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आंगनबाड़ी केंद्रों से एक साथ ही बांटा जा रहा महीने भर का राशन

Sun, 10 Oct 2021 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 11:30 PM IST
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Monthly ration being distributed simultaneously from Anganwadi centers
चुहड़पुर गांव में बंद पड़ा आंगनबाड़ी केंद्र। संवाद - फोटो : Jind
जींद। कोरोनाकाल के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों की हालात और काम का तरीका बदल गया है। पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रतिदिन छह वर्ष तक के बच्चे आते थे, जिनको यहां शिक्षा दी जाती थी। लेकिन अब इन केंद्रों की हालात बिल्कुल विपरीत हो चुकी है।
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कोरोनाकाल के बाद जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लगे नजर आते हैं। इसके चलते माह में जब महीने का राशन आता है तो उसको प्रति बच्चे के हिसाब से एक या दो दिन में घर-घर जाकर बांटा जाता है। इसके अलावा जब 15 दिन का राशन आता है तो उसको भी इसी तरह से वितरित किया जाता है। इसके अलावा इन कार्यकर्ताओं से स्वास्थ्य विभाग अपनी रिपोर्ट तैयार करवाने और कोरोनाकाल में टीकाकरण के कार्य में सहायता के रूप में काम लिया गया। इसके बाद अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पिछले दस दिन से केंद्रों पर तालाबंदी कर हड़ताल शुरू की हुई है। वे आंगनबाड़ी केंद्रों को निजी प्ले स्कूल में बदलने को लेकर हड़ताल पर हैं। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकारी कार्यों में सहायता के काम को बंद कर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
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प्रतिदिन एक बच्चे को 100 ग्राम दिया जाता है राशन
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चे के छह माह की आयु होने से पहले उसकी मां के पोषण और छह माह के बाद बच्चे के पोषण के लिए राशन सामग्री दी जाती है। इसमें प्रत्येक बच्चे को 100 ग्राम राशन प्रतिदिन दिया जाता है। इसी तरह मां का राशन भी निर्धारित है।
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नियमानुसार बंट रहा राशन
जींद के डीपीओ सुमित्रा लाठर ने बताया कि विभाग के अनुसार पोषण पर नौ रुपये पचास पैसे माता को, आठ रुपये बच्चे और 12 रुपये कमजोर बच्चों के पालन पोषण पर ईंधन समेत खर्च किए जाते हैं। मौसम के अनुसार बच्चों और मां के राशन में जरूरी बदलाव किए जाते हैं। हर समय एक जैसा राशन नहीं दिया जाता।
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