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Jind News: बसों की कमी से बिगड़ी रोडवेज की व्यवस्था

Wed, 30 Oct 2024 12:31 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2024 12:31 AM IST
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Roadways system deteriorated due to lack of buses
29जेएनडी03-बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज बसें। संवाद
जींद। डिपो में बसों की कमी के कारण रोडवेज की व्यवस्था बिगड़ गई है। इसका असर लंबे रूटों के साथ-साथ लोकल पर भी पड़ रहा है। दो माह पहले डिपो के टाटा से अनुबंध होने के कारण राज्य परिवहन ने डिपो की अशोक लेलैंड बीएस मॉडल-4 की 15 बस पलवल और 15 बस नूंह भेज दी थी।
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वहीं, सोनीपत से टाटा की बीएस-3 मॉडल की 12 बस जींद डिपो में शामिल की जानी थी, लेकिन उन बसों का लाइफ टाइम खत्म होने वाला था। इसके कारण जींद डिपो ने इन 12 बसों को लेने से मना कर दिया था। ऐसे में डिपो में 30 बसों की कमी हो गई है। बसों की कमी के कारण 14 बस डबल चक्कर मार रही हैं। इस कारण बसों की मरम्मत को लेकर पर्याप्त समय नहीं मिल पाता और पांच से सात बस मरम्मत के लिए हर समय खड़ी रहती हैं। ऐसे में रोहतक, भिवानी, कैथल व हिसार जैसे रूट पर पहले की अपेक्षा कम बस चल रही हैं। इस समय डिपो में 169 बस ऑनरूट हैं, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। 169 बसों पर 230 चालक व 265 परिचालक कार्यरत हैं। 1.7 नोरम के हिसाब से डिपो में 169 बसों पर 288 चालक व परिचालकों की जरूरत है।
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डिपो में पिछले साल शामिल हुईं थीं लगभग 100 बसें

पिछले एक साल में डिपो में 100 से ज्यादा नई बस शामिल हुई थी, जिसमें कुछ बसें अशोक लेलैंड की भेजी गई थी। राज्य परिवहन के अतिरिक निदेशक नेे सभी महाप्रबंधक के साथ बैठक कर चालक और परिचालकों के स्टाफ की कमी या अधिकता के चलते बसों को दूसरे डिपो में स्थानातरित करने बारे विचार विमर्श किया था। इसमें डिपो की अशोक लेलैंड की 30 बस दूसरे डिपो में भेजे जाने और बदले में टाटा की 12 बस शामिल करने का निर्णय लिया गया था। अगस्त माह की शुरुआत में जींद डिपो की 15 बस नूंह और 15 बस पलवल भेज दी गई थी। सोनीपत से आने वाली 12 बस जींद डिपो में अभी तक नहीं आई हैं।
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डिपो में होनी चाहिए स्थाई भर्ती

जींद डिपो से बस दूसरे डिपो में भेजे जाने को लेकर पहले की अपेक्षा बसों की संख्या कम हो गई है। ऐसे में परिवहन विभाग को चाहिए कि डिपो में बसों की संख्या बढ़ाई जाए और कर्मचारियों की स्थाई भर्ती की जाए। इससे युवाओं को स्थाई रोजगार मिल सके और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।


-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ

वर्जन

जींद डिपो में टाटा से अनुबंधित बस चलती हैं। पिछले समय में डिपो में जो नई बस आई थी, उसमें कुछ बस अशोक लेलैंड की थी। दो महीने पहले अशोक लेलैंड की बसों को दूसरे डिपो में भेजा गया था। यात्रियों की सुविधा अनुसार बसों का संचालन किया जा रहा है।

-राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद
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