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Jind News: तेज हवा के साथ हुई बारिश, गर्मी से मिली राहत
Mon, 25 Sep 2023 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 25 Sep 2023 12:16 AM IST
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24जेएनडी39 : नरवाना में बरसात के बाद सड़कों पर भरे पानी से गुजरते वाहन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में रविवार को कहीं तेज हवा के साथ अच्छी बारिश तो कहीं बूंदाबांदी हुई। नरवाना में 16 एमएम और जींद में 3.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। बारिश से खेतों में खड़ी बाजरा, धान व कपास की फसल को मामूली नुकसान की आशंका जताई जा रही है। रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रविवार को जींद में 3.6 एमएम, नरवाना में 16, सफीदों में पांच, जुलाना में बूंदाबांदी, पिल्लूखेड़ा में सात तथा अलेवा में चार एमएम बारिश दर्ज की गई। सुबह ही तेज हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छा गए थे। दोपहर को तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। नरवाना में अधिक बारिश होने से सड़कों पर पानी भर गया। नरवाना में निकासी की व्यवस्था सही नहीं होने के कारण शाम तक सड़कों व गलियों से पानी निकल सका। रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई जबकि हवा में नमी की मात्रा 85 प्रतिशत तक पहुंच गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विशेषज्ञाें के अनुसार इस समय काफी धान की फसल पककर तैयार है। इसके अलावा बाजरा भी कटाई पर आया हुआ है। कपास की फसल भी खिली हुई है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में ज्यादा बारिश हुई है, उन स्थानों पर इन फसलों को नुकसान होने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण धान व कपास की फसल गिर गई है। कपास के जो टिंडे जमीन के साथ चिपक गए हैं, उनमें गलन हो सकती है।
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जिन किसानों के खेतों में बाजरा खड़ा है, वह एक-दो रुककर उसकी कटाई करें। जिन किसानों की कटाई हो चुकी है, वह बाजरे को ढककर रखें। कपास की फसल में इस समय सिंचाई नहीं करें। धान की फसल की कटाई भी दो दिन रुककर करें तो अच्छा रहेगा। मौसम में ठंड बढ़ने से बीमारियां भी आ सकती हैं। इसलिए किसानों को प्रतिदिन अपनी फसलों का निरीक्षण करना चाहिए।-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।
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जींद। जिले में रविवार को कहीं तेज हवा के साथ अच्छी बारिश तो कहीं बूंदाबांदी हुई। नरवाना में 16 एमएम और जींद में 3.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। बारिश से खेतों में खड़ी बाजरा, धान व कपास की फसल को मामूली नुकसान की आशंका जताई जा रही है। रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रविवार को जींद में 3.6 एमएम, नरवाना में 16, सफीदों में पांच, जुलाना में बूंदाबांदी, पिल्लूखेड़ा में सात तथा अलेवा में चार एमएम बारिश दर्ज की गई। सुबह ही तेज हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छा गए थे। दोपहर को तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। नरवाना में अधिक बारिश होने से सड़कों पर पानी भर गया। नरवाना में निकासी की व्यवस्था सही नहीं होने के कारण शाम तक सड़कों व गलियों से पानी निकल सका। रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई जबकि हवा में नमी की मात्रा 85 प्रतिशत तक पहुंच गई। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई जा रही है।
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कृषि विशेषज्ञाें के अनुसार इस समय काफी धान की फसल पककर तैयार है। इसके अलावा बाजरा भी कटाई पर आया हुआ है। कपास की फसल भी खिली हुई है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में ज्यादा बारिश हुई है, उन स्थानों पर इन फसलों को नुकसान होने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण धान व कपास की फसल गिर गई है। कपास के जो टिंडे जमीन के साथ चिपक गए हैं, उनमें गलन हो सकती है।
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जिन किसानों के खेतों में बाजरा खड़ा है, वह एक-दो रुककर उसकी कटाई करें। जिन किसानों की कटाई हो चुकी है, वह बाजरे को ढककर रखें। कपास की फसल में इस समय सिंचाई नहीं करें। धान की फसल की कटाई भी दो दिन रुककर करें तो अच्छा रहेगा। मौसम में ठंड बढ़ने से बीमारियां भी आ सकती हैं। इसलिए किसानों को प्रतिदिन अपनी फसलों का निरीक्षण करना चाहिए।-डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा।