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पेगां पैक्स का मामला पंचायत में रफा दफा करने का प्रयास विफल

Tue, 04 Feb 2020 11:27 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 11:27 PM IST
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pega packs attempt to crack case in panchayat failed
पेगां पैक्स में हुए घोटाले को लेकर लघु सचिवालय में एकत्रित संडील गांव के किसान। - फोटो : Jind
पेगां पैक्स घोटाला मामले में गबन के आरोपी अब बैकफुट पर आ गए हैं। मंगलवार को जांच के लिए पहुंचे संडील गांव के किसानों के साथ मीटिंग कर आरोपियों के परिजनों ने पंचायती तौर पर मामला निपटाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके लिए लघु सचिवालय परिसर में करीब एक घंटे तक वार्ताओं का दौर चला, लेकिन बातचीत नहीं बनी। दरअसल आरोपियों के परिजनों ने ऑफर दिया कि उनके लोगों ने जो घोटाला किया है, वह राशि भर देंगे, लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि सभी किसानों के खातों का लेनदेन सही हो तो वे बातचीत कर सकते हैं। वहीं ग्रामीणों ने पैक्स चुनाव पर भी सवाल उठाए हैं।
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गौरतलब है कि करीब तीन महीने पहले पेगां पैक्स में घोटाले का मामला सामने आया था। संडील गांव के किसानों का आरोप है कि पैक्स कर्मचारियों ने बिना खाद दिए ही उनके खातों में चढ़ा दिया। इतना ही नहीं जिन किसानों ने पैक्स से पैसे नहीं लिए उनके खाते से भी राशि निकलवाई गई है। इस मामले में जिला परिवेदन समिति के चेयरमैन मंत्री अनूप धानक ने एसआईटी से जांच के आदेश दिए हैं। वहीं सहकारी समितियों के एआर प्रवीण कादियान भी इसकी जांच कर रहे हैं। मंगलवार को एआर के समक्ष बयान दर्ज करवाने किसान पहुंचे।
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अनपढ़ किसानों के भी किए गए हैं हस्ताक्षर
किसानों का आरोप है कि कुछ किसान ऐसे हैं, जो लेनदेन के समय अंगूठा लगाते हैं, लेकिन पैक्स कर्मचारियों ने उनके खाते से भी हस्ताक्षर कर पैसे निकलवाए हैं। वहीं जिन किसानों के खाते पैक्स में नहीं हैं, उनको भी नोटिस भेजे गए हैं। ऐसे में संभावना है कि कर्मचारियों ने खुद ही ग्रामीणों के नाम से खाते खोल लिए हैं।
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चुनाव पर भी उठाए सवाल
किसानों ने कहा कि पूरे मामले में सहकारी बैंक और पैक्स के लोगों की मिलीभगत है। उन्हें पिछले पांच-छह साल से पैक्स चुनाव तक की जानकारी नहीं है। यह मामला सामने आने के बाद ही पता चला है कि पैक्स का प्रधान कौन है। ऐसे में चुनाव में भी फर्जीवाड़ा हो सकता है।
आरोपी इकट्ठे होकर करें समाधान
पंचायत में जब आरोपियों के परिजनों की तरफ से उनके द्वारा किए गए गबन की राशि भरने की बात कही गई तो किसानों ने कहा कि पहले तो उन्होेंने स्वीकारा नहीं, लेकिन बाद में अपनी-अपनी राशि भरने की बात कहने लगे। सभी आरोपी मिलकर इस मामले में पूरी राशि भरना स्वीकार करें तो आगे बात हो सकती है।

तीन लोगों के खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में पैक्स के सेवादार सुभाष, सेल्समैन मदन व प्रबंधक रोशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और इनको निलंबित किया जा चुका है।
जांच के लिए 23 किसानों को बुलाया गया था। इनमें से 12 के बयान दर्ज हुए हैं। अधिकतर किसानों को खाद देने में गड़बड़ी का संदेह है। इसकी जांच करवाई जाएगी। किसानों के चेक की जांच फोरेंसिक प्रयोगशाला में करवाई जाए। वहीं बैंक कर्मचारी जांच में शामिल नहीं हुए हैं। अब 14 फरवरी को अगली तारीख दी गई है। चुनाव नियमानुसार हुआ है। चुनाव के लिए पहले सूचना जारी की गई है। इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है।
प्रवीण कादियान, एआर, सहकारी समितियां।
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