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Jind News: अब छह नहीं सात विषयों की होगी परीक्षा, बेस्ट फाइव की जगह लागू होगा बेस्ट सिक्स फॉर्मूला

Sun, 22 Mar 2026 02:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 22 Mar 2026 02:22 AM IST
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Now, examinations will be held for seven subjects instead of six; the 'Best Six' formula will be implemented in place of the 'Best Five'.
जींद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अब स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हुए त्रि-भाषाई फॉर्मूला लागू किया है। अब कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को छह के स्थान पर कुल सात विषयों का अध्ययन करना होगा। इस बदलाव के कारण अब रिजल्ट तैयार करते समय बेस्ट फाइव के स्थान पर बेस्ट सिक्स का फॉर्मूला अपनाया जाएगा।
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बोर्ड के नए नियमों के तहत अब विद्यार्थियों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ एक तीसरी भाषा का चयन करना अनिवार्य होगा। छात्र संस्कृत, पंजाबी या उर्दू में से किसी एक भाषा को चुन सकेंगे। नौवीं कक्षा के लिए यह नियम वर्तमान सत्र 2025-26 से प्रभावी हो गया है। 10वीं कक्षा के लिए सत्र 2026-27 से इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
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अब तक की व्यवस्था में यदि कोई परीक्षार्थी हिंदी विषय में फेल हो जाता था, तो संस्कृत के अंक उसे पास कराने में मदद करते थे। अब संस्कृत या अन्य तीसरी भाषा को स्वतंत्र और अनिवार्य विषय बना दिया गया है। ऐसे में हिंदी में फेल होने पर संस्कृत से अंक स्थानांतरित करने का प्रावधान पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। विद्यार्थियों को अब सभी अनिवार्य भाषाओं में अलग-अलग उत्तीर्ण होना होगा।
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यह नियम केवल नियमित छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि हरियाणा मुक्त विद्यालय के परीक्षार्थियों पर भी समान रूप से लागू होगा। वहीं, आठवीं के बाद आईटीआई के जरिए 10वीं की समकक्षता चाहने वाले छात्रों को भी अब दो की जगह तीन भाषाएं (हिंदी, अंग्रेजी और तीसरी चुनी गई भाषा) पास करनी होंगी।

दिव्यांग छात्रों को राहत और कंपार्टमेंट के नियम
भले ही विषयों की संख्या सात हो गई है, लेकिन कंपार्टमेंट की श्रेणी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण होने पर छात्र को पहले की तरह ही कंपार्टमेंट की श्रेणी में रखा जाएगा। कौशल विषय में यदि कोई छात्र गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में फेल होता है तो कौशल विषय के अंक पहले की तरह ही उसे पास कराने में मदद करेंगे। जिन दिव्यांग छात्रों को पहले हिंदी या अंग्रेजी में छूट मिलती थी अब उन्हें तीनों भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, तीसरी भाषा में से किसी एक को छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा।



हरियाणा बोर्ड अब त्रि-भाषाई फॉर्मूला लागू कर रहा है। सत्र 2025-26 से 9वीं और 2026-27 से 10वीं में छात्रों को संस्कृत, पंजाबी या उर्दू में से एक अनिवार्य भाषा चुननी होगी। अब विषयों की संख्या सात होने के कारण परिणाम बेस्ट सिक्स आधार पर बनेगा। सभी स्कूल मुखियाओं को इस के लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
- रितु पंघाल, जिला शिक्षा अधिकारी, जींद।
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