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मरीज लाचार, बाहर से दवा खरीदकर करवा रहे उपचार

Sat, 03 Sep 2022 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 12:54 AM IST
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Patients are helpless, getting treatment by buying medicine from outside
इमरजेंसी वार्ड से ग्लूकोज लेकर महिला रोग विभाग में लाता एक व्यक्ति। संवाद। - फोटो : Jind
जींद। नागरिक अस्पताल में कुछ महत्वपूर्ण दवाइयां खत्म हो चुकी हैं तो कुछ खत्म होने के कगार पर हैं। पिछले चार दिन से टिटनेस का इंजेक्शन भी खत्म था, जो शुक्रवार को ही पहुंचा है। सिंपल पेरासिटामोल जैसी आम दवाइयां भी अस्पताल में नहीं हैं। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कुछ दवाइयों का स्टॉक रखा हुआ, उसी से अब काम चलाया जा रहा है। यदि एक-दो दिन में दवाइयां नहीं मिली तो अस्पताल प्रबंधकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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नागरिक अस्पताल में मरीज को दाखिल करते ही उसे ग्लूकोज लगाई जाती है। अस्पताल में मरीजों को तीन से चार प्रकार की ग्लूकोज लगाई जाती हैं, जिनमें से दो प्रकार की ग्लूकोज खत्म हैं। महिला रोग वार्ड में दाखिल महिलाओं के परिजनों को ग्लूकोज बाहर से खरीद कर लानी पड़ रही हैं। इसके अलावा टिटनेस का इंजेक्शन चार दिन से टिटनेस का इंजेक्शन खत्म था, जिनकी खेप शुक्रवार को ही नागरिक अस्पताल में पहुंची है। वहीं महिलाओं का नलबंदी ऑपरेशन करने से पहले उनकी प्रेगनेंसी जांच जिस किट से की जाती है, उनका स्टॉक भी बहुत ही कम बचा है। अस्पताल प्रशासन बाजार से खरीद कर महिलाओं की जांच कर रहा है। अस्पताल में साधारण खांसी में दिया जाने वाला साधारण कफ सिरप भी खत्म हो चुका है। इसके स्थान पर दूसरे साल्ट के साथ कफ सिरप दिया जा रहा है। अस्पताल में जोड़ों के दर्द की दी जाने वाली कांबीफ्लेम भी नहीं है। इसके स्थान पर दूसरी एंटीबाइटिक दवाइयां दी जा रही हैं। सिंपल पेरासिटामोल जैसी साधारण दवाइयां भी अस्पताल में नहीं होने से परेशानी हो रही है।
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इमरजेंसी वार्ड से या खरीद कर लानी पड़ रही ग्लूकोज
नागरिक अस्पताल के महिला रोग विभाग में दाखिल एक महिला ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वह तीन बार ग्लूकोज की बोतल अस्पताल के बाहर दवाइयों की दुकान से खरीद कर ला चुकी है। उसकी बहु को ऑपरेशन से बच्चा हुआ है और उसे ग्लूकोज लगाई जा रही है। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उसे बाहर से ग्लूकोज लेने के लिए भेजा था लेकिन उसे इमरजेंसी वार्ड से काम चलाने के लिए कुछ ग्लूकोज मिल गई।
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दवाइयों के लिए लगाए गए हैं टेंडर
अस्पताल में एक तो टेंडर लगाकर दवाइयां स्थानीय स्तर पर खरीदी जाती हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के वेयर हाउस से दवाइयों का स्टॉक आता है। कई बार वेयर हाउस में भी दवाइयां उपलब्ध नहीं होती तो स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारी दवाइयों की खरीद करते हैं। स्थानीय स्तर पर दवाइयों की खरीद के लिए टेंडर लगाया गया है।

अस्पताल में कुछ दवाइयां कम हैं लेकिन खत्म नहीं हुई हैं। दवाइयों की खरीद के लिए टेंडर लगाया गया है। इसके अलावा वेयर हाउस में दवाइयां एक-दो दिन में उपलब्ध हो जाएंगी। अभी तक एक भी मरीज बाहर से दवाइयां या ग्लूकोज खरीद कर नहीं लाया है। इमरजेंसी वार्ड में भी काफी मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं।
-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन
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