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Jind News: लाइफस्टाइल डे पर एनसीसी कैडेट्स ने स्लोगन लेखन में दिखाई रचनात्मकता
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09जेएनडी04: आयोजित कार्यक्रम में मौजूद रही छात्राएं व अध्यापिकाएं। स्रोत: संस्थान
जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय में बुधवार को लाइफस्टाइल डे के अवसर पर एनसीसी विंग की ओर से स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली, फिटनेस, स्वच्छता, संतुलित आहार, मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
प्रतियोगिता में एनसीसी की 20 कैडेट्स ने उत्साह के साथ भाग लिया। कैडेट्स ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को लेकर आकर्षक और प्रेरणादायक स्लोगन लिखे। इनमें स्वस्थ जीवनशैली-सुखी जीवन, फिट इंडिया-स्वस्थ भारत, नशामुक्त युवा-सशक्त राष्ट्र, स्वच्छता अपनाएं-स्वस्थ जीवन पाएं और पर्यावरण संरक्षण-हमारी जिम्मेदारी के संदेश शामिल किए गए।
प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. नीलम रानी और एनसीसी सदस्य डॉ. सुषमा गर्ग ने निभाई। उन्होंने स्लोगनों का मूल्यांकन रचनात्मकता, विषयवस्तु, संदेश और प्रभावशीलता के आधार पर किया।
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महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम मोर ने कैडेट्स के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने छात्राओं को अनुशासन, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। एनसीसी सीटीओ एवं प्रभारी आरती सैनी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम कैडेट्स में अनुशासन, नेतृत्व, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रेनर पूनम का विशेष योगदान रहा।
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प्रतियोगिता में एनसीसी की 20 कैडेट्स ने उत्साह के साथ भाग लिया। कैडेट्स ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को लेकर आकर्षक और प्रेरणादायक स्लोगन लिखे। इनमें स्वस्थ जीवनशैली-सुखी जीवन, फिट इंडिया-स्वस्थ भारत, नशामुक्त युवा-सशक्त राष्ट्र, स्वच्छता अपनाएं-स्वस्थ जीवन पाएं और पर्यावरण संरक्षण-हमारी जिम्मेदारी के संदेश शामिल किए गए।
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प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. नीलम रानी और एनसीसी सदस्य डॉ. सुषमा गर्ग ने निभाई। उन्होंने स्लोगनों का मूल्यांकन रचनात्मकता, विषयवस्तु, संदेश और प्रभावशीलता के आधार पर किया।
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महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूनम मोर ने कैडेट्स के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने छात्राओं को अनुशासन, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। एनसीसी सीटीओ एवं प्रभारी आरती सैनी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम कैडेट्स में अनुशासन, नेतृत्व, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रेनर पूनम का विशेष योगदान रहा।