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Jind News: दुग्ध सप्लायरों ने वीटा प्लांट से नहीं निकलने दिए वाहन, सप्लाई बाधित
Sat, 17 Feb 2024 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 17 Feb 2024 12:55 AM IST
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16जेएनडी09: धरने पर बैठे किसानों को समझाते हुए पुलिस कर्मचारी। संवाद।
जींद। दूध सप्लाई का बकाया भुगतान के लिए सप्लायरों ने शुक्रवार को भी वीटा प्लांट के गेट पर ताला लगाकर दूसरे दिन भी धरना दिया। दुग्ध सप्लायरों ने किसी भी वाहन को न अंदर जाने दिया और न ही किसी वाहन को बाहर आने दिया। इससे वीरवार रात को 45 हजार लीटर दूध की सप्लाई जिले समेत आसपास के शहरों में नहीं हो सकी। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम पांच बजे उनको जल्द भुगतान का आश्वासन मिला। इसके बाद उन्होंने हड़ताल खत्म कर दी।
शहर में शुक्रवार सुबह किसी भी दुकान पर दूध, पनीर, घी समेत वीटा का कोई भी उत्पाद नहीं पहुंचा। वीटा प्लांट को दुग्ध सप्लायरों के तीन माह का भुगतान करना है। यह अदायगी लगभग 85 करोड़ रुपये है। इसकी मांग को लेकर लगभग दस दिन पहले भी दुग्ध सप्लायरों ने प्लांट के गेट पर धरना देकर वीटा प्रशासन को चेताया था, पर वीटा इनका भुगतान नहीं कर सका। इससे दुग्ध सप्लायरों ने पेमेंट की मांग को लेकर दोबारा से अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया था।
वीटा प्लांट को दुग्ध सप्लायरों को भुगतान करने में सरकारी विभागों की लापरवाही है। वीटा प्लांट से मिड-डे मील व आंगनबाड़ी केंद्रों को जो उत्पाद भेजे हैं उनका 140 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। इससे प्लांट का बजट बिगड़ गया है। बताया भुगतान के लिए प्लांट सरकारी विभागों से कई बार पत्राचार कर चुका है, लेकिन दोनों विभागों ने अभी तक अदायगी नहीं की। इससे अब दुग्ध सप्लायरों को पेमेंट देने के लिए वीटा प्लांट के पास पैसा नहीं है। इसके कारण दुग्ध सप्लायरों तथा वीटा प्लांट प्रशासन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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बाक्स
पहले दिया था 10 फरवरी तक भुगतान का आश्वासन
वीटा प्लांट प्रशासन ने दुग्ध सप्लायरों को आश्वासन दिया था कि 10 फरवरी तक उनकी पूरी पेमेंट कर दी जाएगी। इसके बावजूद भी भुगतान नहीं हो पाया। इस पर दुग्ध सप्लायरों ने वीटा प्लांट के सामने पहुंचे और ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया। वीटा प्लांट प्रतिदिन ढाई लाख लीटर दूध सप्लायों से खरीदता है। दुग्ध सप्लायरों की मांग है कि उनकी अदायगी जल्द करवाई जाए।
बाक्स रोहतक और सिरसा के प्लांट से करवाई सप्लाई
वीटा प्लांट में प्रतिदिन होने वाले दूध व अन्य उत्पादों की मांग को शुक्रवार दिन में पूरा करवाया गया। इसके लिए इस मांग को रोहतक व सिरसा से एजेंसियों व दुकानों पर पहुंचाया, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वीटा प्लांट प्रशासन का प्रयास है कि दुग्ध सप्लायरों को उनकी अदायगी जारी की जाए। इसके लिए मिड-डे मील व आंगनबाड़ी केंद्रों के मुख्यालय से भी बातचीत चल रही है। धरने पर बैठे दुग्ध सप्लायरों को मनाने का प्रयास भी जारी है। -नरेंद्र धानिया, सीईओ, वीटा प्लांट, जींद।
फोटो कैप्शन
16जेएनडी 09: धरने पर बैठे दुग्ध सप्लायरों को समझाते पुलिस कर्मचारी। संवाद
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शहर में शुक्रवार सुबह किसी भी दुकान पर दूध, पनीर, घी समेत वीटा का कोई भी उत्पाद नहीं पहुंचा। वीटा प्लांट को दुग्ध सप्लायरों के तीन माह का भुगतान करना है। यह अदायगी लगभग 85 करोड़ रुपये है। इसकी मांग को लेकर लगभग दस दिन पहले भी दुग्ध सप्लायरों ने प्लांट के गेट पर धरना देकर वीटा प्रशासन को चेताया था, पर वीटा इनका भुगतान नहीं कर सका। इससे दुग्ध सप्लायरों ने पेमेंट की मांग को लेकर दोबारा से अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया था।
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वीटा प्लांट को दुग्ध सप्लायरों को भुगतान करने में सरकारी विभागों की लापरवाही है। वीटा प्लांट से मिड-डे मील व आंगनबाड़ी केंद्रों को जो उत्पाद भेजे हैं उनका 140 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। इससे प्लांट का बजट बिगड़ गया है। बताया भुगतान के लिए प्लांट सरकारी विभागों से कई बार पत्राचार कर चुका है, लेकिन दोनों विभागों ने अभी तक अदायगी नहीं की। इससे अब दुग्ध सप्लायरों को पेमेंट देने के लिए वीटा प्लांट के पास पैसा नहीं है। इसके कारण दुग्ध सप्लायरों तथा वीटा प्लांट प्रशासन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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पहले दिया था 10 फरवरी तक भुगतान का आश्वासन
वीटा प्लांट प्रशासन ने दुग्ध सप्लायरों को आश्वासन दिया था कि 10 फरवरी तक उनकी पूरी पेमेंट कर दी जाएगी। इसके बावजूद भी भुगतान नहीं हो पाया। इस पर दुग्ध सप्लायरों ने वीटा प्लांट के सामने पहुंचे और ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया। वीटा प्लांट प्रतिदिन ढाई लाख लीटर दूध सप्लायों से खरीदता है। दुग्ध सप्लायरों की मांग है कि उनकी अदायगी जल्द करवाई जाए।
बाक्स रोहतक और सिरसा के प्लांट से करवाई सप्लाई
वीटा प्लांट में प्रतिदिन होने वाले दूध व अन्य उत्पादों की मांग को शुक्रवार दिन में पूरा करवाया गया। इसके लिए इस मांग को रोहतक व सिरसा से एजेंसियों व दुकानों पर पहुंचाया, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वीटा प्लांट प्रशासन का प्रयास है कि दुग्ध सप्लायरों को उनकी अदायगी जारी की जाए। इसके लिए मिड-डे मील व आंगनबाड़ी केंद्रों के मुख्यालय से भी बातचीत चल रही है। धरने पर बैठे दुग्ध सप्लायरों को मनाने का प्रयास भी जारी है। -नरेंद्र धानिया, सीईओ, वीटा प्लांट, जींद।
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16जेएनडी 09: धरने पर बैठे दुग्ध सप्लायरों को समझाते पुलिस कर्मचारी। संवाद