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Jind News: मनोहर लाल ने डीसी को एक माह में जांच कर रिपोर्ट भेजने के दिए निर्देश
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25जेएनडी21-बायोगैस प्लांट के मसले में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलता हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने रिहायशी क्षेत्र में बने बायो गैस प्लांट के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार सुबह पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में कई कॉलोनियों के लोगों ने मंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन सौंपा।
केंद्रीय मंत्री ने मामले में डीसी मोहम्मद इमरान रजा को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि एक माह के दौरान प्लांट को लेकर आ रही शिकायत की जांच करवाए और उनके पास रिपोर्ट भेजे।
पार्षद प्रतिनिधि बलबीर श्योराण के नेतृत्व में मा. सेवाराम, नरेश भनवाला, मा. बिजेंद्र दहिया, संजय कालवा, रमेश लाठर, बलवान फौजी, सतबीर कुंडू, जोगेंद्र सिंह, नरेंद्र गौतम ने कहा कि यदि बायोगैस प्लांट बंद नहीं किया गया तो इसके बड़े दुष्प्रभाव सामने आएंगे।
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अभी तो इस प्लांट की शुरूआत है कि लोगों के गले खराब होने लगे है। बायोगैस प्लांट को शिफ्ट कराने के लिए पिछले दो माह से लोग अपना दर्द निकाल रहे है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जांच करवाई जाएगी।
मास्टर सेवाराम ने कहा कि इस मसले में प्रशासन की सोच नकारात्मक है। आम व्यक्ति शासन-प्रशासन से नहीं लड़ सकता। शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। इसलिए ग्राउंड लेवल पर जांच करने से बच रहे हैं।
रिहायशी क्षेत्र में बायो गैस प्लांट लगाने की मंजूरी किसने दी, सबसे पहले ये जांच का विषय है। बड़े उद्योगपति को लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का अधिकार दे दिया गया है।
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जींद। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने रिहायशी क्षेत्र में बने बायो गैस प्लांट के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार सुबह पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में कई कॉलोनियों के लोगों ने मंत्री मनोहर लाल को ज्ञापन सौंपा।
केंद्रीय मंत्री ने मामले में डीसी मोहम्मद इमरान रजा को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि एक माह के दौरान प्लांट को लेकर आ रही शिकायत की जांच करवाए और उनके पास रिपोर्ट भेजे।
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पार्षद प्रतिनिधि बलबीर श्योराण के नेतृत्व में मा. सेवाराम, नरेश भनवाला, मा. बिजेंद्र दहिया, संजय कालवा, रमेश लाठर, बलवान फौजी, सतबीर कुंडू, जोगेंद्र सिंह, नरेंद्र गौतम ने कहा कि यदि बायोगैस प्लांट बंद नहीं किया गया तो इसके बड़े दुष्प्रभाव सामने आएंगे।
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अभी तो इस प्लांट की शुरूआत है कि लोगों के गले खराब होने लगे है। बायोगैस प्लांट को शिफ्ट कराने के लिए पिछले दो माह से लोग अपना दर्द निकाल रहे है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जांच करवाई जाएगी।
मास्टर सेवाराम ने कहा कि इस मसले में प्रशासन की सोच नकारात्मक है। आम व्यक्ति शासन-प्रशासन से नहीं लड़ सकता। शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। इसलिए ग्राउंड लेवल पर जांच करने से बच रहे हैं।
रिहायशी क्षेत्र में बायो गैस प्लांट लगाने की मंजूरी किसने दी, सबसे पहले ये जांच का विषय है। बड़े उद्योगपति को लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का अधिकार दे दिया गया है।