{"_id":"62dee8f9b2e12f3b625d4055","slug":"monkeypox-claims-of-preparedness-to-deal-no-system-of-investigation-jind-news-rtk6533513163","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंकीपॉक्स: निपटने की तैयारी का दावा, जांच की भी नहीं व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंकीपॉक्स: निपटने की तैयारी का दावा, जांच की भी नहीं व्यवस्था
विज्ञापन
स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत करती सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। दिल्ली में मंकीपॉक्स वायरस की दस्तक के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार को सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि नए वायरस के प्रति ढील कतई सहन नहीं होगी। फिलहाल जिले में इसका कोई मामला सामने नहीं है। जिला स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल इस वायरस की जांच की भी सुविधा नहीं है।
एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने बताया कि मंकीपॉक्स एक प्रकार का चिकनगुनिया जैसा ही वायरस है। यह खतरनाक नहीं है लेकिन इसे हलके में भी नहीं लिया जा सकता। यह किसी व्यक्ति के घाव से सीधे संपर्क में आने पर फैल सकता है। अमूमन यह जानवरों से फैलने वाला वायरस है। फिलहाल यह 80 देशों में फैल चुका है। दिल्ली में भी एक मामला सामने आ चुका है। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी जानवर के संपर्क नहीं आएं। यदि किसी जानवर को घाव है तो उससे दूर ही रहें। नागरिक अस्पताल में पुरानी बिल्डिंग में कोरोना वार्ड है, उसी में एक कमरे को खाली करके मंकीपॉक्स के लिए रिजर्व कर दिया गया है। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह सावधान रहें। डॉ. गोयल ने बताया कि फिलहाल मंकीपॉक्स की जांच सुविधा जींद में नहीं है। यदि किसी व्यक्ति में कोई लक्षण दिखाई दिए तो उसका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
मंकीपॉक्स के बारे में स्वास्थ्य निदेशालय से गाइडलाइन मिली थी। सभी सरकारी चिकित्सकों व निजी चिकित्सकों को इससे अवगत करवा दिया गया है। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट रखा गया है। कोई भी संभावित मरीज मिले तो तुरंत उसका सैंपल करवाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। जींद में फिलहाल जांच की सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन
विज्ञापन
एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने बताया कि मंकीपॉक्स एक प्रकार का चिकनगुनिया जैसा ही वायरस है। यह खतरनाक नहीं है लेकिन इसे हलके में भी नहीं लिया जा सकता। यह किसी व्यक्ति के घाव से सीधे संपर्क में आने पर फैल सकता है। अमूमन यह जानवरों से फैलने वाला वायरस है। फिलहाल यह 80 देशों में फैल चुका है। दिल्ली में भी एक मामला सामने आ चुका है। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी जानवर के संपर्क नहीं आएं। यदि किसी जानवर को घाव है तो उससे दूर ही रहें। नागरिक अस्पताल में पुरानी बिल्डिंग में कोरोना वार्ड है, उसी में एक कमरे को खाली करके मंकीपॉक्स के लिए रिजर्व कर दिया गया है। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह सावधान रहें। डॉ. गोयल ने बताया कि फिलहाल मंकीपॉक्स की जांच सुविधा जींद में नहीं है। यदि किसी व्यक्ति में कोई लक्षण दिखाई दिए तो उसका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
विज्ञापन
मंकीपॉक्स के बारे में स्वास्थ्य निदेशालय से गाइडलाइन मिली थी। सभी सरकारी चिकित्सकों व निजी चिकित्सकों को इससे अवगत करवा दिया गया है। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट रखा गया है। कोई भी संभावित मरीज मिले तो तुरंत उसका सैंपल करवाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। जींद में फिलहाल जांच की सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन