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मनरेगा मजदूरों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर दिया धरना
Updated Thu, 28 Jul 2016 01:06 AM IST
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प्रदर्शन करते मनरेगा मजदूर।
- फोटो : bureau
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मनरेगा मजदूर यूनियन के बैनर तले बुधवार को खटकड़, सुरबरा, उचाना, लोन, धनौरी, रसीदां, काब्रच्छा, मांडी व ढाकल गांव के अनेक मनरेगा मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर नेहरू पार्क से लेकर लघु सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम बीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर मांग पूरी करने की गुहार लगाई। प्रदर्शन में मजदूर ने भाजपा सरकार द्वारा लागू की जाने वाले मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की व हाथों में सरकार विरोधी तख्तियों पर स्लोगन लिखकर लोगों को सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के प्रति जागरूक किया। इसके बाद मजदूरों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर बैठकर धरना दिया। मजदूरों ने कई सालों से लंबित पड़ी उनकी मांगों को पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर रोज मजदूर विरोधी नीतियां लागू करके मजदूरों को शोषण किया जा रहा है। यूनियन के प्रधान दिलबाग सिंह ने कहा कि लंबे समय से नरवाना व उचाना ब्लाकों के कार्यालयों में फर्जीवाड़ा हो आ रहा है। जिसकी मजदूर कई बार शिकायतें भी दे चुके हैं। इस मौके पर मुख्य रूप से जिला सचिव पालेराम, उप प्रधान राजेश, पालाराम, ब्लाक प्रधान सतपाल, उचाना ब्लॉक प्रधान वकील, चांदीराम, सुरेंद्र मौजूद रहे।
दिलबाग सिंह ने बताया कि भाजपा सरकार न तो मजदूरों को काम की गारंटी दे रही है और न ही अभी तक मजदूरी को बढ़ाकर 500 किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई फर्जीवाड़े व दलितों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से 15 दिन का अल्टीमेटम दिया। अगर उनकी मांगों का समाधान 15 दिनों में नहीं हुआ तो वह करनाल में मुख्यमंत्री के निवास पर धरना देंगे।
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दिलबाग सिंह ने बताया कि भाजपा सरकार न तो मजदूरों को काम की गारंटी दे रही है और न ही अभी तक मजदूरी को बढ़ाकर 500 किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई फर्जीवाड़े व दलितों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से 15 दिन का अल्टीमेटम दिया। अगर उनकी मांगों का समाधान 15 दिनों में नहीं हुआ तो वह करनाल में मुख्यमंत्री के निवास पर धरना देंगे।
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