{"_id":"68dc46e940481f49d50d0339","slug":"on-ashtami-devotees-celebrated-kanya-bhojan-in-temples-and-homes-parana-jind-news-c-199-1-sroh1009-141804-2025-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: अष्टमी पर मंदिरों, घरों में कन्याभोज, श्रद्धालुओं ने किया पारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: अष्टमी पर मंदिरों, घरों में कन्याभोज, श्रद्धालुओं ने किया पारण
Wed, 01 Oct 2025 02:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 01 Oct 2025 02:38 AM IST
विज्ञापन
30जेएनडी11: नवरात्र की अष्टमी पर कन्याओं को भोजन करवाते हुए श्रद्धालु। स्रोत: शहरवासी
- फोटो : अमर उजाला
जींद। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर मंगलवार सुबह श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन करवाया और पूजा-अर्चना कर व्रत समाप्त किए लेकिन श्रद्धालुओं को कन्याओं को ढूंढने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कन्याओं को भोज कराने के लिए श्रद्धालु उन्हें गलियों में ढूंढते नजर आए।
शहर के विभिन्न मंदिरों में कन्याओं को सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। मान्यता है कि नवरात्र की अष्टमी पर कन्याओं को भोजन कराने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मन्नतें पूरी करती हैं। यह भी मान्यता है कि जब तक कन्याओं को भोजन न कराया जाए तब तक व्रत सफल नहीं होता।
इसी मान्यता के चलते मंगलवार को सुबह श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों पर कन्याओं को भोजन कराया और अन्न प्रसाद के रूप में ग्रहण करके व्रत समाप्त किया। श्रद्धालुओं ने सुबह जहां कन्याओं को शीघ्र भोजन करा व्रत समाप्त कर अन्न ग्रहण करने को उतावले दिखे वहीं कन्याओं को ढूंढने के लिए भी उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
कुछ लोगों को तो भोजन कराने के लिए कन्याएं न मिलने पर मंदिरों में सामूहिक रूप से भोजन करा कर काम चलाया। वहीं कुछ कन्याओं ने कई-कई घरों में भोजन किया। ऐतिहासिक जयंती मंदिर में आठवें नवरात्र पर हवन पूजन हुआ।
विज्ञापन
शहर के विभिन्न मंदिरों में कन्याओं को सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। मान्यता है कि नवरात्र की अष्टमी पर कन्याओं को भोजन कराने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मन्नतें पूरी करती हैं। यह भी मान्यता है कि जब तक कन्याओं को भोजन न कराया जाए तब तक व्रत सफल नहीं होता।
विज्ञापन
इसी मान्यता के चलते मंगलवार को सुबह श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों पर कन्याओं को भोजन कराया और अन्न प्रसाद के रूप में ग्रहण करके व्रत समाप्त किया। श्रद्धालुओं ने सुबह जहां कन्याओं को शीघ्र भोजन करा व्रत समाप्त कर अन्न ग्रहण करने को उतावले दिखे वहीं कन्याओं को ढूंढने के लिए भी उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
कुछ लोगों को तो भोजन कराने के लिए कन्याएं न मिलने पर मंदिरों में सामूहिक रूप से भोजन करा कर काम चलाया। वहीं कुछ कन्याओं ने कई-कई घरों में भोजन किया। ऐतिहासिक जयंती मंदिर में आठवें नवरात्र पर हवन पूजन हुआ।

30जेएनडी11: नवरात्र की अष्टमी पर कन्याओं को भोजन करवाते हुए श्रद्धालु। स्रोत: शहरवासी- फोटो : अमर उजाला