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चूल्हा जलाने की जद्दोजहद में बुझा घर का चिराग, तीन बच्चों से छूटा मां का आंचल
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नहर की पटरी पर पड़ा आयुष का खिलौना।
- फोटो : Jind
संजय कुमार
सफीदों। गांव अंटा में शनिवार चूल्हा जलाने की जद्दोजहद में एक घर का चिराग बुझ गया। वहीं तीन बच्चों से उनकी मां का आंचल छूट गया। शनिवार दोपहर दो सगी बहनें सात साल के आयुष के साथ नहर किनारे लकड़ियां काटने गई थी। इस दौरान खेलते समय बच्चा नहर में गिर गया। बच्चे को डूबता देख दोनों बहनें नहर में कूद गई। तीनों से किसी को भी तैरना नहीं आता था। इस दौरान बहाव तेज होने के कारण बच्चा और उसकी मौसी बह गए। जबकि शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ट्रैफिक पुलिस के एएसआई ने बच्चे की मां रस्सी की मदद से को बचाया लिया। नहर में डूबने से आयुष और उसकी मौसी कविता की मौत हो गई।
अंटा गांव के काफी परिवार पास से गुजरने वाली बुटाना ब्रांच नहर के किनारे खड़े पेड़ों से लकड़ियां चुनकर लाते हैं। इन्हीं लकड़ियों से वह अपने घरों के चूल्हे जलाते हैं। शनिवार को कविता, उसकी बहन पिंकी नहर पर लकड़ियां लेने निकली थी। इस दौरान आयुष ने जिद की तो मां ने सोचा वह पेड़ों के नीचे खेल ले गया। इसके बाद तीनों नहर किनारे चले गए। दोनों बहनें लकड़ियां काटने व चुनने लगी तो आयुष नहर किनारे खेलने लगा। कुछ देर बाद कविता ने देखा कि आयुष नहर में गिर गया है। वह तुरंत आई और नहर में आयुष को बचाने के लिए कूद गई। दोनों को बहता देख पिंकी ने भी छलांग लगा दी। लेकिन तीनों में से किसी को तैरना नहीं आता था। इसके बाद एक महिला ने शोर मचाया तो लोग भागकर मौके पर पहुंचे। ट्रैफिक पुलिस के एएसआई रणबीर ने पास पड़ी रस्सी की मदद से पिंकी को सकुशल नहर से बाहर निकाला लेकिन कविता और आयुष की डूबने से मौत हो गई।
हैचरी में चालक हैं आयुष के पिता
आयुष के पिता बिरजू एक हैचरी में बतौर चालक काम करते हैं। वह इसी के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आयुष की एक छोटी बहन है। वहीं कविता के पास दो लड़कियां और एक लड़का है। कविता की मौत से तीनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। जबकि बिरजू के घर का चिराग बुझ गया। कविता की शादी धीरा के साथ हुई है।
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खेलते समय नहर में गिरे मासूम को बचाने के लिए दोनों बहनें कविता व पिंकी भी नहर में कूद गई। बच्चे की मां पिंकी को नहर से सकुशल बाहर निकाल लिया गया लेकिन कविता और आयुष बह गए। करीब दो घंटे बाद दोनों के शव नहर से बाहर निकाले गए। पिंकी की जान बचाकर एएसआई रणबीर ने मानवता का परिचय दिया है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- संजय कुमार, शहर थाना प्रभारी, सफीदों
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सफीदों। गांव अंटा में शनिवार चूल्हा जलाने की जद्दोजहद में एक घर का चिराग बुझ गया। वहीं तीन बच्चों से उनकी मां का आंचल छूट गया। शनिवार दोपहर दो सगी बहनें सात साल के आयुष के साथ नहर किनारे लकड़ियां काटने गई थी। इस दौरान खेलते समय बच्चा नहर में गिर गया। बच्चे को डूबता देख दोनों बहनें नहर में कूद गई। तीनों से किसी को भी तैरना नहीं आता था। इस दौरान बहाव तेज होने के कारण बच्चा और उसकी मौसी बह गए। जबकि शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ट्रैफिक पुलिस के एएसआई ने बच्चे की मां रस्सी की मदद से को बचाया लिया। नहर में डूबने से आयुष और उसकी मौसी कविता की मौत हो गई।
अंटा गांव के काफी परिवार पास से गुजरने वाली बुटाना ब्रांच नहर के किनारे खड़े पेड़ों से लकड़ियां चुनकर लाते हैं। इन्हीं लकड़ियों से वह अपने घरों के चूल्हे जलाते हैं। शनिवार को कविता, उसकी बहन पिंकी नहर पर लकड़ियां लेने निकली थी। इस दौरान आयुष ने जिद की तो मां ने सोचा वह पेड़ों के नीचे खेल ले गया। इसके बाद तीनों नहर किनारे चले गए। दोनों बहनें लकड़ियां काटने व चुनने लगी तो आयुष नहर किनारे खेलने लगा। कुछ देर बाद कविता ने देखा कि आयुष नहर में गिर गया है। वह तुरंत आई और नहर में आयुष को बचाने के लिए कूद गई। दोनों को बहता देख पिंकी ने भी छलांग लगा दी। लेकिन तीनों में से किसी को तैरना नहीं आता था। इसके बाद एक महिला ने शोर मचाया तो लोग भागकर मौके पर पहुंचे। ट्रैफिक पुलिस के एएसआई रणबीर ने पास पड़ी रस्सी की मदद से पिंकी को सकुशल नहर से बाहर निकाला लेकिन कविता और आयुष की डूबने से मौत हो गई।
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हैचरी में चालक हैं आयुष के पिता
आयुष के पिता बिरजू एक हैचरी में बतौर चालक काम करते हैं। वह इसी के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आयुष की एक छोटी बहन है। वहीं कविता के पास दो लड़कियां और एक लड़का है। कविता की मौत से तीनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। जबकि बिरजू के घर का चिराग बुझ गया। कविता की शादी धीरा के साथ हुई है।
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खेलते समय नहर में गिरे मासूम को बचाने के लिए दोनों बहनें कविता व पिंकी भी नहर में कूद गई। बच्चे की मां पिंकी को नहर से सकुशल बाहर निकाल लिया गया लेकिन कविता और आयुष बह गए। करीब दो घंटे बाद दोनों के शव नहर से बाहर निकाले गए। पिंकी की जान बचाकर एएसआई रणबीर ने मानवता का परिचय दिया है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- संजय कुमार, शहर थाना प्रभारी, सफीदों