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Jind News: अर्जित अवकाश काटने पर रोडवेज कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन
Thu, 09 Nov 2023 11:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 09 Nov 2023 11:24 PM IST
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09जेएनडी24-बस अड्डे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रोडवेज कर्मी। संवाद
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जींद। अर्जित अवकाश की कटौती के विरोध में वीरवार को सांझा मोर्चा के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर बस अड्डा परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान और सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य आजाद गिल तथा संदीप रंगा ने कहा कि सरकार द्वारा अर्जित अवकाश की कटौती को लेकर बार-बार पत्र जारी करके कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है।
सरकार द्वारा कर्मचारी हित को नहीं देखते हुए इन अर्जित अवकाश को दोबारा से इसी तरह नहीं किया गया तो 26 नवंबर को करनाल में मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। शुरुआत में सरकार ने 20 सितंबर 2022 को पत्र जारी किया था, जिसमें कर्मचारियों के अर्जित अवकाश की गणना 1995 से की गई लेकिन सांझा मोर्चा द्वारा इसका विरोध किया गया। इसके चलते चंडीगढ़ के अंदर मास डेपुटेशन किया गया। फरीदाबाद के अंदर परिवहन मंत्री का घेराव किया गया। उसके बाद मुख्य सचिव व परिवहन मंत्री के साथ बैठक में यह क्लीयर हो गया था कि जो भी अर्जित अवकाश की कटौती हुई है, वह बिल्कुल गलत है। सरकार द्वारा दोबारा लेटर भी जारी कर दिया गया था कि कर्मचारियों के अर्जित अवकाश पहले की तरह ज्यों के त्यों रहेंगे। वहीं मुख्यसचिव ने अपना तानाशाही ओर अड़ियल रवैया अपना कर दोबारा फिर से कर्मचारियों के अर्जित अवकाश पर कैंची चला दी है। इसके अलावा कर्मचारियों का वर्षों से बकाया पड़ा बोनस आज तक नहीं मिला है।
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सरकार द्वारा कर्मचारी हित को नहीं देखते हुए इन अर्जित अवकाश को दोबारा से इसी तरह नहीं किया गया तो 26 नवंबर को करनाल में मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। शुरुआत में सरकार ने 20 सितंबर 2022 को पत्र जारी किया था, जिसमें कर्मचारियों के अर्जित अवकाश की गणना 1995 से की गई लेकिन सांझा मोर्चा द्वारा इसका विरोध किया गया। इसके चलते चंडीगढ़ के अंदर मास डेपुटेशन किया गया। फरीदाबाद के अंदर परिवहन मंत्री का घेराव किया गया। उसके बाद मुख्य सचिव व परिवहन मंत्री के साथ बैठक में यह क्लीयर हो गया था कि जो भी अर्जित अवकाश की कटौती हुई है, वह बिल्कुल गलत है। सरकार द्वारा दोबारा लेटर भी जारी कर दिया गया था कि कर्मचारियों के अर्जित अवकाश पहले की तरह ज्यों के त्यों रहेंगे। वहीं मुख्यसचिव ने अपना तानाशाही ओर अड़ियल रवैया अपना कर दोबारा फिर से कर्मचारियों के अर्जित अवकाश पर कैंची चला दी है। इसके अलावा कर्मचारियों का वर्षों से बकाया पड़ा बोनस आज तक नहीं मिला है।
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