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अस्पताल में बिजली गुल : जांच के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

Sat, 08 Jan 2022 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jan 2022 11:54 PM IST
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Power failure in hospital: After investigation, strict action will be taken against the guilty employees
नागरिक अस्पताल में शुक्रवार शाम को बिजली गुल होने पर अस्पताल प्रशासन काफी सख्त नजर आ रहा है। समय पर जेनरेटर स्टार्ट नहीं होने के पीछे कारणों का पता लगाने के लिए कमेटी गठित की गई है। इसके अलावा यह कमेटी जेनरेटर के रखरखाव व उसकी समय पर मरम्मत, तेल आदि की भी पूरी जानकारी रखेगी। अस्पताल प्रशासन ने इलेक्ट्रिशियन तथा एक अन्य कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अस्पताल प्रशासन की तरफ से कहा गया कि यदि इसमें किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बताते चलें कि नागरिक अस्पताल में शुक्रवार शाम को लगभग साढ़े छह बजे अचानक बिजली सप्लाई फेल हो गई। बिजली जाने के बाद अस्पताल में मौजूद दो जेनरेटर सेटों को चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी नहीं चले। किसी ने तेल की कमी बताई तो किसी ने कहा कि समय पर इनकी सर्विस नहीं होने के कारण यह नहीं चल रहे। लगभग दो घंटे तक अस्पताल में मरीज काफी परेशान रहे। सबसे ज्यादा एसएनसीयू में रखे शिशुओं को हुई। जैसे-तैसे ऑक्सीजन सिलिंडर से तापमान को नियंत्रित करके काम चलाया। लगभग दो घंटे बाद बिजली सप्लाई बहाल हो पाई।
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स्टाफ नर्स ने बचाई शिशुओं की जान
जिस समय बिजली सप्लाई बंद हुई, उस समय एसएनसीयू में छह बच्चे थे। बिना बिजली के एसएनसीयू में बच्चों को ऑक्सीजन सप्लाई नहीं दी जा रही थी। ऐसे में स्टाफ नर्स कृष्णा ने सभी बच्चों को सिलिंडर से ऑक्सीजन सप्लाई दी। इसके अलावा बच्चों का तापमान भी उचित रखा। दो घंटे बाद बिजली सप्लाई बहाल हुई तो सभी ने राहत की सांस ली।
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जेनरेटर में डीजल था या नहीं, इसकी जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा जेनरेटर क्यों नहीं चल पाए इसके पीछे कारणों का पता लगाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसमें डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, डॉ. चंद्रमोहन व डॉ. विशाल को रखा गया है। समय पर जेनरेटरों की सर्विस तथा उसके डीजल संबंधी सभी प्रकार के कार्यों की देखरेख भी यह कमेटी करेगी। इसके लिए एक लॉग बुक लगाई जाएगी, जिसमें प्रतिदिन जेनरेटर के बारे में लिखा जाएगा। पूरे घटनाक्रम के पीछे यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दो कर्मचारियों का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
- डॉ. अनिल बिरला, पीएमओ।
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