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Jind News: गोशालाओं में सुविधाओं का दायरा बढ़ाए बिना ही छह माह में दूसरी बार शहर को कैटल फ्री बनाने का प्रस्ताव
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फोटो संख्या:68-बालाजी चौक पर सड़क के बीचोंबीच खड़ा बेसहारा गोवंश---संवाद
महेंद्रगढ़। नगर पालिका ने शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए छह माह के समय में दूसरी बार प्रस्ताव पास किया है और इसके लिए 3.84 लाख रुपये का टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
शहर के मुख्य बाजार से लेकर सरकारी भवनों के प्रांगणों, कॉलेजों, वार्डों की गलियों में बेसहारा गोवंश की भरमार है। नगरपालिका की ओर से छह माह पूर्व करीब तीन लाख रुपये का बजट तैयार कर गोवंश को सहारा देने के लिए अभियान शुरू किया गया था लेकिन यह अभियान जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते महज एक माह के समय में ही दम तोड़ गया था।
शहर की सड़कों पर अब भी दो हजार से अधिक बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। सरकारी विभागों के कार्यालयों से लेकर मुख्य बाजार, वार्डों की गलियों, स्टेट हाईवे 148बी सहित मुख्य सड़कों पर बेसहारा पशुओं के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
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सोमवार को जब टीम की ओर से शहर में पड़ताल की गई तो सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गोवंश के झुंड पाए गए। स्टेट हाईवे 148बी पर तो बीच में बना डिवाइडर इनकी आरामगाह बना हुआ है। राजकीय कॉलेज के पास गोवंशों का जमावड़ा रहता है। इसके अलावा बाजार में भी विभिन्न जगहों पर गोवंश बैठे रहते हैं और आवागमन प्रभावित करते हैं।
शहर की सब्जी मंडी में गोवंशों का जमावड़ा रहता है और यहां पर कचरे का डंपिंग पॉइंट इनका आश्रय स्थल बना हुआ है। शहर का कोई भी बाजार, गली या मोहल्ला हो, हर जगह नंदी बीच सड़कों पर आराम फरमा रहे हैं।
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पहले भी गोशालाओं ने सुविधाओं का अभाव में खड़े कर दिए थे हाथ
नगरपालिका की ओर से छह माह पूर्व तीन लाख रुपये का बजट तैयार कर बेसहारा गोवंश को सहारा देने के लिए दो गोशालाओं का चयन कर अभियान शुरू किया था। गोशाला संचालकों ने सुविधाओं के अभाव में गोवंश लेने से हाथ खड़े कर दिए थे। अभियान के तहत दावा किया गया था श्रीगोशाला व गोशाला धोलपोश आश्रम में करीब 300 गोवंश को सहारा दिया था लेकिन एक माह के समय में ही यह अभियान दम तोड़ गया था।
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मना करने वाली गोशालाओं के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
जिम्मेदारों का दावा है कि प्रदेश सरकार की ओर से दोनों गोशालाओं को नियमानुसार अनुदान दिया जा रहा है। नगरपालिका की ओर से इन्हीं गोशालाओं में इस बार भी सुविधाओं का दायरा नहीं बढ़ाया गया जिसके कारण इस बार भी यह अभियान कामयाब होने की बजाए खानापूर्ति की संभावना है। नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि अब कोई गोशाला गोवंश को रखने के लिए मना करती है तो प्रदेश सरकार को लिखित में भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। गोशाला में जाने पर गोवंश को एक ही स्थान पर चारा पानी मिलेगा और बेहतर रहन-सहन की सुविधा मिलेगी।
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वर्जन
नगरपालिका की ओर से पिछले सप्ताह हुई बैठक में शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए प्रस्ताव पास किया है। इसके तहत 3.84 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। अगर गोशाला गोवंश को लेने से मना करती है तो प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। -रमेश सैनी, चेयरमैन नगरपालिका महेंद्रगढ़।
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शहर के मुख्य बाजार से लेकर सरकारी भवनों के प्रांगणों, कॉलेजों, वार्डों की गलियों में बेसहारा गोवंश की भरमार है। नगरपालिका की ओर से छह माह पूर्व करीब तीन लाख रुपये का बजट तैयार कर गोवंश को सहारा देने के लिए अभियान शुरू किया गया था लेकिन यह अभियान जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते महज एक माह के समय में ही दम तोड़ गया था।
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शहर की सड़कों पर अब भी दो हजार से अधिक बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। सरकारी विभागों के कार्यालयों से लेकर मुख्य बाजार, वार्डों की गलियों, स्टेट हाईवे 148बी सहित मुख्य सड़कों पर बेसहारा पशुओं के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
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सोमवार को जब टीम की ओर से शहर में पड़ताल की गई तो सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गोवंश के झुंड पाए गए। स्टेट हाईवे 148बी पर तो बीच में बना डिवाइडर इनकी आरामगाह बना हुआ है। राजकीय कॉलेज के पास गोवंशों का जमावड़ा रहता है। इसके अलावा बाजार में भी विभिन्न जगहों पर गोवंश बैठे रहते हैं और आवागमन प्रभावित करते हैं।
शहर की सब्जी मंडी में गोवंशों का जमावड़ा रहता है और यहां पर कचरे का डंपिंग पॉइंट इनका आश्रय स्थल बना हुआ है। शहर का कोई भी बाजार, गली या मोहल्ला हो, हर जगह नंदी बीच सड़कों पर आराम फरमा रहे हैं।
पहले भी गोशालाओं ने सुविधाओं का अभाव में खड़े कर दिए थे हाथ
नगरपालिका की ओर से छह माह पूर्व तीन लाख रुपये का बजट तैयार कर बेसहारा गोवंश को सहारा देने के लिए दो गोशालाओं का चयन कर अभियान शुरू किया था। गोशाला संचालकों ने सुविधाओं के अभाव में गोवंश लेने से हाथ खड़े कर दिए थे। अभियान के तहत दावा किया गया था श्रीगोशाला व गोशाला धोलपोश आश्रम में करीब 300 गोवंश को सहारा दिया था लेकिन एक माह के समय में ही यह अभियान दम तोड़ गया था।
मना करने वाली गोशालाओं के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
जिम्मेदारों का दावा है कि प्रदेश सरकार की ओर से दोनों गोशालाओं को नियमानुसार अनुदान दिया जा रहा है। नगरपालिका की ओर से इन्हीं गोशालाओं में इस बार भी सुविधाओं का दायरा नहीं बढ़ाया गया जिसके कारण इस बार भी यह अभियान कामयाब होने की बजाए खानापूर्ति की संभावना है। नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि अब कोई गोशाला गोवंश को रखने के लिए मना करती है तो प्रदेश सरकार को लिखित में भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। गोशाला में जाने पर गोवंश को एक ही स्थान पर चारा पानी मिलेगा और बेहतर रहन-सहन की सुविधा मिलेगी।
वर्जन
नगरपालिका की ओर से पिछले सप्ताह हुई बैठक में शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए प्रस्ताव पास किया है। इसके तहत 3.84 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। अगर गोशाला गोवंश को लेने से मना करती है तो प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। -रमेश सैनी, चेयरमैन नगरपालिका महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:68-बालाजी चौक पर सड़क के बीचोंबीच खड़ा बेसहारा गोवंश---संवाद