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Jind News: चैत्र में सावन की झड़ी, किसानों के लिए परेशानी की घड़ी
Sat, 01 Apr 2023 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 01 Apr 2023 12:22 AM IST
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जींद। चैत्र में सावन की झड़ी से किसानों के सामने परेशानी की घड़ी आ गई है। मार्च माह में कई वर्षों बाद बारिश आफत बन गई है। इसके कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस वर्ष मार्च महीने में जिले में 45 एमएम बारिश हुई है, जो पिछले कई वर्षों के बाद हुई है। 2022 में कोई बारिश नहीं हुई, जबकि 2021 में केवल 7.5 एमएम बारिश हुई थी। वहीं शुक्रवार को भी दिनभर बूंदाबांदी होती रही। कई दिन से मौसम खराब होने के कारण फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। गेहूं की फसल में हर बारिश के बाद नुकसान का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
मार्च महीने में दस मार्च के आसपास बूंदाबांदी हुई थी। 20 मार्च के बाद तो कई बार बारिश हुई। कभी दो दिन रुकने के बाद बारिश हुई तो कभी तीन दिन रुकने के बाद फिर बारिश हुई। इस प्रकार बार-बार बारिश व तेज हवाओं के कारण जिले में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंच गया है। सरसों की जो फसल खेतों में खड़ी है या कटाई हो चुकी है, उसको भी काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल को जिले में 70 से 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है। मार्च महीने के अंतिम पखवाड़े में बारिश के कारण मौसम भी ठंडा रहा। पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष मार्च महीने में न्यूनतम तापमान भी काफी कम रहा। अभी तक 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान नहीं पहुंचा है, जबकि 2022 में मार्च महीने में अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास पहुंच गया था। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 17 डिग्री रहा। पिछले सप्ताह यह 14 डिग्री तक पहुंच गया था। ऐसे में मार्च महीना इस बार ठंडक वाला ही बीत गया।
कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि पांच अप्रैल तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। तीन व पांच अप्रैल को भी बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं चमक व गरज के साथ हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 23 से 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान 15 से 18 के बीच रहेगा। हवा की गति आठ से 16 किलोमीटर के बीच रहेगी।
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साढ़े चार हजार किसान दे चुके हैं शिकायत
क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अब तक जिले के साढ़े चार हजार किसान गेहूं की फसल में नुकसान की शिकायत कर चुके हैं। बीच-बीच में यह पोर्टल बंद भी रहा, लेकिन आज भी इस पर लगातार शिकायतें आ रही हैं। अब तक जिले के इन किसानों के अनुसार उनकी लगभग 30 हजार एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। जुलाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां पहले ही बारिश के पानी के कारण परेशानी रहती है। जुलाना क्षेत्र में जरा सी बारिश के बाद कई दिनों तक पानी भरा रहता है।
जींद में हुई सबसे ज्यादा 12 एमएम बारिश
वीरवार रात को जींद में 12 एमएम बारिश हुई है। इसके अलावा नरवाना में बूंदाबांदी, सफीदों में पांच एमएम, जुलाना में सात, उचाना में बूंदाबांदी, पिल्लूखेड़ा में चार व अलेवा में चार एमएम बारिश हुई है। शुक्रवार को दिनभर भी रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही।
सफीदों में आंधी, बारिश से फिर गिरी फसलें
सफीदों। सफीदों क्षेत्र में बारिश व आंधी से रही-सही रबी फसलें फिर से गिर गई हैं तथा पहले से गिरी फसलों में नुकशान और बढने की आशंका पैदा हो गई है। पिछले सप्ताह तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में गेहूं व सरसों की फसलों में भारी नुकशान हुआ है। सरसों की फसलें जो कटी पड़ी हैं या पककर तैयार हैं उनमें अर्ौ नुकसान हो गया है। स्थानीय अनाज मंडी में बिकने को आई पड़ी सरसों के भीग जाने से इसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है जिसके कारण किसान को भाव कम मिलेगा और बिकने में भी विलम्ब व परेशानी होगी।
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मार्च महीने में दस मार्च के आसपास बूंदाबांदी हुई थी। 20 मार्च के बाद तो कई बार बारिश हुई। कभी दो दिन रुकने के बाद बारिश हुई तो कभी तीन दिन रुकने के बाद फिर बारिश हुई। इस प्रकार बार-बार बारिश व तेज हवाओं के कारण जिले में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंच गया है। सरसों की जो फसल खेतों में खड़ी है या कटाई हो चुकी है, उसको भी काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल को जिले में 70 से 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है। मार्च महीने के अंतिम पखवाड़े में बारिश के कारण मौसम भी ठंडा रहा। पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष मार्च महीने में न्यूनतम तापमान भी काफी कम रहा। अभी तक 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान नहीं पहुंचा है, जबकि 2022 में मार्च महीने में अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास पहुंच गया था। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 17 डिग्री रहा। पिछले सप्ताह यह 14 डिग्री तक पहुंच गया था। ऐसे में मार्च महीना इस बार ठंडक वाला ही बीत गया।
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कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि पांच अप्रैल तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। तीन व पांच अप्रैल को भी बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं चमक व गरज के साथ हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 23 से 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान 15 से 18 के बीच रहेगा। हवा की गति आठ से 16 किलोमीटर के बीच रहेगी।
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साढ़े चार हजार किसान दे चुके हैं शिकायत
क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अब तक जिले के साढ़े चार हजार किसान गेहूं की फसल में नुकसान की शिकायत कर चुके हैं। बीच-बीच में यह पोर्टल बंद भी रहा, लेकिन आज भी इस पर लगातार शिकायतें आ रही हैं। अब तक जिले के इन किसानों के अनुसार उनकी लगभग 30 हजार एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। जुलाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां पहले ही बारिश के पानी के कारण परेशानी रहती है। जुलाना क्षेत्र में जरा सी बारिश के बाद कई दिनों तक पानी भरा रहता है।
जींद में हुई सबसे ज्यादा 12 एमएम बारिश
वीरवार रात को जींद में 12 एमएम बारिश हुई है। इसके अलावा नरवाना में बूंदाबांदी, सफीदों में पांच एमएम, जुलाना में सात, उचाना में बूंदाबांदी, पिल्लूखेड़ा में चार व अलेवा में चार एमएम बारिश हुई है। शुक्रवार को दिनभर भी रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही।
सफीदों में आंधी, बारिश से फिर गिरी फसलें
सफीदों। सफीदों क्षेत्र में बारिश व आंधी से रही-सही रबी फसलें फिर से गिर गई हैं तथा पहले से गिरी फसलों में नुकशान और बढने की आशंका पैदा हो गई है। पिछले सप्ताह तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में गेहूं व सरसों की फसलों में भारी नुकशान हुआ है। सरसों की फसलें जो कटी पड़ी हैं या पककर तैयार हैं उनमें अर्ौ नुकसान हो गया है। स्थानीय अनाज मंडी में बिकने को आई पड़ी सरसों के भीग जाने से इसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है जिसके कारण किसान को भाव कम मिलेगा और बिकने में भी विलम्ब व परेशानी होगी।