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Jind News: मनरेगा मजदूरों ने मांगी `700 मजदूरी
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31जेएनडी25-मांगों को लेकर बाजार में प्रदर्शन करते मनरेगा के मजदूर। संवाद
जुलाना। मनरेगा श्रमिक और खेत मजदूर यूनियन ने संयुक्त रूप से मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय पर मनरेगा मजदूरों की मांगों एवं समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री के नाम बीडीपीओ प्रतीक कुमार को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले लेबर शैड में मनरेगा मजदूरों की जनसभा हुई।
इसकी अध्यक्षता मनरेगा श्रमिक यूनियन के नेता सुरेश करसोला और खेत मजदूर यूनियन के नेता सूरजभान खरेंटी ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान सीटू जिला सचिव का. कपूर सिंह और का. रमेशचंद्र ने बताया कि खंड जुलाना में मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार फैला हुआ हैं। मनरेगा मजदूरों की प्रतिदिन 374 रुपये है लेकिन जुलाना में जान बूझकर मजदूरी कम दी जाती है।
यह सब पंचायत अभियंता द्वारा पैमाइश करके मस्ट्रोल व एमबी भरने के बावजूद बाद में कटौती की जाती हैं। जुलाना ब्लॉक के गांव अकालगढ़, लिजवाना कलां, खरेंटी, देवरड़, फतेहगढ़, पोली, किलाजरगढ़ में कम मजदूरी दी गई है।
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इसके अलावा कानून में गांव से पांच किलोमीटर दूर जाने पर दस प्रतिशत किराया मिलता हैं लेकिन जुलाना में यह किराया नहीं मिल रहा। काम मांगने के बावजूद मजदूरों को काम नहीं दिया जाता और न ही बेरोजगारी भत्ता दिया जाता। उन्होंने मांग की कि 200 दिन काम व 700 रुपये मजदूरी दी जाए। काम के दौरान मृत्यु होने पर मनरेगा मजदूर के परिवार को दस लाख मुआवजा दिया जाए। मनरेगा के बजट में बढ़ोतरी की जाए। किए गए काम की पूरी मजदूरी दी जाए। जिओ टैग हाजिरी पर रोक लगाई जाए। इस दौरान दीनदयाल, गुलाब, दलबीर, कुलदीप, सुभाष पांचाल, सुल्तान जांगड़ा, पृथ्वी, राजेश, पवन, बिट्टू मौजूद रहे।
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इसकी अध्यक्षता मनरेगा श्रमिक यूनियन के नेता सुरेश करसोला और खेत मजदूर यूनियन के नेता सूरजभान खरेंटी ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान सीटू जिला सचिव का. कपूर सिंह और का. रमेशचंद्र ने बताया कि खंड जुलाना में मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार फैला हुआ हैं। मनरेगा मजदूरों की प्रतिदिन 374 रुपये है लेकिन जुलाना में जान बूझकर मजदूरी कम दी जाती है।
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यह सब पंचायत अभियंता द्वारा पैमाइश करके मस्ट्रोल व एमबी भरने के बावजूद बाद में कटौती की जाती हैं। जुलाना ब्लॉक के गांव अकालगढ़, लिजवाना कलां, खरेंटी, देवरड़, फतेहगढ़, पोली, किलाजरगढ़ में कम मजदूरी दी गई है।
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इसके अलावा कानून में गांव से पांच किलोमीटर दूर जाने पर दस प्रतिशत किराया मिलता हैं लेकिन जुलाना में यह किराया नहीं मिल रहा। काम मांगने के बावजूद मजदूरों को काम नहीं दिया जाता और न ही बेरोजगारी भत्ता दिया जाता। उन्होंने मांग की कि 200 दिन काम व 700 रुपये मजदूरी दी जाए। काम के दौरान मृत्यु होने पर मनरेगा मजदूर के परिवार को दस लाख मुआवजा दिया जाए। मनरेगा के बजट में बढ़ोतरी की जाए। किए गए काम की पूरी मजदूरी दी जाए। जिओ टैग हाजिरी पर रोक लगाई जाए। इस दौरान दीनदयाल, गुलाब, दलबीर, कुलदीप, सुभाष पांचाल, सुल्तान जांगड़ा, पृथ्वी, राजेश, पवन, बिट्टू मौजूद रहे।