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निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने एक दिन की हड़ताल की
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नेशनल मेडिकल बिल के विरोध में जिलेभर के 45 निजी अस्पताल संचालकों ने अस्पताल बंद रखे। इसका असर नागरिक अस्पताल में साफ दिखा। सामान्य दिनों में नागरिक अस्पताल में 1200 के आसपास ओपीडी रहती है लेकिन आज नागरिक अस्पताल में यह ओपीडी दो हजार के पार पहुंच गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जींद के महासचिव डॉ. सुशील मंगला ने कहा कि नेशनल मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिलेभर के निजी अस्पताल बंद रहे। चिकित्सकों ने मांगों को लेकर दिल्ली में शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा नेशनल मेडिकल बिल पास करने के विरोध में था। सरकार द्वारा जारी किया नेशनल मेडिकल बिल जन विरोधी है। इस बिल के पास होने पर मेडिकल शिक्षा महंगी हो जाएगी। इसके साथ-साथ शिक्षा का स्तर भी गिर जाएगा। जरूरतमंद लोगों को इलाज करवाना महंगा पड़ेगा। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अपनी मर्जी से 50 प्रतिशत सीटों पर फीस निर्धारित कर सकेंगे। इससे मेडिकल विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में लटक जाएगा, क्योंकि यह नियम लागू होने पर पोस्ट ग्रेजुएट के लिए एक ही मौका मिलेगा।
दो घंटे बाद भी नहीं कटी पर्ची
मेरी कमर में दिक्कत है। मैं सुबह नौ बजे आकर पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़ा था। दो घंटे बाद भी पर्ची नहीं कटी। सोमवार को निजी अस्पताल बंद रहे थे। इस कारण नागरिक अस्पताल में भीड़ ज्यादा थी, लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आज का तो सारा दिन ही खराब हो गया।
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गुलशन मरीज, जींद निवासी।
रिपोर्ट दिखाने में आ रही परेशानी
एक्सरे रे करवाया था। डॉक्टर को रिपोर्ट दिखानी थी। यहां आकर देखा तो लंबी लाइन लगी हुई थी। आमतौर पर भीड़ में महिलाओं का नंबर जल्दी आ जाता है, क्योंकि महिलाओं की संख्या कम होती है। वहीं सोमवार को महिलाओं की संख्या भी ज्यादा थी। ऐसे में डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाने में परेशानी आई। रिपोर्ट दिखाने में जहां 15 मिनट ही लगने थे, भीड़ के कारण तीन घंटे में नंबर आया।
सुदेश मरीज, बकलाना निवासी।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जींद के महासचिव डॉ. सुशील मंगला ने कहा कि नेशनल मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिलेभर के निजी अस्पताल बंद रहे। चिकित्सकों ने मांगों को लेकर दिल्ली में शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा नेशनल मेडिकल बिल पास करने के विरोध में था। सरकार द्वारा जारी किया नेशनल मेडिकल बिल जन विरोधी है। इस बिल के पास होने पर मेडिकल शिक्षा महंगी हो जाएगी। इसके साथ-साथ शिक्षा का स्तर भी गिर जाएगा। जरूरतमंद लोगों को इलाज करवाना महंगा पड़ेगा। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अपनी मर्जी से 50 प्रतिशत सीटों पर फीस निर्धारित कर सकेंगे। इससे मेडिकल विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में लटक जाएगा, क्योंकि यह नियम लागू होने पर पोस्ट ग्रेजुएट के लिए एक ही मौका मिलेगा।
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दो घंटे बाद भी नहीं कटी पर्ची
मेरी कमर में दिक्कत है। मैं सुबह नौ बजे आकर पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़ा था। दो घंटे बाद भी पर्ची नहीं कटी। सोमवार को निजी अस्पताल बंद रहे थे। इस कारण नागरिक अस्पताल में भीड़ ज्यादा थी, लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आज का तो सारा दिन ही खराब हो गया।
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गुलशन मरीज, जींद निवासी।
रिपोर्ट दिखाने में आ रही परेशानी
एक्सरे रे करवाया था। डॉक्टर को रिपोर्ट दिखानी थी। यहां आकर देखा तो लंबी लाइन लगी हुई थी। आमतौर पर भीड़ में महिलाओं का नंबर जल्दी आ जाता है, क्योंकि महिलाओं की संख्या कम होती है। वहीं सोमवार को महिलाओं की संख्या भी ज्यादा थी। ऐसे में डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाने में परेशानी आई। रिपोर्ट दिखाने में जहां 15 मिनट ही लगने थे, भीड़ के कारण तीन घंटे में नंबर आया।
सुदेश मरीज, बकलाना निवासी।