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आजादी की वर्षगांठ पर कार्यक्रम 10 मई से
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जींद। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर लोगों तक आजादी का संदेश ले जाने के लिए शनिवार को जिला स्तरीय शहीद यादगार समिति का गठन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई गई। तय किया गया कि आजादी की वर्षगांठ पर 10 मई से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शहीद यादगार समिति का संयोजक नरेश दनौदा और सह संयोजक कपूर अहिरका को बनाया गया। इस मौके पर किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें तय किया गया दस मई से कार्यक्रम शुरू होंगे। पहला कार्यक्रम नरवाना में होगा। मास्टर सत्यपाल सिवाच ने बताया कि देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। सभी धर्म और जातियों से संबंध रखने वाले लोगों के अदम्य संघर्षों के दम पर देश आजाद हो पाया। आज सरकार व कुछ संगठन स्वतंत्रता आंदोलन की इसी साझी विरासत को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। धार्मिक प्रतीकों का प्रयोग नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है। आज ऐसे हालातों में शहीदों के विचारों को समझने और उनके विचारों को जनता के बीच लेकर जाने की जरूरत है। समिति के संयोजक नरेश दनौदा ने बताया कि 10 मई को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत के दिन से ही शहीद यादगार समिति के 75वीं वर्षगांठ मनाने के अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस मौके पर नरवाना के शहीद भगत सिंह अध्ययन केंद्र पर जंग ए आजादी 1857 पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मा. बलबीर सिंह, फूल सिंह श्योकंद, जोगेंद्र नैन, सतबीर सिंह, रामराजी, जसपाल, सुरेश राठी, जियालाल, आजाद पांचाल, मनोज एडवोकेट और अक्षय को समिति का सदस्य बनाया गया।
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शहीद यादगार समिति का संयोजक नरेश दनौदा और सह संयोजक कपूर अहिरका को बनाया गया। इस मौके पर किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें तय किया गया दस मई से कार्यक्रम शुरू होंगे। पहला कार्यक्रम नरवाना में होगा। मास्टर सत्यपाल सिवाच ने बताया कि देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। सभी धर्म और जातियों से संबंध रखने वाले लोगों के अदम्य संघर्षों के दम पर देश आजाद हो पाया। आज सरकार व कुछ संगठन स्वतंत्रता आंदोलन की इसी साझी विरासत को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। धार्मिक प्रतीकों का प्रयोग नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है। आज ऐसे हालातों में शहीदों के विचारों को समझने और उनके विचारों को जनता के बीच लेकर जाने की जरूरत है। समिति के संयोजक नरेश दनौदा ने बताया कि 10 मई को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत के दिन से ही शहीद यादगार समिति के 75वीं वर्षगांठ मनाने के अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस मौके पर नरवाना के शहीद भगत सिंह अध्ययन केंद्र पर जंग ए आजादी 1857 पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मा. बलबीर सिंह, फूल सिंह श्योकंद, जोगेंद्र नैन, सतबीर सिंह, रामराजी, जसपाल, सुरेश राठी, जियालाल, आजाद पांचाल, मनोज एडवोकेट और अक्षय को समिति का सदस्य बनाया गया।
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