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पुलिसकर्मियों पर महिलाओं ने फेंकी चूड़ियां, प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला/जींद
Updated Wed, 10 Feb 2016 11:53 PM IST
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परिजनों ने इस दौरान हत्या के दो आरोपियों पर पुलिस द्वारा ढील देने तथा मामले के जांच अधिकारी द्वारा परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
प्रदर्शन कर रहे महिला व पुरुषों ने जबरदस्ती एससपी कार्यालय में घुसने का प्रयास भी किया लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया।
पुलिस कर्मचारियों के साथ इस दौरान हुई नोकझोंक में कई महिलाओं ने अपने हाथों से चूड़ियां निकालकर पुलिस कर्मचारियों पर फेंक दी। परिजन एसएसपी अभिषेक जोरवाल को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ गए।
सिटी थाना प्रभारी तेजबीर दहिया ने परिजनों से बातचीत की और 11 लोगों को एसएसपी से मिलने के लिए उनके कार्यालय में भेजने की बात कही। इस पर परिजन तैयार हो गए।
एसएसपी ने परिजनों को बताया कि दहेज हत्या के दो आरोपी फरार चल रहे थे, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले के जांच अधिकारी को बदल दिया गया है और जांच रोहतक रोड चौकी की बजाए सिटी थाना पुलिस करेगी। इसके बाद परिजन एसएसपी के आश्वासन पर संतुष्ट हो गए।
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एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने बताया कि कुम्हारन मोहल्ला निवासी मुंशीराम की बेटी गीता की शादी आश्रम बस्ती निवासी सोनू के साथ हुई थी।
छह फरवरी को जहर से गीता की ससुराल में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति सोनू, ससुर अजमेर, सास मुन्नी, देवर मोनू के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया था।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति सोनू, ससुर अजमेर को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आरोपी सास मुन्नी देवी तथा देवर सोनू को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है।
जब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मामले की जांच कर रहे एएसआई से परिजनों ने बात की तो उसने दुर्व्यवहार किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में हत्यारोपियों से मिलीभगत किए हुए हैं।
जिसके चलते आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। जब वह एसएसपी अभिषेक जोरवाल से मिलने के लिए पहुंचे तो पुलिस उनसे भी नहीं मिलने दे रही है।
इसके बाद महिलाओं व पुरुषों का गुस्सा फुट गया और जबरदस्ती एसएसपी कार्यालय में घुसने का प्रयास करने लगे। लेकिन वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उनको अंदर जाने से रोक लिया और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उनको अंदर जाने से रोका।
बाद में परिजनों का एक शिष्टमंडल एसएसपी अभिषेक जोरवाला से मिला। जहां पर एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने परिजनों को बताया कि आरोपी मुन्नी तथा उसके बेटे मोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
अगर परिजन मामले के जांच अधिकारी की जांच से संतुष्ट नहीं है इसलिए इसकी जांच रोहतक रोड चौकी से बदलकर शहर थाने में भेज दी है। इसके बाद परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हो गए।
पुलिस कर्मचारियों पर फेंकी चूड़ियां
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एसएसपी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मियों ने उनको रोकने का प्रयास किया।
इस दौरान प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं ने चूड़ियों को निकालकर पुलिस कर्मियों पर फेंक दी और कहा कि पुलिस मिलीभगत करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बजाए उनकी आवाज को भी दबाना चाहती है।
परिजन तथा राजनीतिक संगठनों में हुई नोकझोंक
एसएसपी कार्यालय के हंगामे के दौरान परिजनों के साथ कुछ राजनीतिक संगठनों के लोग भी आए हुए थे। इस दौरान जब राजनीतिक संगठनों के लोगों ने पुलिस की बात पर विश्वास करने की बात कही तो परिजन उन पर भड़क गए।
परिजनों ने इस दौरान उन पर उनकी बेटी की हत्या के मामले पर भी राजनीति करने का आरोप लगा दिया। लेकिन बाद में प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों द्वारा बीच बचाव करने के बाद मामले को शांत किया।
