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Jind News: पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक पीआर धान की खरीद
Sun, 16 Nov 2025 12:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 16 Nov 2025 12:31 AM IST
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15जेएनडी31: शहर की अनाजमंडी में लगी धान की ढेरियां। स्रोत : आढ़ती
जींद। जिले में इस बार पीआर धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार, जिले में इस वर्ष कुल 4,25,950 क्विंटल पीआर धान की खरीद की गई है जो पिछली साल की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है।
पिछले वर्ष जिले में 3,38,640 क्विंटल पीआर धान की खरीद हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष 87,310 क्विंटल अधिक खरीद दर्ज की गई है। इस वर्ष खरीद सीजन की शुरुआत से ही मंडियों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, आढ़तियों के सहयोग, ट्रॉली प्रबंधन, तुलाई मशीनों की उपलब्धता और भुगतान प्रणाली को सुचारु रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए थे।
किसानों को शुरूआती दिनों में खरीद को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि मंडी में पीआर धान की खरीद देरी से शुरू हुई थी। इसके बाद बिना किसी परेशानी के किसान धान मंडियों में लेकर पहुंचे और समय पर तुलाई व खरीद संपन्न हुई।
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इस साल मौसम अनुकूल रहने और खेतों में रोग-प्रभाव कम रहने से उत्पादन अच्छा हुआ। इसका सीधा असर खरीद में बढ़ोतरी के रूप में सामने आया।
हेफेड डीएम संदीप पूनिया ने बताया कि इस वर्ष पीआर धान की खरीद में वृद्धि का मुख्य कारण किसानों द्वारा उन्नत बीजों का उपयोग, बेहतर कृषि प्रबंधन और अनुकूल मौसम रहा। मंडियों में उठान व्यवस्था को तेज करवाया गया था, ताकि किसान को समय पर पेमेंट मिल सके।
पीआर धान की सरकारी खरीद संपन्न
सरकारी खरीद बंद होने के बाद अब मंडियों में केवल निजी व्यापारी ही सक्रिय रहेंगे। इस बार खरीदे गए धान की उठान प्रक्रिया भी तेजी से जारी है ताकि मंडियों में भीड़ न बढ़े और अगली फसल की खरीद व्यवस्था प्रभावित न हो। इस वर्ष जींद जिले में पीआर धान की खरीद पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हुई।
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पिछले वर्ष जिले में 3,38,640 क्विंटल पीआर धान की खरीद हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष 87,310 क्विंटल अधिक खरीद दर्ज की गई है। इस वर्ष खरीद सीजन की शुरुआत से ही मंडियों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, आढ़तियों के सहयोग, ट्रॉली प्रबंधन, तुलाई मशीनों की उपलब्धता और भुगतान प्रणाली को सुचारु रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए थे।
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किसानों को शुरूआती दिनों में खरीद को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि मंडी में पीआर धान की खरीद देरी से शुरू हुई थी। इसके बाद बिना किसी परेशानी के किसान धान मंडियों में लेकर पहुंचे और समय पर तुलाई व खरीद संपन्न हुई।
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इस साल मौसम अनुकूल रहने और खेतों में रोग-प्रभाव कम रहने से उत्पादन अच्छा हुआ। इसका सीधा असर खरीद में बढ़ोतरी के रूप में सामने आया।
हेफेड डीएम संदीप पूनिया ने बताया कि इस वर्ष पीआर धान की खरीद में वृद्धि का मुख्य कारण किसानों द्वारा उन्नत बीजों का उपयोग, बेहतर कृषि प्रबंधन और अनुकूल मौसम रहा। मंडियों में उठान व्यवस्था को तेज करवाया गया था, ताकि किसान को समय पर पेमेंट मिल सके।
पीआर धान की सरकारी खरीद संपन्न
सरकारी खरीद बंद होने के बाद अब मंडियों में केवल निजी व्यापारी ही सक्रिय रहेंगे। इस बार खरीदे गए धान की उठान प्रक्रिया भी तेजी से जारी है ताकि मंडियों में भीड़ न बढ़े और अगली फसल की खरीद व्यवस्था प्रभावित न हो। इस वर्ष जींद जिले में पीआर धान की खरीद पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हुई।