{"_id":"660707c0b7dfded3d50083d1","slug":"meditation-is-the-essential-medicine-to-overcome-depression-subhadra-muni-maharaj-jind-news-c-199-1-jnd1001-115009-2024-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिप्रेशन दूर करने की शर्तिया दवा है ध्यान : सुभद्र मुनि महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिप्रेशन दूर करने की शर्तिया दवा है ध्यान : सुभद्र मुनि महाराज
Fri, 29 Mar 2024 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 29 Mar 2024 11:56 PM IST
विज्ञापन
उचाना। श्रीएसएस जैन सभा स्थानक उचाना में उत्तर भारतीय प्रवर्तक गुरूदेव सुभद्र मुनि महाराज ने कहा कि आज का युग आधुनिक है। कंप्यूटर नवीनतम उपकरण है तो ध्यान प्राचीनतम पद्धति है। कंप्यूटर ने पूरे विश्व को अपने में समेटा तो ध्यान ने समग्र जीवन का बारिकी से दर्शन करवाया। जिस तरह से कंप्यूटर बड़े-बड़े प्रश्नों को मिनटों में हल करने की ताकत रखता है तो ध्यान भी तन, मन की कठिनतम समस्याओं को परेशानियों से सुलझाने की क्षमता अपने में रखता हैं।
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर का मूल अर्थ है गिनने वाला। वैसे ही गणित के द्वारा भी ध्यान होता है। मानव जितना गणित में पारंपगत होगा उतना ध्यान करने में समर्थ होगा। ध्यान करने के अनेकोनेक फायदे हैं। आजकल भारतवर्ष में तनाव की, डिप्रेशन की बीमारी अपनी जड़ें फैला रही हैं। उसे खत्म करने का जड़ से मिटाने का एक ही साधन है वो है ध्यान। आज मानव अपनी समस्याओं को भीतर ही भीतर दबाए रखता है तभी तो अवसाद का शिकार हो जाता है।
ध्यान करने वाला इन समस्याओं से निजात पा लेता है। जिस तरह तन के लिए भोजन अत्यावश्यक है वैसे ही मन की शांति के लिए ध्यान बहुत जरूरी है। जब मानव ध्यान की बारीकी में पहुंच जाएगा तब वो संसार, आत्मा को भिन्न-भिन्न देखेगा। प्रभु महावीर ने ध्यान के माध्यम से ही केवल ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) की प्राप्ति की थी। बड़े-बड़े पर्वतारोही, अंतरिक्ष में जाने वाले साइंसटिस्ट ध्यान योग पद्धति सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को योग पद्धति जरूर सीखनी चाहिए, क्योंकि ध्यान भी एक औषधि है। आज बोलने वाले का जमाना है। हर कोई बोलना चाहता है। सुनने को यहां कोई राजी नहीं है। सभी सुनाने को आतुर है। ज्याद बोलना बहस, विवाद, तनाव और झगड़े को निमंत्रण देना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर का मूल अर्थ है गिनने वाला। वैसे ही गणित के द्वारा भी ध्यान होता है। मानव जितना गणित में पारंपगत होगा उतना ध्यान करने में समर्थ होगा। ध्यान करने के अनेकोनेक फायदे हैं। आजकल भारतवर्ष में तनाव की, डिप्रेशन की बीमारी अपनी जड़ें फैला रही हैं। उसे खत्म करने का जड़ से मिटाने का एक ही साधन है वो है ध्यान। आज मानव अपनी समस्याओं को भीतर ही भीतर दबाए रखता है तभी तो अवसाद का शिकार हो जाता है।
विज्ञापन
ध्यान करने वाला इन समस्याओं से निजात पा लेता है। जिस तरह तन के लिए भोजन अत्यावश्यक है वैसे ही मन की शांति के लिए ध्यान बहुत जरूरी है। जब मानव ध्यान की बारीकी में पहुंच जाएगा तब वो संसार, आत्मा को भिन्न-भिन्न देखेगा। प्रभु महावीर ने ध्यान के माध्यम से ही केवल ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) की प्राप्ति की थी। बड़े-बड़े पर्वतारोही, अंतरिक्ष में जाने वाले साइंसटिस्ट ध्यान योग पद्धति सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को योग पद्धति जरूर सीखनी चाहिए, क्योंकि ध्यान भी एक औषधि है। आज बोलने वाले का जमाना है। हर कोई बोलना चाहता है। सुनने को यहां कोई राजी नहीं है। सभी सुनाने को आतुर है। ज्याद बोलना बहस, विवाद, तनाव और झगड़े को निमंत्रण देना है।
विज्ञापन