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Jind News: जयंती देवी मंदिर में 13 हजार से अधिक कन्याओं ने किया भोज

Sat, 24 Feb 2024 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sat, 24 Feb 2024 12:20 AM IST
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More than 13 thousand girls had feast in Jayanti Devi temple
जयंती देवी मंदिर में प्रसाद ग्रहण करने के लिए आते स्कूली बच्चे।
जींद। महाभारतकालीन ऐतिहासिक श्री जयंती देवी मंदिर में शुक्रवार को श्री जयंती महायज्ञ के समापन अवसर पर भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इसमें शहरभर के स्कूलों की 13 हजार से ज्यादा कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोज करवाया गया। कन्या भोज से पहले यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुति डाली और शहर की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
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जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने कहा कि वर्षों पहले केवल 11 कन्याओं के पूजन से इस कार्यक्रम की शुरूआत हुई थी। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं के सहयोग से यह संख्या बढ़ती चली गई। इस वर्ष 11 हजार कन्याओं के भोज का लक्ष्य रखा गया था। उम्मीद से बढ़कर जींद की जनता और अभिभावकों ने सहयोग किया और यह संख्या 13 हजार को भी पार करेगी। इस अवसर पर अमर दास महाराज ने कहा कि कन्या को देवी का रूप माना जाता है। विज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अगर हम धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म भी हमारी रक्षा करेगा। दर्शनानंद महाराज ने कहा कि मातृशक्ति के बिना सृष्टि नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि मां का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि डीजीपी आरसी मिश्रा ने कहा कि मां के बिन सृजन नहीं होता और सृजन के बिना संरचना नहीं होती। पुरुष की तुलना में महिला में 12.5 गुना ज्यादा ताकत होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इसे केवल दिखावा ने बनाई बल्कि दिल से महिलाओं की इज्जत करें। जींद नगर परिषद के चेयरपर्सन डाॅ. अनुराधा सैनी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम से मातृशक्ति के प्रति सम्मान की भावना पैदा होती है। मातृ शक्ति के बिना सृष्टि का संचालन नहीं हो सकता। परम संत डाॅ. अमृत दीदी ने कहा कि अपनी जन्म भूमि से ऊपर उठ कर कुछ नहीं है। भगवान राम 498 साल का बनवास काट कर अब अपनी जन्मभूमि पर विराजमान हो चुके हैं। निरंजन अखाड़ा हरिद्वार से आई साध्वी शक्तिपुरी महाराज ने कहा कि यह पांडवों की भूमि है और यहां पांडवों ने युद्ध से पहले मां जयंती देवी की पूजा कर उनका आशीर्वाद हासिल किया था। स्वामी राघवानंद महाराज, स्वामी सदानंद महाराज ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कन्या पूजन अपने आप में एक रिकार्ड है। वहीं सागर कौशिक ने बताया कि मंदिर परिसर में पिछले 15 दिनों से शतचंडी महायज्ञ एवं हवन का कार्यक्रम चल रहा था। सुबह महायज्ञ एवं हवन की पूर्णाहुति के तुरंत बाद कन्या पूजन शुरू हुआ जो दोपहर बाद तक लगातार जारी रहा। 37 साल पहले यह आयोजन शुरू किया गया था।
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