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Jind News: नागरिक अस्पताल से शिफ्ट होगा सखी वन स्टाॅप सेंटर
Sat, 02 Aug 2025 12:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:34 AM IST
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जींद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि नागरिक अस्पताल से सखी वन स्टाॅप सेंटर शिफ्ट होगा। इस जगह पर एमआरआई मशीन लाने की योजना बनाई जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों को सखी वन स्टॉप सेंटर को खाली करवाने के निर्देश मिले हैं। सेंटर की जगह अस्पताल प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई गई है।
महिला एवं बाल विकास की ओर से नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के कमरा नंबर 133 व 134 में सखी (वन स्टॉप सेंटर) चलाया जा रहा है। सेंटर जो हिंसा से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सीय और कानूनी सहायता प्रदान करता है। यहां पीड़ितों के ठहरने की जगह भी है। जिस जगह पर यह सेंटर चलाया जा रहा है वह स्वास्थ्य विभाग की है।
चार दिन पहले एमडी एनएचएम के निर्देशन में सार्थक टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। इसमें अधिकारियों ने आदेश दिए थे कि वन स्टॉप सेंटर को अस्पताल से कहीं और शिफ्ट करवाया जाए ताकि यहां एमआरआई का प्रोजेक्ट लाया जा सके।
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अब स्वास्थ्य विभाग को एमआरआई मशीन के लिए जगह की जरूरत है। इस सुविधा के शुरू होने से स्थानीय मरीजों को एमआरआई जांच के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एमआरआई पर औसतन तीन हजार रुपये का खर्च आता है।
अधिकारियों को जगह खाली करने के लिए कहा : डॉ. पूनिया
नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. रघुवीर पूनिया ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर अधिकारियों को अस्पताल की जगह खाली करने के लिए कहा गया है। जितना जल्दी यह होगा उतना ही जल्द अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित करने का रास्ता साफ होगा। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक ने स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
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महिला एवं बाल विकास की ओर से नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के कमरा नंबर 133 व 134 में सखी (वन स्टॉप सेंटर) चलाया जा रहा है। सेंटर जो हिंसा से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सीय और कानूनी सहायता प्रदान करता है। यहां पीड़ितों के ठहरने की जगह भी है। जिस जगह पर यह सेंटर चलाया जा रहा है वह स्वास्थ्य विभाग की है।
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चार दिन पहले एमडी एनएचएम के निर्देशन में सार्थक टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। इसमें अधिकारियों ने आदेश दिए थे कि वन स्टॉप सेंटर को अस्पताल से कहीं और शिफ्ट करवाया जाए ताकि यहां एमआरआई का प्रोजेक्ट लाया जा सके।
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अब स्वास्थ्य विभाग को एमआरआई मशीन के लिए जगह की जरूरत है। इस सुविधा के शुरू होने से स्थानीय मरीजों को एमआरआई जांच के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एमआरआई पर औसतन तीन हजार रुपये का खर्च आता है।
अधिकारियों को जगह खाली करने के लिए कहा : डॉ. पूनिया
नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. रघुवीर पूनिया ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर अधिकारियों को अस्पताल की जगह खाली करने के लिए कहा गया है। जितना जल्दी यह होगा उतना ही जल्द अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित करने का रास्ता साफ होगा। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक ने स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।