{"_id":"5730e8594f1c1b7d0a91a015","slug":"parshuram-jayanti-in-jind-narwana","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम की जयंती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम की जयंती
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Tue, 10 May 2016 01:13 AM IST
विज्ञापन
परशुराम जयंती पर शोभायात्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान परशुराम की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को जिलेभर में अनेेक कार्यक्रम हुए। नरवाना में ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में रिटायर्ड मेजर जनरल एवं लाला लाजपतराय विश्वविद्यालय हिसार के वीसी श्रीकांत शर्मा, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. राधेश्याम शर्मा, रिटायर्ड मुख्य अभियंता रमाकांत शर्मा तथा पुलिस अधिक्षक यातायात अशोक भारद्वाज, किसान संघ के महामंत्री रामफल शर्मा बतौर मुख्यातिथि शरीक हुए। सभी मेहमानों को मोटर साइकिल काफिले के साथ विश्राम गृह से कार्यक्रम स्थल तक लाया गया।
कार्यकारिणी के प्रधान राजकुमार, सचिव जयप्रकाश, आदित्य एडवोकेट, ज्ञान चंद, बिट्टू, पवन, रामकुमार, सतप्रकाश, अशोक कुमार व प्रदीप शर्मा ने फूल-मालाओं से अतिथियों का स्वागत किया। वीसी श्रीकांत शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम जाति विशेष के ही नहीं थे, बल्कि सर्वसमाज के प्रति उनका विशेष लगाव था।
श्रद्धालुओं ने किया हवन व लगाया भंडारा
नरवाना। सनातन धर्म मंदिर में सोमवार को जयंती को लेकर हवन और भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे परशुराम संस्थान हरियाणा के प्रधान हरिदत शर्मा व संरक्षक प्रधुम्मन शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक समाज की बजाय सभी समाज व धर्म के लोगों को रास्ता दिखाया। उन्होंने अन्याय के रास्ते पर न चलकर न्याय का रास्ता चुना और गरीब एवं असहाय की मदद की प्ररेणा दी। प्रधान ने बताया कि महाभारत के अनुसार महाराज शांतनु के पुत्र भीष्म ने भगवान परशुराम से ही अस्त्र-शस्त्र की विद्या ली थी।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ठ अतिथि फरैण कलां गांव के सरपंच सत्यवान शर्मा व नप के पूर्व प्रधान बीरबल, सरंक्षक प्रद्युमन शर्मा, सचिव सुदेश शर्मा, खजांची शर्मा ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में गांव लौन निवासी रामकुमार शर्मा व उनकी पत्नी मनोज कुमारी को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया।
फरैण कलां गांव के सरपंच सत्यवान शर्मा व बाता गांव के सरपंच को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व पार्षद चंद्रकांत शर्मा, रामफूल शर्मा, शशिकांत शर्मा, अमृत लाल शर्मा, बीरबल शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, मन्नू छाबड़ा, प्रवीन कुमार, वेद भगवान, सुदेश शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. जगदीप शर्मा राही ने किया। कार्यक्रम की शुरू आत में परशुराम चौक पर लगी परशुराम की प्रतिमा पर अनेक लोगों ने माल्यार्पण किया। परशुराम चौक पर हवन किया जिसमें पंडित गीताराम सहित अनेक लोगों ने पूर्ण आहूति डाली। इसके बाद लगाए भंडारे में अनेक लोगों ने प्रसाद चखा।
विज्ञापन
कार्यकारिणी के प्रधान राजकुमार, सचिव जयप्रकाश, आदित्य एडवोकेट, ज्ञान चंद, बिट्टू, पवन, रामकुमार, सतप्रकाश, अशोक कुमार व प्रदीप शर्मा ने फूल-मालाओं से अतिथियों का स्वागत किया। वीसी श्रीकांत शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम जाति विशेष के ही नहीं थे, बल्कि सर्वसमाज के प्रति उनका विशेष लगाव था।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं ने किया हवन व लगाया भंडारा
नरवाना। सनातन धर्म मंदिर में सोमवार को जयंती को लेकर हवन और भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे परशुराम संस्थान हरियाणा के प्रधान हरिदत शर्मा व संरक्षक प्रधुम्मन शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक समाज की बजाय सभी समाज व धर्म के लोगों को रास्ता दिखाया। उन्होंने अन्याय के रास्ते पर न चलकर न्याय का रास्ता चुना और गरीब एवं असहाय की मदद की प्ररेणा दी। प्रधान ने बताया कि महाभारत के अनुसार महाराज शांतनु के पुत्र भीष्म ने भगवान परशुराम से ही अस्त्र-शस्त्र की विद्या ली थी।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ठ अतिथि फरैण कलां गांव के सरपंच सत्यवान शर्मा व नप के पूर्व प्रधान बीरबल, सरंक्षक प्रद्युमन शर्मा, सचिव सुदेश शर्मा, खजांची शर्मा ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में गांव लौन निवासी रामकुमार शर्मा व उनकी पत्नी मनोज कुमारी को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया।
फरैण कलां गांव के सरपंच सत्यवान शर्मा व बाता गांव के सरपंच को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व पार्षद चंद्रकांत शर्मा, रामफूल शर्मा, शशिकांत शर्मा, अमृत लाल शर्मा, बीरबल शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, मन्नू छाबड़ा, प्रवीन कुमार, वेद भगवान, सुदेश शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. जगदीप शर्मा राही ने किया। कार्यक्रम की शुरू आत में परशुराम चौक पर लगी परशुराम की प्रतिमा पर अनेक लोगों ने माल्यार्पण किया। परशुराम चौक पर हवन किया जिसमें पंडित गीताराम सहित अनेक लोगों ने पूर्ण आहूति डाली। इसके बाद लगाए भंडारे में अनेक लोगों ने प्रसाद चखा।