शहर थाना प्रभारी तेजबीर ने बताया कि दहेज हत्या के दो आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी के आदेश पर मामले के जांच अधिकारी को भी बदल दिया गया है।
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प्रदर्शन कर रहे महिला व पुरुषों ने जबरदस्ती एससपी कार्यालय में घुसने का प्रयास भी किया लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक दिया।
पुलिस कर्मचारियों के साथ इस दौरान हुई नोकझोंक में कई महिलाओं ने अपने हाथों से चूड़ियां निकालकर पुलिस कर्मचारियों पर फेंक दी। परिजन एसएसपी अभिषेक जोरवाल को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ गए।
सिटी थाना प्रभारी तेजबीर दहिया ने परिजनों से बातचीत की और 11 लोगों को एसएसपी से मिलने के लिए उनके कार्यालय में भेजने की बात कही। इस पर परिजन तैयार हो गए।
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एसएसपी ने परिजनों को बताया कि दहेज हत्या के दो आरोपी फरार चल रहे थे, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले के जांच अधिकारी को बदल दिया गया है और जांच रोहतक रोड चौकी की बजाए सिटी थाना पुलिस करेगी। इसके बाद परिजन एसएसपी के आश्वासन पर संतुष्ट हो गए।
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एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने बताया कि कुम्हारन मोहल्ला निवासी मुंशीराम की बेटी गीता की शादी आश्रम बस्ती निवासी सोनू के साथ हुई थी।
छह फरवरी को जहर से गीता की ससुराल में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति सोनू, ससुर अजमेर, सास मुन्नी, देवर मोनू के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया था।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति सोनू, ससुर अजमेर को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आरोपी सास मुन्नी देवी तथा देवर सोनू को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है।
जब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मामले की जांच कर रहे एएसआई से परिजनों ने बात की तो उसने दुर्व्यवहार किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में हत्यारोपियों से मिलीभगत किए हुए हैं।
जिसके चलते आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। जब वह एसएसपी अभिषेक जोरवाल से मिलने के लिए पहुंचे तो पुलिस उनसे भी नहीं मिलने दे रही है।
इसके बाद महिलाओं व पुरुषों का गुस्सा फुट गया और जबरदस्ती एसएसपी कार्यालय में घुसने का प्रयास करने लगे। लेकिन वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उनको अंदर जाने से रोक लिया और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उनको अंदर जाने से रोका।
बाद में परिजनों का एक शिष्टमंडल एसएसपी अभिषेक जोरवाला से मिला। जहां पर एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने परिजनों को बताया कि आरोपी मुन्नी तथा उसके बेटे मोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
अगर परिजन मामले के जांच अधिकारी की जांच से संतुष्ट नहीं है इसलिए इसकी जांच रोहतक रोड चौकी से बदलकर शहर थाने में भेज दी है। इसके बाद परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हो गए।
पुलिस कर्मचारियों पर फेंकी चूड़ियां
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एसएसपी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मियों ने उनको रोकने का प्रयास किया।
इस दौरान प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं ने चूड़ियों को निकालकर पुलिस कर्मियों पर फेंक दी और कहा कि पुलिस मिलीभगत करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बजाए उनकी आवाज को भी दबाना चाहती है।
परिजन तथा राजनीतिक संगठनों में हुई नोकझोंक
एसएसपी कार्यालय के हंगामे के दौरान परिजनों के साथ कुछ राजनीतिक संगठनों के लोग भी आए हुए थे। इस दौरान जब राजनीतिक संगठनों के लोगों ने पुलिस की बात पर विश्वास करने की बात कही तो परिजन उन पर भड़क गए।
परिजनों ने इस दौरान उन पर उनकी बेटी की हत्या के मामले पर भी राजनीति करने का आरोप लगा दिया। लेकिन बाद में प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों द्वारा बीच बचाव करने के बाद मामले को शांत किया।
शहर थाना प्रभारी तेजबीर ने बताया कि दहेज हत्या के दो आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी के आदेश पर मामले के जांच अधिकारी को भी बदल दिया गया है।