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Jind News: 396 में से सिर्फ 32 स्कूलों ने सबमिट किया फार्म-छह
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29जेएनडी02: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय,जींद।
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जींद। सभी निजी स्कूलों को 31 मार्च तक एमआईएस पोर्टल पर फार्म-छह भरना जरूरी है। इस प्रक्रिया को पूरा किए बिना स्कूल फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। जिले में कुल 396 निजी स्कूल हैं जिनमें से अब तक केवल 32 स्कूलों ने ही फार्म-छह जमा कराया है। 364 स्कूलों की फार्म भरने की प्रक्रिया जारी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अंतिम तिथि के बाद फार्म जमा नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फार्म-छह में स्कूल प्रबंधन से जुड़ी कई जानकारियां मांगी गई हैं। इसमें स्कूल प्रमुख का नाम, संपर्क नंबर, ई-मेल आईडी, स्कूल का पिन कोड, प्रबंधन समिति का विवरण और मान्यता से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा प्रत्येक कक्षा के अनुसार निर्धारित फीस का पूरा ब्योरा देना भी जरूरी किया गया है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से निजी स्कूलों में मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। हर साल सत्र शुरू होते ही फीस में बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आती थीं जिन्हें देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हर वर्ष अधिकतर निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी कर अभिभावकों की जेब पर आर्थिक बोझ डाला दिया जाता है। वहीं फीस के अलावा बच्चों की सुविधा के लिए परिवहन, हॉस्टल, खाना व शैक्षणिक भ्रमण जैसी सुविधाओं पर भी अलग से वसूली की जाती है।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अंतिम तिथि के बाद फार्म जमा नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फार्म-छह में स्कूल प्रबंधन से जुड़ी कई जानकारियां मांगी गई हैं। इसमें स्कूल प्रमुख का नाम, संपर्क नंबर, ई-मेल आईडी, स्कूल का पिन कोड, प्रबंधन समिति का विवरण और मान्यता से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा प्रत्येक कक्षा के अनुसार निर्धारित फीस का पूरा ब्योरा देना भी जरूरी किया गया है।
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शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से निजी स्कूलों में मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। हर साल सत्र शुरू होते ही फीस में बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आती थीं जिन्हें देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हर वर्ष अधिकतर निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी कर अभिभावकों की जेब पर आर्थिक बोझ डाला दिया जाता है। वहीं फीस के अलावा बच्चों की सुविधा के लिए परिवहन, हॉस्टल, खाना व शैक्षणिक भ्रमण जैसी सुविधाओं पर भी अलग से वसूली की जाती है।
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