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Jind News: खतरनाक स्तर पर प्रदूषण, जिले में ग्रैप-2 लागू
Fri, 25 Oct 2024 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 25 Oct 2024 01:43 AM IST
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24जेएनडी10-वीरवार सुबह खेतों में छाया स्मॉग। संवाद
जींद। दिवाली से पहले ही जिले की हवा जहरीली हो गई है। वायु प्रदूषण अधिक बढ़ने की वजह से जिले को रेड जोन में शामिल किया गया है। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर इतना अधिक बढ़ गया है कि एक्यूआई 330 से ऊपर दर्ज किया गया है। जहरीली होती हवा को देखकर जिले में ग्रैप-2 को लागू कर दिया गया है, जो प्रदूषण कम होने के बाद ही हटाया जा सकेगा। जिले में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने की वजह से लोगों का खुली हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार वीरवार को जिले की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। इसके चलते दो दिनों से जिले का एक्यूआई 300 से ज्यादा पर चल रहा है। आने वाले दिनों में भी प्रदूषण का स्तर कम होने की उम्मीद नहीं है। जिला प्रशासन ने भी एक्यूआई स्तर कम करने के लिए शहर की सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव भी शुरू करवा दिया है। यह छिड़काव सुबह, दोपहर और शाम को किया जा रहा है, ताकि सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की वजह से धूल न उड़े। ग्रैप-2 की पाबंदी लागू होने की वजह से अब निर्माण कार्य तथा कूड़े में आग लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी लागू कर दी गई है।
ग्रैप के दूसरे चरण की पाबंदियां
अस्पताल, रेल सेवा को छोड़कर अन्य जगहों पर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध।
कोयले और लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी।
फैक्टरियों में केवल उचित ईंधन का इस्तेमाल किया जाएगा।
निर्माण कार्यों पर रोक। अधिकारी समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण करेंगे।
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग फीस को बढ़ाया दिया जाएगा।
किनका कर सकते हैं इस्तेमाल
बायो गैस, एलपीजी से चलने वाले जेनरेटर का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
रोजाना सड़कों की साफ-सफाई और पानी का छिड़काव होगा।
नागरिक अस्पताल में दमा रोगियों की बढ़ी ओपीडी
नागरिक अस्पताल में दमा रोगियों की ओपीडी बढ़ गई है। पहले सांस की बीमारी से जुड़े मरीज रोजाना 80 से 100 के बीच आते थे, लेकिन प्रदूषण बढ़ने की वजह से इनकी संख्या बढ़कर 250 से 300 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा चर्म और आंखों की बीमारी से परेशान लोगों की संख्या भी बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी में बढ़ोतरी हो रही है। अब रोजाना 1500 से पार मरीज दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं। चर्म और नेत्र चिकित्सक तीन बजे तक मरीजों को देख रहे हैं, जबकि एक्यूआई बढ़ने से पहले मरीजों की इतनी भीड़ नहीं होती थी। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की आंखों में जलन तथा चर्म रोग से संबंधित शिकायतें ज्यादा आ रही हैं।
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एक्यूआई का प्रभाव
0-50 कोई नुकसान नहीं
51-100 सामान्य बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए थोड़ा नुकसानदायक
101-200 सांस के रोगियों के लिए नुकसानदायक
201-300 लोगों को सांस लेने में परेशानी
301-400 आंखों में जलन व सांस लेने की परेशानी
ग्रैप-2 के नियमों के अनुसार कार्य करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर सुबह, दोपहर और शाम को पानी का छिड़काव किया जा रहा है। निर्माण कार्यों तथा खुले में आग जलाने पर रोक है। ग्रैप-2 के नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार वीरवार को जिले की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। इसके चलते दो दिनों से जिले का एक्यूआई 300 से ज्यादा पर चल रहा है। आने वाले दिनों में भी प्रदूषण का स्तर कम होने की उम्मीद नहीं है। जिला प्रशासन ने भी एक्यूआई स्तर कम करने के लिए शहर की सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव भी शुरू करवा दिया है। यह छिड़काव सुबह, दोपहर और शाम को किया जा रहा है, ताकि सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की वजह से धूल न उड़े। ग्रैप-2 की पाबंदी लागू होने की वजह से अब निर्माण कार्य तथा कूड़े में आग लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी लागू कर दी गई है।
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ग्रैप के दूसरे चरण की पाबंदियां
अस्पताल, रेल सेवा को छोड़कर अन्य जगहों पर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध।
कोयले और लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी।
फैक्टरियों में केवल उचित ईंधन का इस्तेमाल किया जाएगा।
निर्माण कार्यों पर रोक। अधिकारी समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण करेंगे।
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग फीस को बढ़ाया दिया जाएगा।
किनका कर सकते हैं इस्तेमाल
बायो गैस, एलपीजी से चलने वाले जेनरेटर का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
रोजाना सड़कों की साफ-सफाई और पानी का छिड़काव होगा।
नागरिक अस्पताल में दमा रोगियों की बढ़ी ओपीडी
नागरिक अस्पताल में दमा रोगियों की ओपीडी बढ़ गई है। पहले सांस की बीमारी से जुड़े मरीज रोजाना 80 से 100 के बीच आते थे, लेकिन प्रदूषण बढ़ने की वजह से इनकी संख्या बढ़कर 250 से 300 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा चर्म और आंखों की बीमारी से परेशान लोगों की संख्या भी बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी में बढ़ोतरी हो रही है। अब रोजाना 1500 से पार मरीज दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं। चर्म और नेत्र चिकित्सक तीन बजे तक मरीजों को देख रहे हैं, जबकि एक्यूआई बढ़ने से पहले मरीजों की इतनी भीड़ नहीं होती थी। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की आंखों में जलन तथा चर्म रोग से संबंधित शिकायतें ज्यादा आ रही हैं।
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एक्यूआई का प्रभाव
0-50 कोई नुकसान नहीं
51-100 सामान्य बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए थोड़ा नुकसानदायक
101-200 सांस के रोगियों के लिए नुकसानदायक
201-300 लोगों को सांस लेने में परेशानी
301-400 आंखों में जलन व सांस लेने की परेशानी
ग्रैप-2 के नियमों के अनुसार कार्य करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर सुबह, दोपहर और शाम को पानी का छिड़काव किया जा रहा है। निर्माण कार्यों तथा खुले में आग जलाने पर रोक है। ग्रैप-2 के नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। -मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद।

24जेएनडी10-वीरवार सुबह खेतों में छाया स्मॉग। संवाद

24जेएनडी10-वीरवार सुबह खेतों में छाया स्मॉग। संवाद