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Jind News: नागरिक अस्पताल में आने वाले लोगों को उपचार के लिए नहीं होगी परेशानी
Tue, 13 May 2025 02:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 13 May 2025 02:54 AM IST
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जींद। भारत-पाक युद्ध शांति के बावजूद अधिकारी लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में लगे हुए हैं। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में आने वाले लोगों को उपचार के लिए अब कोई परेशानी नहीं होगी। इसको लेकर सीएमओ ने सभी नोडल को सख्त निर्देश दिए हैं।
युद्ध के दौरान अस्पताल की छत पर लाल क्रॉस या एच चिह्न का आकार जिनेवा सम्मेलनों और अतिरिक्त सैन्य दिशा-निर्देशों से निर्देशित होता है, ताकि हवाई हमलों से दृश्यता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसको लेकर नागरिक अस्पताल की छत पर प्लस का निशान बनाया गया है। इसका न्यूनतम आकार एच या लाल क्रॉस के लिए 6 मीटर है। बेहतर दृश्यता के लिए इसे बड़ा बनाया गया है। नागरिक अस्पताल 200 बेड का है। पुराने भवन में जहां इमरजेंसी विंग चलाई जाती है वहीं नए भवन में चिकित्सक ओपीडी करते हैं। कई बार लोगों को अस्पताल में आने पर यही नहीं पता चल पाता था कि वह उपचार के लिए कौन से भवन में जाएं। इस तरह की कई समस्याएं स्वास्थ्य अधिकारियों के समक्ष पहुंच रहीं थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल के प्रवेश द्वार पर शव गृह की दीवार पर नए भवन में ओपीडी के भवन की जानकारी दर्शाकर पेंटिंग करवाई गई है। इसमें तीर का निशान भी बनाया गया है। इससे पता चलता है कि ओपीडी विंग बिल्कुल सामने है। इसके साथ ही पुराने भवन के साथ जहां जनरेटर सेट रखा गया है। वहां आपातकालीन विभाग को दर्शाते हुए बोर्ड लगा दिया गया है। यहां भी नए भवन की ओपीडी का संदेश लिखा गया है।
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अस्पताल बिल्डिंग में कमरों के नंबर लिखवाएं
नागरिक अस्पताल के नए भवन में ओपीडी के लिए पर्ची स्लिप काटी जाती है। इस पर कमरा नंबर व चिकित्सक का नाम लिखा जाता है। कई बार मरीज व उनके तीमारदारों को कमरों को ढूंढना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि नई बिल्डिंग में तीन तल हैं। पहले व दूसरे तल पर ओपीडी होती है और यहां चिकित्सक अलग-अलग कमरों में बैठ कर उपचार करते हैं। जबकि तीसरे तल पर ऑपरेशन थिएटर बनाया गया है। ऐसे में मरीज व उनके तीमारदारों को चिकित्सक कमरों के लिए ज्यादा पूछताछ न करनी पड़े, जगह-जगह कमरों की जानकारी लिख दी गई है। प्रथम तल पर कमरों की जानकारी अलग से व दूसरे तल पर कमरों की जानकारी अलग से दर्शाई गई है।
अस्पताल परिसर में जगह-जगह पर बोर्ड लगवाए गए हैं। जिन पर ओपीडी विंग की जानकारी, चिकित्सक कमरों के नंबर दर्शाए गए हैं। बाकायदा इन कमरों में मिलने वाली सुविधाओं को भी अंकित करवा दिया गया है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए ज्यादा पूछताछ न करनी पड़े और उन्हें तुरंत उपचार मिले। इसके अलावा अस्पताल की छत पर उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार प्लस का निशान बना दिया गया है।
-डॉ. सुमन कोहली सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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युद्ध के दौरान अस्पताल की छत पर लाल क्रॉस या एच चिह्न का आकार जिनेवा सम्मेलनों और अतिरिक्त सैन्य दिशा-निर्देशों से निर्देशित होता है, ताकि हवाई हमलों से दृश्यता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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इसको लेकर नागरिक अस्पताल की छत पर प्लस का निशान बनाया गया है। इसका न्यूनतम आकार एच या लाल क्रॉस के लिए 6 मीटर है। बेहतर दृश्यता के लिए इसे बड़ा बनाया गया है। नागरिक अस्पताल 200 बेड का है। पुराने भवन में जहां इमरजेंसी विंग चलाई जाती है वहीं नए भवन में चिकित्सक ओपीडी करते हैं। कई बार लोगों को अस्पताल में आने पर यही नहीं पता चल पाता था कि वह उपचार के लिए कौन से भवन में जाएं। इस तरह की कई समस्याएं स्वास्थ्य अधिकारियों के समक्ष पहुंच रहीं थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल के प्रवेश द्वार पर शव गृह की दीवार पर नए भवन में ओपीडी के भवन की जानकारी दर्शाकर पेंटिंग करवाई गई है। इसमें तीर का निशान भी बनाया गया है। इससे पता चलता है कि ओपीडी विंग बिल्कुल सामने है। इसके साथ ही पुराने भवन के साथ जहां जनरेटर सेट रखा गया है। वहां आपातकालीन विभाग को दर्शाते हुए बोर्ड लगा दिया गया है। यहां भी नए भवन की ओपीडी का संदेश लिखा गया है।
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अस्पताल बिल्डिंग में कमरों के नंबर लिखवाएं
नागरिक अस्पताल के नए भवन में ओपीडी के लिए पर्ची स्लिप काटी जाती है। इस पर कमरा नंबर व चिकित्सक का नाम लिखा जाता है। कई बार मरीज व उनके तीमारदारों को कमरों को ढूंढना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि नई बिल्डिंग में तीन तल हैं। पहले व दूसरे तल पर ओपीडी होती है और यहां चिकित्सक अलग-अलग कमरों में बैठ कर उपचार करते हैं। जबकि तीसरे तल पर ऑपरेशन थिएटर बनाया गया है। ऐसे में मरीज व उनके तीमारदारों को चिकित्सक कमरों के लिए ज्यादा पूछताछ न करनी पड़े, जगह-जगह कमरों की जानकारी लिख दी गई है। प्रथम तल पर कमरों की जानकारी अलग से व दूसरे तल पर कमरों की जानकारी अलग से दर्शाई गई है।
अस्पताल परिसर में जगह-जगह पर बोर्ड लगवाए गए हैं। जिन पर ओपीडी विंग की जानकारी, चिकित्सक कमरों के नंबर दर्शाए गए हैं। बाकायदा इन कमरों में मिलने वाली सुविधाओं को भी अंकित करवा दिया गया है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए ज्यादा पूछताछ न करनी पड़े और उन्हें तुरंत उपचार मिले। इसके अलावा अस्पताल की छत पर उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार प्लस का निशान बना दिया गया है।
-डॉ. सुमन कोहली सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।