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Jind News: लंबित मांगों का समाधान न होने से एमपीएचडब्ल्यू वर्ग में नाराजगी
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फोटो 07जेएनडी20-अपनी बात रखते हुए एसोसिएशन पदाधिकारी। स्रोत सदस्य
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जींद। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने 28 जुलाई को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की मौजूदगी में हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई है।
एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, महासचिव सहदेव आर्य और प्रवक्ता संदीप कुंडू ने जारी बयान में कहा कि अधिकारियों के साथ मांगों के समाधान को लेकर सहमति बनने के बाद भी मिशन निदेशक कार्यालय की ओर से अब तक मिनट ऑफ मीटिंग जारी नहीं किया गया है।
इससे कर्मचारियों में सरकार और विभाग के ढुलमुल रवैये को लेकर रोष है। उन्होंने बताया कि एनएचएम में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को न्यायालय के आदेशानुसार नीति बनाकर नियमित करने, कैडर के मूल वेतनमान एफपीएल-6 का लाभ देने, एमसीएच, ड्रेस और यात्रा भत्ते का लाभ देने तथा सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ प्रदान करने सहित कई मांगें लंबित हैं।
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इसके अलावा तबादला नीति बनाने, शहरी क्षेत्रों में आईपीएचएस मानकों के अनुसार पद स्वीकृत कर नियमित भर्ती करने और पदनाम संशोधित करने की मांग भी शामिल है। दो वर्ष का प्रोबेशन पूरा कर चुकी सभी महिला एमपीएचडब्ल्यू को कन्फर्म करने, प्रमोशनल स्केल जारी करने, तबादले खोलने तथा वित्त वर्ष 2020-23 की बकाया एलटीसी जारी करने की मांग भी उठाई है।
पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की लड़ाई में प्रदेश का एमपीएचडब्ल्यू वर्ग नगरपालिका कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। सरकार को कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का शीघ्र संज्ञान लेकर उनका समाधान करना चाहिए।
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एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, महासचिव सहदेव आर्य और प्रवक्ता संदीप कुंडू ने जारी बयान में कहा कि अधिकारियों के साथ मांगों के समाधान को लेकर सहमति बनने के बाद भी मिशन निदेशक कार्यालय की ओर से अब तक मिनट ऑफ मीटिंग जारी नहीं किया गया है।
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इससे कर्मचारियों में सरकार और विभाग के ढुलमुल रवैये को लेकर रोष है। उन्होंने बताया कि एनएचएम में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को न्यायालय के आदेशानुसार नीति बनाकर नियमित करने, कैडर के मूल वेतनमान एफपीएल-6 का लाभ देने, एमसीएच, ड्रेस और यात्रा भत्ते का लाभ देने तथा सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ प्रदान करने सहित कई मांगें लंबित हैं।
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इसके अलावा तबादला नीति बनाने, शहरी क्षेत्रों में आईपीएचएस मानकों के अनुसार पद स्वीकृत कर नियमित भर्ती करने और पदनाम संशोधित करने की मांग भी शामिल है। दो वर्ष का प्रोबेशन पूरा कर चुकी सभी महिला एमपीएचडब्ल्यू को कन्फर्म करने, प्रमोशनल स्केल जारी करने, तबादले खोलने तथा वित्त वर्ष 2020-23 की बकाया एलटीसी जारी करने की मांग भी उठाई है।
पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की लड़ाई में प्रदेश का एमपीएचडब्ल्यू वर्ग नगरपालिका कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। सरकार को कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का शीघ्र संज्ञान लेकर उनका समाधान करना चाहिए।