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Jind News: राजेश वशिष्ठ ने प्रत्येक बच्चे के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
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फोटो 26जेएनडी10-डीपीआईयू बैठक की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक लेते जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ
जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत आगामी डीपीआईयू बैठक की तैयारियों को लेकर जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने जिले के सभी ब्लॉक कॉर्डिनेटरों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक का उद्देश्य सभी खंडों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना, लंबित कार्यों की समीक्षा करना और निपुण अभियान के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना रहा। बैठक में जुलाई माह के एक्शन पॉइंट्स और लंबित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। एफएलएन कक्षाओं में स्पॉट असेसमेंट के आधार पर विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम और क्षमता आधारित प्रदर्शन पर भी चर्चा हुई।
राजेश वशिष्ठ ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जिन बच्चों की अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, उनके लिए सुधारात्मक प्रयास किए जाएं। कैप्सूल स्कूल सपोर्ट प्रोग्राम के तहत विद्यालयों के चयन, परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स, मेंटर व मॉनिटर के स्कूल विजिट टारगेट तथा क्लासरूम ऑब्जर्वेशन की समीक्षा की गई। 60 दिनों से अधिक समय से अनविजिटेड स्कूलों के लिए मेंटर और मॉनिटर की उचित मैपिंग करने पर जोर दिया गया।
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बैठक में छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति की क्लस्टरवार समीक्षा के साथ पाठ्यपुस्तक वितरण, इन-पर्सन शिक्षक प्रशिक्षण के बैच गठन और प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहे शिक्षकों व मेंटरों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। निपुण हरियाणा पैरेंट एप लॉगिन, अभिभावक सहभागिता और लर्न विद फन मॉड्यूल के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों का विवरण अपडेट करने के निर्देश
बालवाटिका-3 के विद्यार्थियों का विवरण वन स्कूल एप पर समयबद्ध अपडेट करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला मैगजीन के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेज, टेस्टिमोनियल्स, क्लासरूम वीडियो और आर्टिकल्स की प्रगति, मेगा पीटीएम, पैरेंट एंगेजमेंट गतिविधियों तथा विद्यालयों में एलईडी और स्मार्ट टीवी के नियमित उपयोग की भी समीक्षा हुई।
वर्जन
निपुण अभियान का उद्देश्य केवल आंकड़ों में प्रगति दिखाना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता में सुधार करना है। जिले के प्रत्येक बच्चे को भाषा और गणना में निपुण बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन, जिला समन्वयक
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बैठक का उद्देश्य सभी खंडों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना, लंबित कार्यों की समीक्षा करना और निपुण अभियान के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना रहा। बैठक में जुलाई माह के एक्शन पॉइंट्स और लंबित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। एफएलएन कक्षाओं में स्पॉट असेसमेंट के आधार पर विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम और क्षमता आधारित प्रदर्शन पर भी चर्चा हुई।
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राजेश वशिष्ठ ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जिन बच्चों की अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, उनके लिए सुधारात्मक प्रयास किए जाएं। कैप्सूल स्कूल सपोर्ट प्रोग्राम के तहत विद्यालयों के चयन, परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स, मेंटर व मॉनिटर के स्कूल विजिट टारगेट तथा क्लासरूम ऑब्जर्वेशन की समीक्षा की गई। 60 दिनों से अधिक समय से अनविजिटेड स्कूलों के लिए मेंटर और मॉनिटर की उचित मैपिंग करने पर जोर दिया गया।
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बैठक में छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति की क्लस्टरवार समीक्षा के साथ पाठ्यपुस्तक वितरण, इन-पर्सन शिक्षक प्रशिक्षण के बैच गठन और प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहे शिक्षकों व मेंटरों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। निपुण हरियाणा पैरेंट एप लॉगिन, अभिभावक सहभागिता और लर्न विद फन मॉड्यूल के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों का विवरण अपडेट करने के निर्देश
बालवाटिका-3 के विद्यार्थियों का विवरण वन स्कूल एप पर समयबद्ध अपडेट करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला मैगजीन के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेज, टेस्टिमोनियल्स, क्लासरूम वीडियो और आर्टिकल्स की प्रगति, मेगा पीटीएम, पैरेंट एंगेजमेंट गतिविधियों तथा विद्यालयों में एलईडी और स्मार्ट टीवी के नियमित उपयोग की भी समीक्षा हुई।
वर्जन
निपुण अभियान का उद्देश्य केवल आंकड़ों में प्रगति दिखाना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता में सुधार करना है। जिले के प्रत्येक बच्चे को भाषा और गणना में निपुण बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन, जिला समन्वयक