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Jind News: मानदेय नहीं मिलने के विरोध में मिड-डे मील कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
Sat, 09 Sep 2023 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 09 Sep 2023 11:51 PM IST
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09जेएनडी20: मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन करते हुए मिड-डे मील वर्कर्स। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर शनिवार को कार्यकर्ताओं ने चार महीने से मानदेय न मिलने के विरोध में शहर में प्रदर्शन किया और जिला प्राथमिक अधिकारी कार्यालय पर रोष जताया।
प्रदर्शन से पहले जिलाभर की मिड-डे मील कार्यकर्ता नेहरू पार्क में कार्यकारी प्रधान कैलाश की अध्यक्षता में एकत्रित हुई। बैठक का संचालन जिला सचिव सुनीता ने किया। राज्य अध्यक्ष सरोज दुजाना ने कहा कि प्रदेशभर में कार्यरत लगभग 28 हजार मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को पिछले चार महीने का मानदेय नहीं मिला है। वर्दी भत्ता 600 रुपये की बजाए 2000 रुपये देने, 12 महीने का मानदेय देने, बच्चों के भोजन की कुकिंग कॉस्ट बढ़ाने व अन्य मांगों व समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा है। सरकार वर्करों की समस्याओं के समाधान की बजाय उनको और उलझा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में कार्यरत तमाम मिड-डे मील वर्कर्स को पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मंत्री से राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे मील (एमडीएम) के राशन में शिक्षा विभाग द्वारा की गई कटौती के बारे में भी बात हुई।
कहा कि नई रेसिपी में 500 ग्राम रिफाइंड में 10 किलो आटे के गुलगुले कैसे तैयार किए जा सकते हैं। जो मात्रा तय की है, उससे पकवान बनाना आसान नहीं है। सरकार के तय किए राशन से 10 बच्चों के लिए भी भोजन तैयार नहीं हो पा रहा है। इसी तरह से 500 ग्राम रिफाइंड से 10 किलो आटे का हलवा कैसे बना सकते हैं। 10 किलो आटे की पूरी बनाने के लिए चार से पांच लीटर रिफाइंड की जरूरत होती है। इसलिए रेसिपी के इस नए चार्ट में बहुत खामियां हैं। सरकार ने इस चार्ट को किसी स्पेशलिस्ट हलवाई की सलाह के बगैर स्कूलों पर थोप दिया है। इसका खामियाजा अध्यापक व कुक भुगत रही हैं। यूनियन नेताओं ने सरकार से रेसिपी की कोस्ट बढ़ाने की मांग की और साथ में चेतावनी भी देते हुए कहा कि अगर मिड-डे मील कार्यकर्ताओं की लंबित मांगों व समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया तो शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में रैली का आयोजन किया जाएगा और रैली के मंच से ही बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। इस मौके पर कमलेश जुलाना, सरला, रचना, कविता, पिंकी, सुनीता, अनीता, रानी, पिंकी, मुकेश सहत अनेक वर्कर्स मौजूद रहीं।
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जींद। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर शनिवार को कार्यकर्ताओं ने चार महीने से मानदेय न मिलने के विरोध में शहर में प्रदर्शन किया और जिला प्राथमिक अधिकारी कार्यालय पर रोष जताया।
प्रदर्शन से पहले जिलाभर की मिड-डे मील कार्यकर्ता नेहरू पार्क में कार्यकारी प्रधान कैलाश की अध्यक्षता में एकत्रित हुई। बैठक का संचालन जिला सचिव सुनीता ने किया। राज्य अध्यक्ष सरोज दुजाना ने कहा कि प्रदेशभर में कार्यरत लगभग 28 हजार मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को पिछले चार महीने का मानदेय नहीं मिला है। वर्दी भत्ता 600 रुपये की बजाए 2000 रुपये देने, 12 महीने का मानदेय देने, बच्चों के भोजन की कुकिंग कॉस्ट बढ़ाने व अन्य मांगों व समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा है। सरकार वर्करों की समस्याओं के समाधान की बजाय उनको और उलझा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में कार्यरत तमाम मिड-डे मील वर्कर्स को पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मंत्री से राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे मील (एमडीएम) के राशन में शिक्षा विभाग द्वारा की गई कटौती के बारे में भी बात हुई।
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कहा कि नई रेसिपी में 500 ग्राम रिफाइंड में 10 किलो आटे के गुलगुले कैसे तैयार किए जा सकते हैं। जो मात्रा तय की है, उससे पकवान बनाना आसान नहीं है। सरकार के तय किए राशन से 10 बच्चों के लिए भी भोजन तैयार नहीं हो पा रहा है। इसी तरह से 500 ग्राम रिफाइंड से 10 किलो आटे का हलवा कैसे बना सकते हैं। 10 किलो आटे की पूरी बनाने के लिए चार से पांच लीटर रिफाइंड की जरूरत होती है। इसलिए रेसिपी के इस नए चार्ट में बहुत खामियां हैं। सरकार ने इस चार्ट को किसी स्पेशलिस्ट हलवाई की सलाह के बगैर स्कूलों पर थोप दिया है। इसका खामियाजा अध्यापक व कुक भुगत रही हैं। यूनियन नेताओं ने सरकार से रेसिपी की कोस्ट बढ़ाने की मांग की और साथ में चेतावनी भी देते हुए कहा कि अगर मिड-डे मील कार्यकर्ताओं की लंबित मांगों व समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया तो शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में रैली का आयोजन किया जाएगा और रैली के मंच से ही बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। इस मौके पर कमलेश जुलाना, सरला, रचना, कविता, पिंकी, सुनीता, अनीता, रानी, पिंकी, मुकेश सहत अनेक वर्कर्स मौजूद रहीं।
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