{"_id":"5ec02c4b8ebc3ee0a3019ba1","slug":"migrants-rush-to-get-medical-to-go-home-jind-news-rtk555281641","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर जाने के लिए मेडिकल करवाने उमड़े प्रवासी, 700 का जांचा स्वास्थ्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर जाने के लिए मेडिकल करवाने उमड़े प्रवासी, 700 का जांचा स्वास्थ्य
विज्ञापन
मेडिकल करवाने के लिए लाइन में लगे प्रवासी।
- फोटो : Jind
कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को घर भेजने के लिए अभियान जोरों पर है। शनिवार को जिले में 700 लोगों ने मेडिकल करवाया, जिन्हें रविवार को रोडवेज की बस से उनके गृह जिला भेजा जाएगा। इसके लिए राजकीय कॉलेज में दिनभर काफी भीड़ रही।
गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते काम धंधे बंद होने पर प्रवासी मजदूर अपने घरों का रुख कर रहे हैं। ऐेसे में उन्हें भेजने के लिए प्रशासन ने पहले पंजीकरण किया है और इसके बाद उन्हें भेजने की व्यवस्था की जा रही है। बिहार के लोगों को पहले भेजा जा चुका है और अब उत्तर प्रदेश के लोगों को भेजा जा रहा है। रविवार को घर जाने वालों में 480 लोग जींद में है और 220 लोग नरवाना व उचाना में हैं।
घर जाएंगे आगे का कुछ नहीं पता
अपने 18 दिन के बच्चे के साथ मेडिकल करवाने पहुंची उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला के रोशनपुरा गांव निवासी नीतू के अनुसार उनका परिवार जींद में ट्रांसपोर्ट में काम करता था। अब काम धंधे बंद हो गए हैं। ऐसे में अपने घर जा रहे हैं। फिलहाल कुछ नहीं पता जिंदगी कैसे चलेगी अब घर जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
बहुत कष्ट सहा है
लॉकडाउन के दौरान हालांकि प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं ने बहुत मदद की है, लेकिन काम नहीं मिलने के चलते बहुत कष्ट सहा है। सिर्फ खाना ही सब कुछ नहीं है। अन्य जरूरतें भी होती हैं। ऐसे में फिलहाल अपने घर जा रहे हैं।
मीरा, आजमगढ़।
जिन लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया है, उनको फोन कर मेडिकल के लिए बुलाया जा रहा है। यहां से सभी रविवार को उनके गृह जिला तक भेजा जाएगा। इसकी सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। जींद में 480 व नरवाना और उचाना में 220 लोग हैं।
मनोज कुमार, तहसीलदार।
विज्ञापन
गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते काम धंधे बंद होने पर प्रवासी मजदूर अपने घरों का रुख कर रहे हैं। ऐेसे में उन्हें भेजने के लिए प्रशासन ने पहले पंजीकरण किया है और इसके बाद उन्हें भेजने की व्यवस्था की जा रही है। बिहार के लोगों को पहले भेजा जा चुका है और अब उत्तर प्रदेश के लोगों को भेजा जा रहा है। रविवार को घर जाने वालों में 480 लोग जींद में है और 220 लोग नरवाना व उचाना में हैं।
विज्ञापन
घर जाएंगे आगे का कुछ नहीं पता
अपने 18 दिन के बच्चे के साथ मेडिकल करवाने पहुंची उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला के रोशनपुरा गांव निवासी नीतू के अनुसार उनका परिवार जींद में ट्रांसपोर्ट में काम करता था। अब काम धंधे बंद हो गए हैं। ऐसे में अपने घर जा रहे हैं। फिलहाल कुछ नहीं पता जिंदगी कैसे चलेगी अब घर जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
बहुत कष्ट सहा है
लॉकडाउन के दौरान हालांकि प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं ने बहुत मदद की है, लेकिन काम नहीं मिलने के चलते बहुत कष्ट सहा है। सिर्फ खाना ही सब कुछ नहीं है। अन्य जरूरतें भी होती हैं। ऐसे में फिलहाल अपने घर जा रहे हैं।
मीरा, आजमगढ़।
जिन लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया है, उनको फोन कर मेडिकल के लिए बुलाया जा रहा है। यहां से सभी रविवार को उनके गृह जिला तक भेजा जाएगा। इसकी सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। जींद में 480 व नरवाना और उचाना में 220 लोग हैं।
मनोज कुमार, तहसीलदार।

अपने बच्चे के साथ मेडिकल करवाने के लिए लाइन में लगी मीरा।- फोटो : Jind