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Jind News: नागरिक अस्पताल में बंदरों ने फाड़े रिकॉर्ड, कंप्यूटर और फर्नीचर को भी पहुंचाया नुकसान

Mon, 15 Jun 2026 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:54 PM IST
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Monkeys tore up records, damaged computers and furniture at the Civil Hospital.
15जेएनडी03: नागरिक अस्पताल में बंदरों द्वारा नष्ट किया गया अकाउंट ब्रांच का रिकार्ड। स्रोत: कर्
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। नागरिक अस्पताल में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल परिसर में सैकड़ों बंदरों के झुंड के कारण मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ 44 बार जिला प्रशासन और नगर परिषद को लिखित शिकायत भेज चुका है लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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रविवार रात बंदरों ने अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय स्थित अकाउंट शाखा में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। बंदरों ने कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड फाड़ दिए, कंप्यूटरों को नुकसान पहुंचाया और कुर्सियों और पर्दों को भी तहस-नहस कर दिया।
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सोमवार सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। कई जरूरी दस्तावेज क्षतिग्रस्त मिले और कार्यालय का सामान बिखरा पड़ा था। यह कोई पहली घटना नहीं है। अस्पताल में आए दिन बंदर मरीजों और कर्मचारियों पर हमला कर रहे हैं। कई बार बंदर वार्डों में घुसकर मरीजों के बिस्तरों तक पहुंच चुके हैं और उन्हें घायल भी कर चुके हैं।
इतना ही नहीं, कई मौकों पर बंदरों ने विभिन्न कमरों में घुसकर कंप्यूटर, फाइलों और अन्य सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बंदरों को पकड़कर अस्पताल परिसर से नहीं हटाया गया तो स्वास्थ्य कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन करने को मजबूर होंगे।
अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर बंदरों का खुलेआम घूमना मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। कई बार बंदर इतने आक्रामक हो जाते हैं कि कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के लिए कमरों के दरवाजे बंद करने पड़ते हैं। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों में भी बंदरों के डर का माहौल बना रहता है। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
वर्जन
अस्पताल परिसर से बंदरों को पकड़ने के लिए 44 बार रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं। न तो बंदर पकड़ने वाली टीम ने प्रभावी कार्रवाई की और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया। बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। बंदर पकड़ने वाली विशेष टीम को तत्काल अस्पताल भेजा जाए और सभी बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए। अस्पताल में सुरक्षित माहौल होना जरूरी है ताकि चिकित्सक और कर्मचारी निर्बाध रूप से मरीजों का उपचार कर सकें और मरीजों को भी बंदरों के आतंक से राहत मिल सके। -राममेहर वर्मा, प्रधान स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ

बाक्स
नागरिक अस्पताल में बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलवाने के लिए नगर परिषद को निर्देश दिए जाएंगे। जल्द ही यहां स्टाफ और मरीजों को बंदरों से राहत दिलाई जाएगी। -डॉ. वैशाली शर्मा, डीसी जींद

15जेएनडी03: नागरिक अस्पताल में बंदरों द्वारा नष्ट किया गया अकाउंट ब्रांच का रिकार्ड। स्रोत: कर्

15जेएनडी03: नागरिक अस्पताल में बंदरों द्वारा नष्ट किया गया अकाउंट ब्रांच का रिकार्ड। स्रोत: कर्

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