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नागरिक अस्पताल पहुंची कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर मशीन, रिपोर्ट के ळिए अब दो से तीन दिन नहीं करना पड़ेगा इंतजार
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नागरिक अस्पताल जींद की फाइल फोटो।
- फोटो : Jind
जिले के लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। कोरोना जांच रिपोर्ट के लिए जिले के लोगों को अब दो-तीन दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य निदेशालय से कोरोना जांच करने की आरटीपीसीआर मशीन मिल गई है। मशीन के शुरू होने के बाद जिले के लोगों को दो से तीन घंटे में ही कोरोना जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। फिलहाल मशीन को स्थापित करने तथा इसके लिए स्टाफ की नियुक्ति की डिमांड सिविल सर्जन ने मुख्यालय को भेजी है। स्टाफ मिलते ही मशीन कार्य करना शुरू कर देगी।
जानकारी के लिए जिले में किसी भी नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जो कोरोना के सैंपल लिए जाते हैं, वह पीजीआई रोहतक, पीजीआई खानपुर या कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल भेजे जाते हैं। इनकी रिपोर्ट दो से तीन दिन में आती है। ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो शव नागरिक अस्पताल में रखवाया जाता है। उसका कोरोना सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। दो या तीन दिन में जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक शव को नागरिक अस्पताल में रखा जाता है। इससे लोगों को खासी परेशानी होती है। इसके अलावा सैंपल बढ़ाने के लिए जांच को जिला स्तर पर ही करवाना जरूरी हो गया था। इसलिए राज्य सरकार तथा स्वास्थ्य महानिदेशालय ने जिला स्वास्थ्य विभाग के पास आरटीपीसीआर मशीन भेजी है, ताकि कोरोना सैंपलों की जांच जिला स्तर पर ही की जा सके। नागरिक अस्पताल को सोमवार को यह जांच मशीन मिल गई है, लेकिन फिलहाल इसके लिए स्टाफ उपलब्ध नहीं हो पाया है। स्टाफ मिलते ही यह मशीन काम करना शुरू कर देगी और उसके बाद जिले में ही कोरोना सैंपलों की जांच हो सकेगी। मशीन काम करना शुरू करने के बाद यह 24 घंटे काम करेगी। इसमें दो से तीन घंटे में ही मरीज की रिपोर्ट मिल सकेगी।
राज्य सरकार से आरटीपीसीआर मशीन मिल गई है। इसके लिए कम से कम पांच तकनीशियनों तथा तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों की जरूरत है। इन कर्मचारियों की डिमांड के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। इन कर्मचारियों की नियुक्ति होते ही मशीन काम करना शुरू कर देगी। इसमें एक सप्ताह से लेकर दस दिन तक का समय लग सकता है। इसके बाद जिले में ही कोरोना सैंपलों की जांच शुरू हो जाएगी।
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डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।
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जानकारी के लिए जिले में किसी भी नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जो कोरोना के सैंपल लिए जाते हैं, वह पीजीआई रोहतक, पीजीआई खानपुर या कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल भेजे जाते हैं। इनकी रिपोर्ट दो से तीन दिन में आती है। ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो शव नागरिक अस्पताल में रखवाया जाता है। उसका कोरोना सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। दो या तीन दिन में जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक शव को नागरिक अस्पताल में रखा जाता है। इससे लोगों को खासी परेशानी होती है। इसके अलावा सैंपल बढ़ाने के लिए जांच को जिला स्तर पर ही करवाना जरूरी हो गया था। इसलिए राज्य सरकार तथा स्वास्थ्य महानिदेशालय ने जिला स्वास्थ्य विभाग के पास आरटीपीसीआर मशीन भेजी है, ताकि कोरोना सैंपलों की जांच जिला स्तर पर ही की जा सके। नागरिक अस्पताल को सोमवार को यह जांच मशीन मिल गई है, लेकिन फिलहाल इसके लिए स्टाफ उपलब्ध नहीं हो पाया है। स्टाफ मिलते ही यह मशीन काम करना शुरू कर देगी और उसके बाद जिले में ही कोरोना सैंपलों की जांच हो सकेगी। मशीन काम करना शुरू करने के बाद यह 24 घंटे काम करेगी। इसमें दो से तीन घंटे में ही मरीज की रिपोर्ट मिल सकेगी।
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राज्य सरकार से आरटीपीसीआर मशीन मिल गई है। इसके लिए कम से कम पांच तकनीशियनों तथा तीन कंप्यूटर ऑपरेटरों की जरूरत है। इन कर्मचारियों की डिमांड के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। इन कर्मचारियों की नियुक्ति होते ही मशीन काम करना शुरू कर देगी। इसमें एक सप्ताह से लेकर दस दिन तक का समय लग सकता है। इसके बाद जिले में ही कोरोना सैंपलों की जांच शुरू हो जाएगी।
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डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।