फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   number of asthma petients increased as air pollution increased

वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ बढ़ी अस्थमा मरीजों की संख्या

Sat, 02 Nov 2019 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2019 12:03 AM IST
विज्ञापन
number of asthma petients increased as air pollution  increased
पिछले पांच दिन से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने से अस्थमा रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इलाज करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा नाक, कान व गला रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। चिकित्सकों ने इस प्रकार के रोगियों को धूल, मिट्टी से दूर रहने की सलाह दी है। ऐसे रोगियों को इस प्रदूषित वातावरण में मास्क लगाने के लिए कहा गया है। इस प्रकार की सावधानियां बरतने से अस्थमा रोगियों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन

जानकारी के लिए दिवाली के बाद से ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। वायु प्रदूषण के स्तर को मापने के लिए एक्यूआई (एयर कंट्रोल इंडेक्स) होता है। जब यह एक्यूआई 100 से नीचे होता है तो स्वास्थ्य के लिए ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही इससे अधिक होता है तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो जाता है। इसका सीधा असर अस्थमा रोगियों व बुजुर्गों को होता है। आजकल एक्यूआई 350 से भी अधिक है। इस कारण लोगों को सांस लेने में अधिक परेशानी हो रही है। अस्थमा रोगियों के लिए यह बहुत ही खतरनाक साबित हो रहा है। वायु में अधिक प्रदूषण होने से नाक, कान, गला व एलर्जी के रोगों को भी बढ़ावा देता है। नागरिक अस्पताल में आम दिनों में लगभग 50 के आसपास अस्थमा के रोगी आते हैं लेकिन आजकल इनकी संख्या बढ़कर 150 से भी अधिक हो गई है। इसके अलावा नाक, कान व गला के भी रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। एलर्जी रोगियों की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। अस्थमा के मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है, दम फूल जाता है, खांसी आती है, वह भी बलगम वाली। यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। अस्थमा के मरीज को रात में ज्यादातर परेशानी होती है। अस्थमा में मरीज को खांसी का दौरा भी पड़ सकता है, जो कुछ घंटों तक भी जारी रह सकता है। इस दौरे के दौरान मरीज की मौत भी हो सकती है।
विज्ञापन

अस्थमा रोग के लक्षण
चिकित्सकों के मुताबिक सांस लेने में परेशानी होना, दम घुटना, सांस लेते समय आवाज होना, सांस फूलना, छाती में कुछ जमा हुआ सा या भरा हुआ सा महसूस होना, बहुत खांसने पर चिकना कफ आना, परिश्रम का काम करते समय सांस फूलना आदि लक्षण अस्थमा के होते हैं। इस समय वातावरण में प्रदूषण अधिक होना अस्थमा रोग को बढ़ावा देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्थमा से बचाव के उपाय
अस्थमा रोगियों को धूल, मिट्टी या खुले वातावरण से बचना चाहिए। यदि सांस फूलने लगे तो परिश्रम का काम नहीं करना चाहिए। धूम्रपान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा ठंडे स्थान से तथा ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करना चाहिए। इस समय प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है, ऐसे में रोगियों को मास्क लगाना चाहिए।

-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, जींद।
नागरिक अस्पताल में नहीं ईएनटी
नागरिक अस्पताल में फिलहाल ईएनटी विशेषज्ञ नहीं है। पिछले काफी समय से ईएनटी विशेषज्ञ का पद नागरिक अस्पताल में खाली पड़ा है, इसलिए नागरिक अस्पताल में आने वाले नाक, कान व गला के रोगी निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed