेल के रूप में भी मान्यता दी है। इसलिए यह जरूरी है कि प्रत्येक स्कूल में योग पाठ्यक्रम लागू हो तथा वह यह प्रयास करेंगे कि आगामी सत्र से योग विषय के रूप में सभी स्कूलों में लागू हो जाए। डॉ. जयदीप आर्य ने आश्वस्त किया कि सभी सदस्यों के सुझाव को मद्देनजर रखते हुए पाठ्यक्रम में जो भी संभव होगा संशोधन किया जाएगा तथा सभी स्कूलों के लिए प्रारंभिक स्तर पर प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक को योग की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि यह पाठ्यक्रम सुचारू रूप से अपनाया जा सके। इस अवसर पर जस्टिस प्रीतम पाल, डॉ. राजेंद्र, डॉ. सरोज यादव व डॉ. सुमित दुबे भी मौजूद रहे।
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