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बिजली के लिए सड़क पर ग्रामीण
Jind
Updated Wed, 06 Aug 2014 11:59 PM IST
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शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं देने से परेशान गांव मलिकपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को बिजली सब स्टेशन सफीदों के बाहर जींद-पानीपत मार्ग जाम कर दिया। बिजली निगम के अधिकारियों ने लगभग एक सप्ताह पहले शेड्यूल के अनुसार बिजली देने का आश्वासन दिया था, लेकिन ग्रामीणों को बिजली नहीं मिली। जिससे परेशान होकर ग्रामीण सड़कों पर आ गए और निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुचारू रूपसे बिजली देने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। लगभग दो घंटे तक मार्ग जाम रहने से मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लग गई। गांव मलिकपुर निवासी जसबीर, गुरमीत, गुरबाज, जस्सा नंबरदार, पूर्व सिंह, प्रताप ने बताया कि खेतों में लगभग 50 मकान बने हुए हैं। उनकी पिछले दो सालों से मांग है कि डेरों में गांव के शेड्यूल के अनुसार बिजली दी जाए। बिजली देने के लिए बिजली निगम द्वारा मेट्रोे लाइन चालू करने के लिए सफीदों में पिछले तीन माह से खंभों व तारों के साथ ट्रांसफार्मर भेजा गया है, लेकिन निगम के कर्मचारी लाइन चालू करने में आनाकानी कर रहे हैं।
इससे पहले भी उन्होंने अपनी इस मांग को लेकर जाम लगाया था। जिसमें निगम द्वारा सप्ताह में मेट्रोे लाइन चालू करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन निगम ने न तो मेट्रो लाइन को चालू किया और न ही खेतों में बिजली देने का समय बढ़ाया। साथ उन्होंने कहा पिछले तीन दिनों से उन्हें बिल्कुल भी बिजली नहीं मिल रही है। जिस कारण गांवों व डेरों में पेयजल संकट भी बना हुआ है। पूरी रात बच्चें गर्मी में बिलखते रहते हैं। दिन में महिलाओं को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। बिजली के बिना ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद बिजली निगम के अधिकारियों ने बिजली सुचारू रूप से करने के साथ-साथ मेट्रो लाइन चालू करने का आश्वासन देने बाद भी ग्रामीण जाम खोलने को राजी नहीं हुए। जिसके बाद ग्रामीणों ने बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता मनमोहन व एसडीओ ओपी मेहता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत करके जाम खुलवाया।
लिखित में आश्वासन दिया
जाम लगने की सूचना पाकर बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता मनमोहन व एसडीओ ओपी मेहता मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से उनकी समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। लेकिन इस बात पर ग्रामीण भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। बाद में निगम के अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन देने की बात कही। जिस पर ग्रामीण सहमत हो गए और अधिकारियों ने उनकी समस्या का जल्द ही समाधान करने के लिए लिखित में आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार हुए।
इससे पहले भी उन्होंने अपनी इस मांग को लेकर जाम लगाया था। जिसमें निगम द्वारा सप्ताह में मेट्रोे लाइन चालू करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन निगम ने न तो मेट्रो लाइन को चालू किया और न ही खेतों में बिजली देने का समय बढ़ाया। साथ उन्होंने कहा पिछले तीन दिनों से उन्हें बिल्कुल भी बिजली नहीं मिल रही है। जिस कारण गांवों व डेरों में पेयजल संकट भी बना हुआ है। पूरी रात बच्चें गर्मी में बिलखते रहते हैं। दिन में महिलाओं को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। बिजली के बिना ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद बिजली निगम के अधिकारियों ने बिजली सुचारू रूप से करने के साथ-साथ मेट्रो लाइन चालू करने का आश्वासन देने बाद भी ग्रामीण जाम खोलने को राजी नहीं हुए। जिसके बाद ग्रामीणों ने बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता मनमोहन व एसडीओ ओपी मेहता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत करके जाम खुलवाया।
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लिखित में आश्वासन दिया
जाम लगने की सूचना पाकर बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता मनमोहन व एसडीओ ओपी मेहता मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से उनकी समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। लेकिन इस बात पर ग्रामीण भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। बाद में निगम के अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन देने की बात कही। जिस पर ग्रामीण सहमत हो गए और अधिकारियों ने उनकी समस्या का जल्द ही समाधान करने के लिए लिखित में आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार हुए।
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