फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Monkeys are causing havoc at the civil hospital, troubling patients and staff.

Jind News: नागरिक अस्पताल में बंदरों का आतंक, मरीजों और कर्मचारी परेशान

Thu, 01 Jan 2026 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:18 AM IST
विज्ञापन
Monkeys are causing havoc at the civil hospital, troubling patients and staff.
31जेएनडी38-नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग पर बैठे बंदर। संवाद - फोटो : सर्दी और हवाओं से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनकर जाते लोग।
नरवाना। शहर के नागरिक अस्पताल में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदर अस्पताल की खिड़कियों, छतों और पर्ची काउंटर के आसपास मंडराते रहते हैं। मरीजों और कर्मचारियों में डर का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए आने वाले मरीज जब खिड़की के पास खड़े होते हैं, तभी बंदर अचानक काउंटर के ऊपर लगे छज्जों और शेड पर चढ़ जाते हैं। कई बार बंदर अचानक नीचे कूदकर मरीजों की ओर दौड़ पड़ते हैं। मरीज अपनी पर्ची और सामान छोड़कर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने को मजबूर हो जाते हैं।
विज्ञापन

अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक परेशान हैं। बंदरों की मौजूदगी के कारण डर में रहते हैं और उन्हें हर समय अनहोनी का डर सताता रहता है। बंदर खाने-पीने का सामान छीन लेते हैं और हमला करने की कोशिश भी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल स्टाफ का कहना है कि बंदरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है लेकिन अब यह और गंभीर होती जा रही है। कर्मचारियों को भी अपने कार्य के दौरान सतर्क रहना पड़ता है। कई बार बंदर अस्पताल की खिड़कियों और कमरों में घुसने की कोशिश करते हैं जिससे मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आमजन ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि नागरिक अस्पताल में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
नप को बंदरों को पकड़ने का टेंडर लगाना चाहिए
संदीप, नरेंद्र, विकास, राममेहर का कहना है कि कई महीने पहले शहर में नगर परिषद की ओर से बंदर पकड़ने का टेंडर लगाया गया था और काफी बंदर पकड़े भी गए थे। काफी बंदर तो नागरिक अस्पताल परिसर से ही पकड़े गए थे लेकिन अब दोबारा से फिर बंदरों की संख्या बढ़ गई है तो नगर परिषद को दोबारा बंदरों को पकड़ने का टेंडर लगाना चाहिए ताकि इस समस्या से निजात मिल सके। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की स्थिति बेहद चिंताजनक है।


वर्जन

नगर परिषद में एमई और एक्सईएन के पद खाली है। इस कारण काफी टेंडर अटके हुए हैं जैसे ही पद भर जाते हैं तो तुरंत प्रभाव से बंदरों की समस्या को लेकर टेंडर लगाया जाएगा।
-मुकेश मिर्धा, चेयरपर्सन, नगर परिषद नरवाना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed