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Jind News: काब्रच्छा में मंडी, पर नहीं होती धान की खरीद
Wed, 18 Sep 2024 02:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 18 Sep 2024 02:42 AM IST
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जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी से काब्रच्छा गांव में मंडी शुरू करवाने की मांग को लेकर पहुंचे ग्
जींद। काब्रच्छा गांव में धान के सीजन में मंडी शुरू करवाने की मांग को लेकर गांव के लोगों ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 20 वर्ष से उनके गांव में अनाज मंडी बनी हुई है। मंडी बनने के बाद कई साल तक यहां पर गेहूं और धान की खरीद होती रही, मगर अब केवल गेहूं खरीदा जाता है। उनकी मांग है कि धान की भी खरीद शुरू करवाई जाए, ताकि उनको दूर न जाना पड़े।
गांव के कार्यवाहक सरपंच ईश्वर सिंह, हरिकेश, रामकुमार, सुरेश, सुरजमल, प्रदीप, संजीव व रघबीर ने बताया कि उनके गांव के अलावा आसपास के दर्जनभर गांवों को धान बेचन के लिए उचाना मंडी जाना पड़ता है। इससे उनका खर्च ज्यादा आता है। दूसरा धान की कटाई के साथ गेहूं की बिजाई का समय होता है। इसके लिए समय का अभाव होता है। दूर की मंडियों में कई दिन तक धान नहीं बिकने के कारण उनको अपना काम छोड़कर मंडियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि जब उनके गांव में मंडी बनी, तो कई वर्ष तक गेहूं, कपास व धान समेत सभी फसलों की खरीद यहीं पर की जाती थी। इसके बाद क्षेत्र में कई साल तक धान नहीं होने के कारण मंडी को धान के समय बंद कर दिया गया था। अब उनके क्षेत्र में धान की बेहतर पैदावार होने लगी है। इसके लिए उनके गांव की मंडी में धान की खरीद शुरू की जाए, ताकि उनको दूर न जाना पड़े। इससे उनके धन व समय की बचत होगी।
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मुख्यालय को लिखा पत्र
काब्रच्छा गांव में धान के सीजन में मंडी शुरू करवाने के लिए ग्राम पंचायत व किसानों ने उनको मांगपत्र सौंपा था। किसानों की मांग को देखते हुए उन्होंने उनके मांगपत्र को मुख्यालय भेज दिया है। मुख्यालय से जो निर्देश होंगे उनके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। उनको उम्मीद है कि जल्द ही किसानों की मांग को पूरा करवा दिया जाएगा। -राजेश कुमार आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, जींद।
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गांव के कार्यवाहक सरपंच ईश्वर सिंह, हरिकेश, रामकुमार, सुरेश, सुरजमल, प्रदीप, संजीव व रघबीर ने बताया कि उनके गांव के अलावा आसपास के दर्जनभर गांवों को धान बेचन के लिए उचाना मंडी जाना पड़ता है। इससे उनका खर्च ज्यादा आता है। दूसरा धान की कटाई के साथ गेहूं की बिजाई का समय होता है। इसके लिए समय का अभाव होता है। दूर की मंडियों में कई दिन तक धान नहीं बिकने के कारण उनको अपना काम छोड़कर मंडियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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उन्होंने कहा कि जब उनके गांव में मंडी बनी, तो कई वर्ष तक गेहूं, कपास व धान समेत सभी फसलों की खरीद यहीं पर की जाती थी। इसके बाद क्षेत्र में कई साल तक धान नहीं होने के कारण मंडी को धान के समय बंद कर दिया गया था। अब उनके क्षेत्र में धान की बेहतर पैदावार होने लगी है। इसके लिए उनके गांव की मंडी में धान की खरीद शुरू की जाए, ताकि उनको दूर न जाना पड़े। इससे उनके धन व समय की बचत होगी।
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मुख्यालय को लिखा पत्र
काब्रच्छा गांव में धान के सीजन में मंडी शुरू करवाने के लिए ग्राम पंचायत व किसानों ने उनको मांगपत्र सौंपा था। किसानों की मांग को देखते हुए उन्होंने उनके मांगपत्र को मुख्यालय भेज दिया है। मुख्यालय से जो निर्देश होंगे उनके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। उनको उम्मीद है कि जल्द ही किसानों की मांग को पूरा करवा दिया जाएगा। -राजेश कुमार आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, जींद।